थार और फॉर्च्यूनर मालिकों ने ली सड़क सुरक्षा की शपथ, दमन कलेक्टर के अनूठे कदम पर फिदा हुईं किरण मजूमदार-शॉ

दमन के कलेक्टर ने महिंद्रा थार और टोयोटा फॉर्च्यूनर मालिकों से ली रोड सेफ्टी की शपथ. बायोकॉन प्रमुख किरण मजूमदार-शॉ ने इस अनूठे कदम को बताया 'जरूरी सीख'.

केंद्र शासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली और दमन-दीव प्रशासन का एक अनोखा सड़क सुरक्षा अभियान इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है. दमन के जिला कलेक्टर सौरभ मिश्रा ने क्षेत्र के सैकड़ों महिंद्रा थार (Mahindra Thar) और टोयोटा फॉर्च्यूनर (Toyota Fortuner) मालिकों को एक मैदान में आमंत्रित किया और उनसे यातायात नियमों के पालन तथा जिम्मेदार ड्राइविंग की सार्वजनिक शपथ दिलवाई. इस अनूठी पहल को 'थार-फॉर्च्यूनर संकल्प यात्रा' नाम दिया गया था, जिसने ऑटोमोबाइल प्रेमियों के साथ-साथ कॉरपोरेट जगत की दिग्गज हस्तियों का भी ध्यान खींचा है.

दमन प्रशासन ने अपनाया 'रफ्तार नहीं, संस्कार' का नया रास्ता

आमतौर पर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों को लागू कराने के लिए पुलिस प्रशासन भारी-भरकम चालान, जुर्माने और दंडात्मक कार्रवाइयों का सहारा लेता है. हालांकि, दमन के जिला कलेक्टर ने दंडात्मक रुख के बजाय व्यवहारिक और नैतिक जिम्मेदारी का अनूठा तरीका चुना.

आयोजन स्थल पर मालिकों को "रफ्तार नहीं, संस्कार", "भाईगिरी नहीं, जिम्मेदारी" और "मेरी गाड़ी मेरी ताकत है, मेरा घमंड नहीं" जैसी तख्तियां (Placards) लेकर कतार में खड़ा किया गया. इसके बाद कलेक्टर की मौजूदगी में सभी चालकों ने शपथ ली कि वे तेज गति, लापरवाही से स्टंट या रेसिंग नहीं करेंगे, शराब पीकर गाड़ी नहीं चलाएंगे और गाड़ियों में अवैध मॉडिफिकेशन नहीं कराएंगे.

यहां देखें वायरल पोस्ट

किरण मजूमदार-शॉ ने क्यों की दमन कलेक्टर के कदम की सराहना?

बायोकॉन (Biocon) की कार्यकारी अध्यक्ष किरण मजूमदार-शॉ ने जब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस शपथ ग्रहण का वीडियो देखा, तो उन्होंने इसे शेयर करते हुए दमन कलेक्टर की जमकर प्रशंसा की.

किरण मजूमदार-शॉ ने अपने आधिकारिक हैंडल से लिखा, "मुझे लगता है कि भारत को एक और ड्राइविंग लेसन के बजाय इस तरह की 'सीख' (Schooling) की ज्यादा जरूरत है! दमन कलेक्टर का यह बेहद सराहनीय कदम है. थार और फॉर्च्यूनर मालिकों से सुरक्षित ड्राइविंग की सार्वजनिक प्रतिज्ञा दिलाना... कभी-कभी एक छोटी सी सार्वजनिक शपथ हजार रोड साइंस (सड़क संकेतों) से भी बेहतर काम कर सकती है!"

थार और फॉर्च्यूनर के मालिकों पर ही विशेष ध्यान क्यों केंद्रित किया गया?

भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार और सोशल मीडिया संस्कृति में महिंद्रा थार और टोयोटा फॉर्च्यूनर अत्यधिक लोकप्रिय, शक्तिशाली और 'रफ-एंड-टफ' छवि वाली मस्कुलर गाड़ियां मानी जाती हैं. अपनी जबरदस्त रोड प्रेजेंस के कारण युवाओं और एसयूवी के शौकीनों के बीच इनका क्रेज काफी ज्यादा है.

हालांकि, इंटरनेट और सोशल मीडिया पर अक्सर इन गाड़ियों से जुड़ी खतरनाक स्टंटबाजी, रैश ड्राइविंग, नो-पार्किंग या फुटपाथ पर गाड़ी चढ़ाने और दबंगई (Bhaigiri) दिखाने के वीडियो वायरल होते रहते हैं. हालांकि सभी चालक एक जैसे नहीं होते, लेकिन कुछ लोगों की लापरवाही से पूरे एसयूवी समुदाय की छवि प्रभावित होती है. दमन प्रशासन ने इसी सामाजिक धारणा को बदलने और शक्तिशाली गाड़ियों की पावर के साथ आने वाली नैतिक जिम्मेदारी का अहसास कराने के लिए इन प्रमुख एसयूवी चालकों को इस जन-जागरूकता अभियान से जोड़ा.


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By राजीव कुमार

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