तेजस्वी के आरोपों पर मोदी के मंत्री ने दिया जवाब, बोले- 20 साल का लेखा-जोखा लेकर आ रहा हूं

Bihar Politics: बिहार चुनावी सरगर्मी के बीच तेजस्वी यादव और केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय के बीच सवाल-जवाब का दौर शुरू हो गया है. तेजस्वी ने 20 वर्षों के एनडीए शासन पर 12 सवाल खड़े किए तो नित्यानंद राय ने विकास की उपलब्धियों गिनाते हुए पलटवार किया और राजद शासन को जंगलराज करार दिया.

Bihar Politics: बिहार में चुनावी सरगर्मी के बीच सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सवाल-जवाब के जरिए राजनीतिक वार-पलटवार तेज हो गया है. सोमवार की सुबह विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने एनडीए के 20 साल के शासनकाल पर विकास से जुड़े 12 सवाल उठाए. शाम होते-होते केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने सभी सवालों के जवाब पेश किए और तेजस्वी यादव को नसीहत देते हुए कहा कि सवाल पूछने से पहले उन्हें आईना देखना चाहिए.

20 वर्षों में अपार विकास हुआ

नित्यानंद राय ने कहा कि बिहार में एनडीए सरकार के 20 वर्षों में अपार विकास हुआ है लेकिन विपक्ष के नेता को यह दिखाई नहीं देता. उन्होंने कहा कि बिहार आज खाद्य प्रसंस्करण का हब बन चुका है. खगड़िया में प्रिस्टिन मेगा फूड पार्क चालू हो गया है और मुजफ्फरपुर के मोतीपुर में भी मेगा फूड पार्क बनकर तैयार है. सरकार ने मखाना, लीची, केला, आम और चावल जैसे उत्पादों पर आधारित 10000 से अधिक प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित कराईं. इस क्षेत्र में 2000 करोड़ से अधिक निवेश हुआ और आधुनिक टेस्टिंग लैब की वजह से स्थानीय उत्पाद अब वैश्विक बाजार में पहुंच रहे हैं.

नित्यानंद राय ने बताया कि प्रधानमंत्री माइक्रो फूड प्रोसेसिंग योजना के क्रियान्वयन में बिहार पूरे देश में पहले स्थान पर है. वित्तीय वर्ष 2023-24 में 10284 इकाइयों को मंजूरी देकर 158% लक्ष्य हासिल किया गया. वर्ष 2024-25 में 10296 आवेदन स्वीकृत किए गए और 6589 इकाइयों को ऋण भी उपलब्ध कराया गया. इसके अलावा राज्य के 89 स्थानों पर वेजिटेबल फेडरेशन को सहयोग दिया गया. कोल्ड स्टोरेज और गोदामों के निर्माण पर काम जारी है. भागलपुर और बांका में भी वेजिटेबल फेडरेशन की स्थापना हो चुकी है.

पिछले पांच वर्षों में 50 लाख युवाओं को नौकरी दी

रोजगार पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार ने पिछले पांच वर्षों में 50 लाख युवाओं को नौकरी दी है और आने वाले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य है. डेयरी सेक्टर में उपलब्धि का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 2001 में जहां बिहार का प्रति व्यक्ति दूध उपभोग 88 ग्राम था वहीं आज यह बढ़कर 400 ग्राम प्रतिदिन हो गया है. साल 2004-05 में बिहार में दूध का उत्पादन 47.43 लाख टन था जो अब बढ़कर 128.52 लाख टन हो गया है.

नित्यानंद राय ने कहा कि बिहार अब इंडस्ट्रियल क्लस्टर में तब्दील हो चुका है. राज्य में 56 इंडस्ट्रियल एरिया और 12 इंडस्ट्रियल पार्क तैयार हैं. भागलपुरी सिल्क, मधुबनी पेंटिंग और टिकुली आर्ट को जीआई टैग मिल चुका है जिससे 40,000 से अधिक बुनकरों को सीधा लाभ हुआ है. बिहार हैंडलूम ब्रांड के जरिए 100 से अधिक उत्पाद दुबई और यूरोप तक पहुंच चुके हैं.

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हर साल 10 लाख विदेशी पर्यटक आते हैं

पर्यटन के क्षेत्र में भी बिहार ने पहचान बनाई है. बोधगया अब बुद्ध पर्यटन की राजधानी बन चुका है. यहां हर साल 10 लाख विदेशी पर्यटक आते हैं. वर्ष 2023 में 15 लाख घरेलू और 11 लाख विदेशी पर्यटक पहुंचे थे. नित्यानंद राय ने कहा कि पहले नौकरी का मतलब घोटाला होता था लेकिन अब नौकरी मेरिट पर मिल रही है. बीपीएससी और बीएसएससी की परीक्षाएं पूरी तरह पारदर्शी हैं. पिछले पांच वर्षों में 3.5 लाख शिक्षकों, 30000 मेडिकल स्टाफ और 40000 पुलिसकर्मियों की नियुक्ति की गई. साल 2005 में पलायन की दर 11% थी जो 2025 में घटकर मात्र 2% रह गई है.

उन्होंने कहा कि राजद शासनकाल में चीनी मिल और जूट मिलें बंद हो गई थीं और उद्योग धंधे चौपट हो गए थे. एनडीए सरकार ने बरौनी कारखाने को दोबारा शुरू किया. राज्य में अब 10 चीनी मिलें चल रही हैं. मधेपुरा लोकोमोटिव और मढ़ौरा डीजल प्लांट काम कर रहे हैं. पिछले पांच वर्षों में 83758 करोड़ रुपये के निवेश से 3919 औद्योगिक इकाइयां स्थापित हुई हैं. मछली उत्पादन भी 2.68 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 9.6 लाख मीट्रिक टन हो चुका है.

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तेजस्वी यादव पर क्या बोले राय

तेजस्वी यादव पर हमला करते हुए नित्यानंद राय ने कहा, “आपके माता-पिता के शासनकाल में बिहार जंगलराज, भ्रष्टाचार और नरसंहार से कराह रहा था. उस दौर की तुलना आज के बिहार से करें तो राज्य एथेनॉल, आईटी पार्क, फूड प्रोसेसिंग, डेयरी और पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ा है. लेकिन राजद की पहचान सिर्फ ड्रामा और नौटंकी है और इसी से जनता को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है जिसमें कोई सफलता नहीं मिलने वाली.”

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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