प्रियंका गांधी ने अचानक कट्टा, दुनाली और अपहरण का क्यों किया जिक्र? पीएम मोदी के भाषणों पर भी उठाए सवाल

Bihar Elections 2025: कटिहार में प्रियंका गांधी की सभा ने चुनावी माहौल को और तेज कर दिया. मंच पर चढ़ते ही उन्होंने सीधे आरोपों, तीखे सवालों और महिलाओं की जिंदगी से जुड़े दर्द को जोड़कर सरकार पर निशाना साधा.

Bihar Elections 2025: कटिहार की भीड़ के बीच प्रियंका गांधी ने शनिवार को तीखे सुरों में सत्ता पर सीधे हमले बोले. मंच पर पहुंचते ही उन्होंने जनता से कहा कि चुनावी मौसम में बटुए खुले हुए हैं, लेकिन वादों की उम्र हमेशा छोटी होती है. 10 हजार रुपए देना अचानक से प्यार नहीं, चुनावी चाल है. उन्होंने महिलाओं की दिनभर की थकान और अदृश्य मेहनत का उदाहरण देकर समझाया कि सम्मान और हक सिर्फ पैसे से नहीं मिलता.

प्रियंका बोलीं कि पुरुष कई बार महिलाओं की जिंदगी की असल मुश्किलें नहीं समझ पाते. “वो काम से लौटकर आराम करते हैं, औरत खाना बनाती है, बच्चों की तैयारी करती है, सबको सुलाती है, आखिर में खुद खाती है. एक साड़ी देकर कोई पति अच्छा नहीं हो जाता. जैसे ये 10 हजार देकर वोट मांग रहे हैं, इनके बहकावे में मत आना.”

प्रियंका ने पीएम मोदी के भाषणों पर उठाए सवाल

प्रियंका ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषणों पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री को मंच से रोजगार, पुल, कॉलेज और विकास की बात करनी चाहिए, न कि कट्टा, दुनाली और अपहरण जैसे शब्दों की. “भय दिखाकर वोट लेने की कोशिश हो रही है. धर्म के नाम पर लोगों को बांटा जा रहा है.” उन्होंने दावा किया कि बीजेपी राज्य में मतदान प्रक्रिया को प्रभावित कर रही है. मंच से उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त और वरिष्ठ अधिकारियों के नाम लेकर “कौन है वोट चोर” के नारे भी लगवाए.

कर्ज और उद्योगों पर बड़ा हमला

प्रियंका ने कहा कि किसानों का कर्ज माफ नहीं होता, लेकिन बड़े उद्योगपतियों का अरबों-खरबों का कर्ज एक झटके में माफ हो जाता है. “अंबानी-अडाणी को तो सब दिया जा रहा है, लेकिन गरीब पर बोझ बढ़ता जा रहा है.” उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में लगे सरकारी कारखानों को तबाह कर दिया गया है. “पहले सरकारी नौकरी की चाह होती थी, अब ठेकेदारी का जाल फैला दिया गया है. मोदी जी ने देश के उद्योग अपने दो दोस्तों को सौंप दिए हैं.”

नीतीश पर निशाना, दिल्ली पर तंज

नीतीश कुमार को लेकर भी प्रियंका ने तीखा प्रहार किया. “नीतीश जी के हाथ में कुछ भी नहीं है. फैसला दिल्ली से होता है. बिहार के मुख्यमंत्री की नहीं सुनी जाती.” प्रियंका ने कहा कि प्रधानमंत्री बिहार की समस्याओं पर बात करने की जगह कांग्रेस के पोस्टर की चिंता करते हैं. “उन्हें रोजगार, महंगाई, उद्योग या युवाओं की तकलीफ से ज्यादा फिक्र है कि पोस्टर में किसकी तस्वीर है.” उन्होंने अंत में कहा कि प्रियंका यह चुनाव सिर्फ सरकार बदलने का मामला नहीं है, बल्कि जनता के अधिकार और संविधान की रक्षा का सवाल है.

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अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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