कार की पिछली खिड़की पर क्यों बनी रहती हैं लाइनें? जानिए कैसे ड्राइविंग में करती है मदद

Defogger Grids: कार की पिछली खिड़की पर लगी ये पतली लाइन्स पहली नजर में मामूली लग सकती हैं. लेकिन इनके असली काम को जानकर आप हैरान हो जाएंगे. ये सिर्फ सजावट के लिए नहीं बल्कि आपकी ड्राइविंग को सेफ और आसान बनाने वाली स्मार्ट टेक्नोलॉजी हैं. आइए जानते हैं इसके बारे में.

Defogger Grids: क्या आपने कभी नोटिस किया है कि कार की पिछली विंडशील्ड पर कुछ पतली-पतली सीधी लाइन्स बनी होती हैं? ज्यादातर ये लाइन्स आपको लाल रंग में दिखाई देंगी. कई लोग इन्हें सिर्फ डिजाइन समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन सच तो ये है कि ये लाइन्स आपकी ड्राइविंग को ज्यादा सेफ बनाने वाली एक स्मार्ट टेक्नोलॉजी होती हैं. अगर आपने भी कभी ध्यान नहीं दिया कि कार के बैक मिरर में ये लाल लाइनें क्यों होती हैं, तो टेंशन मत लीजिए. आइए आपको बताते हैं कि ये लाइन्स को क्या कहते हैं और ये किस काम आती हैं.

क्या कहते हैं इन लाइन्स को?

कार के रियर मिरर में दी गयी लाल लाइनों को डिफॉगर ग्रिड (Defogger Grid) या डीमिस्टर (Demister) कहा जाता है. ये कोई नॉर्मल पेंट या डिजाइन नहीं होतीं. ये खास तरह के पतले इलेक्ट्रिक कंडक्टर से बनी होती हैं, जैसे चांदी या सिरेमिक प्रिंटेड पेस्ट. आमतौर पर ये फीचर सिर्फ कार की पिछली खिड़की पर ही दिया जाता है.

किस काम आता है Defogger Grid?

कार के पीछे वाले शीशे पर बनी लाल लाइनें बड़े काम की होती हैं. ये लाल लाइनें कार के हीटिंग और कूलिंग सिस्टम से जुड़ी होती हैं. जब जरूरत पड़ती है, तो इसी सिस्टम की मदद से बैक मिरर को गर्म या ठंडा किया जाता है. सर्दी या बारिश में जब रियर ग्लास पर धुंध जम जाती है, तो ये लाइनें शीशे को हल्का गर्म कर देती हैं. इससे धुंध जल्दी साफ हो जाती है और पीछे का रास्ता साफ दिखाई देता है. अगर कार में ये फीचर न हो, तो ड्राइविंग के दौरान विजिबिलिटी कम हो सकती है.

कैसे काम करता है Defogger Grid?

जब ड्राइवर डैशबोर्ड पर ‘रियर डिफॉगर’ का बटन दबाता है, तो पीछे वाले शीशे पर बनी पतली लाइनों में करंट दौड़ने लगता है. जैसे ही इन लाइनों में बिजली जाती है, ये धीरे-धीरे गर्म होने लगती हैं. बिल्कुल छोटे हीटर की तरह. इन लाइनों की गर्मी शीशे को गर्म कर देती है. इससे जमी नमी या भाप सूख जाती है और अगर हल्की बर्फ हो, तो वह भी पिघलकर साफ हो जाती है.

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Published by: Ankit Anand

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