बीजेपी के इतने मौजूदा विधायकों का हो सकता है पत्ता साफ, जानें क्या होगा फैक्टर, दो दिन होगी महाबैठक

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी एक्शन मोड में आ चुकी है. 4 और 5 अक्टूबर को पटना में एक बड़ी बैठक होने वाली है. इसमें सीटों और संभावित उम्मीदवारों पर चर्चा होगी. इस बार कई मौजूदा विधायकों के टिकट कटने की संभावना है.

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों के एलान से पहले बीजेपी ने तैयारियां तेज कर दी है. दशहरे के बाद अब पार्टी सीट बंटवारे की प्रक्रिया शुरू करने जा रही है. इसी क्रम में 4 और 5 अक्टूबर को पटना में बीजेपी की एक बड़ी बैठक होगी. इसमें सीटों और संभावित उम्मीदवारों पर बात होगी.

उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम और चुनाव सह-प्रभारी केशव प्रसाद मौर्य पटना पहुंच चुके हैं. यहां उन्होंने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष हंसराज अहीर, भुवन भूषण कमल, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल के साथ चर्चा की और संगठन की बैठक में चुनावी तैयारियों का जायजा लिया.

बीजेपी साथी दलों से करेगी बात

बीजेपी केवल अपनी इंटरनल सर्वे तक सीमित नहीं है, बल्कि सहयोगी दलों के साथ सीट शेयरिंग पर भी जल्द ही बात करने वाली है. दिल्ली में चिराग पासवान की लोजपा (रा), जीतनराम मांझी की हम पार्टी और उपेंद्र कुशवाहा की रालोमो के साथ होने वाली बैठक की आधिकारिक घोषणा किसी भी वक्त हो सकती है.

सख्त होगी चयन प्रक्रिया

इस बार बीजेपी में उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया काफी सख्त रखी गई है. एक दर्जन से अधिक मौजूदा विधायकों के टिकट काटे जाने की संभावना है. 4-5 अक्टूबर को होने वाली बैठक में चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान, सह प्रभारी केशव प्रसाद मौर्य और सीआर पाटिल, बिहार बीजेपी प्रदेश चीफ दिलीप जायसवाल और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा सीटों और संभावित उम्मीदवारों पर चर्चा करेंगे.

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सभी दल मिलकर तय करेंगे कौन किस सीट से लड़ेगा

इसके बाद दिल्ली में होने वाली बिहार बीजेपी की कोर ग्रुप की बैठक में इस सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा. अंत में केंद्रीय चुनाव समिति नामों पर मुहर लगाएगी. टिकट काटने का मुख्य आधार उन विधायकों को बनाया जा सकता है जिनकी उम्र एक फैक्टर होगी या जिनके खिलाफ जनता में भारी असंतोष है.

टिकट कटने के बनेंगे यह आधार

  • एंटी-इनकंबेंसी और लोगों में असंतोष .
  • संगठन के प्रति सक्रियता और भागीदारी की कमी.
  • स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों की धीमी रफ्तार.
  • विपक्ष को घेरने में नाकामी और कमजोर छवि.
  • जातीय समीकरण और सामाजिक संतुलन.
  • नया चेहरे लाने की रणनीति या बंटवारे में सीट का जाना.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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