TVS Raider 125 vs Bajaj Pulsar NS125: रोज आने-जाने वालों के लिए कौन-सी बाइक बेस्ट?

TVS रेडर 125 और बजाज पल्सर NS125, दोनों ही 125cc सेगमेंट में दमदार दावेदार हैं. यह आर्टिकल आपको इन दोनों बाइक्स के बीच इंजन, परफॉर्मेंस, फीचर्स और कीमत के आधार पर तुलना करके सही निर्णय लेने में मदद करेगा.

देश में 125सीसी सेगमेंट वाले टू-व्हीलर की डिमांड शुरुआत से ही काफी ज्यादा रही है. इस कैटेगरी में बाइक खरीदने वाले कस्टमर्स माइलेज के साथ-साथ परफॉर्मेंस, स्टाइल और न्यू फीचर्स भी देखना चाहते हैं. TVS Raider 125 और Bajaj Pulsar NS125 दोनों ही गाड़ियां इस सेगमेंट में धाक जमाए बैठी हैं, लेकिन दोनों कंपनियों की सोच और कैरेक्टर अलग है. एक ओर जहां टीवीएस रेडर मॉडर्न टेक्नोलॉजी और लाइट वेट पर फोकस करती है, वहीं दूसरी तरफ बजाज प्लसर स्पोर्टी राइड और ओल्ड कंपनी के डीएनए को साथ लेकर चलती है. यदि आपने भी इन दोनों में से किसी को खरीदने का मूड बनाया है, तो चलिए इनके बीच का कंपैरिजन दिखाते हैं.

TVS Raider vs Bajaj Pulsar NS125: साइज और वजन 

बजाज प्लसर एनएस 125 दिखने में बिग और मस्कुलर मोटरसाइकील लगती है. इस बाइक का व्हीलबेस लंबा और सीट की ऊंचाई अधिक है, जो हाइवे पर स्थिर राइडिंग एक्सपिरियंस देती है. प्लसर अपने ओल्ड स्टाइल के साथ आती है. मस्कुलर फ्यूल टैंक और स्पोर्टी बॉडी इस बाइक को क्लासिक और दमदार लुक देते हैं. आज भी प्लसर का लुक ग्राहकों के दिलों पर राज कर रहा है. 

वहीं, टीवीएस रेडर 125 वजन में प्लसर से हल्की है. यदि आप शहर के लिए खरीद रहे हैं, तो इसे राइड करना, मोड़ना और यू-टर्न लेना ईजी है. डेली सिटी ड्राइव के लिए रेडर को ज्यादा प्रैक्टिकली बनाता है. इसका डिजाइन पूरी तरह से युवाओं को ध्यान में रखते हुए किया गया है. यह फ्यूचरिस्टिक भी दिखता है. रेडर में मिलने वाला शार्प कट्स, एलईडी हैंडलैंप और अग्रेसीव लुक भीड़ में इसे अलग बनाती है. 

TVS Raider vs Bajaj Pulsar NS125: इंजन और परफॉर्मेंस 

टीवीएस रेडर का इंजन सिटी राइड के लिए प्लसर से ज्यादा स्मूद और रिफाइन्ड है. इसमें लो स्पीड पर भी बेहतर टॉर्क जेनरेट होता है. ऐसे में आपको बार-बार गियर चेंज करने की जरूरत नहीं पड़ती है. 

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दूसरी ओर बजाज प्लसर एनएस 125 का इंजन ज्यादा आरपीएम पर मजेदार लगता है. यदि आप स्पोर्टी राइड और रेव करने के शौकीन हैं, तो प्लसर, रेडर के मुकाबले ज्यादा एंगेजिंग लगेगी. डेली शहर में राइड करने वालों के लिए रेडर और स्पोर्टी लुक चाहने वालों के लिए प्लसर बेहतर ऑप्शन है.

TVS Raider vs Bajaj Pulsar NS125: सेफ्टी और फीचर्स 

फीचर्स के मामले में तुलना करें, तो टीवीएस कंपनी की रेडर इस सेगमेंट में अपना बेंचमार्क सेट करती है. इसमें आपको ब्लूटूथ कनेक्टिविटी, वॉइस असिस्ट, बूस्ट मोड, कॉल एंड मैसेज अलर्ट और TFT डिस्प्ले (टॉप वेरिएंट) मिलता है. 

वहीं, बजाज प्लसर एनएस 125 में फीचर्स के रूप में डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और सिंगल चैनल एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम (ABS) दिया गया है. कंपनी ने इसे जानबूझकर सिंपल रखा है, ताकि इसकी ओल्ड-स्कूल स्पोर्टी फील्ड बरकरार रहे. 

TVS Raider vs Bajaj Pulsar NS125: कीमत 

बजट के मामले में प्लसर, से ज्यादा किफायती नजर आती है. TVS Raider 125 की शुरुआती एक्स शोरूम कीमत 99,920 रुपये है, जबकि Bajaj Pulsar NS125 की स्टार्टिंग एक्स शोरूम कीमत 99,622 रुपये है. दोनों की कीमतों में सिर्फ 300 रुपये का अंतर है.

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लेखक के बारे में

By शिवांश शेखर

शॉर्ट बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. ऑटो सेक्शन में कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, खासियत, टिप्स, कंपेरिजन और सपेक्स से संबंधित खबरें कवर करते हैं.

विस्तृत बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट पत्रकार हैं, जो पिछले 3 वर्षों से डिजिटल मीडिया में ऑटो और खेल जगत से जुड़ी खबरों के बारे में लगातार लिखते हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. ऑटो सेक्शन में उनकी रूचि कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, स्पेसिफिकेशन, टिप्स, ट्रिक्स और कंपेरिजन से जुड़े विषयों में है. इसके अलावा फ्लेक्स फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्रीज के बदलते ट्रेंड्स पर लगातार लिखते हैं. 

उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को सिर्फ लॉन्च, कीमत और फीचर्स के बारे में ही न बताया जाए, बल्कि यह भी जानकारी दी जाए कि वह तकनीक आम लोगों के लिए कितने काम का है, उसे इस्तेमाल करने का अनुभव कैसा रहेगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई  

बिहार राज्य के जहानाबाद जिले में जन्में शिवांश शेखर की शुरुआती शिक्षा (BSEB) से पूरी हुई. इसके बाद उन्होंने साल 2023 में चौधरी चरण सिंह यूनीवर्सिटी, मेरठ (CCSU) के अंतर्गत आने वाली इंसटीच्युट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, नोएडा (IMS) से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान ही शिवांश की रुचि खेल और ऑटो के विषयों पर लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने खेल और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया. 

काम का सफर 

पत्रकारिता का ककहरा सीखने के बाद शिवांश का सफर एपीएन न्यूज से शुरू हुआ था. उन्होंने पत्रकारिता का समूह जागरण न्यू मीडिया में बतौर सब एडिटर खेल और अन्य खबरों की तकनीकी समझ विकसित की. जेएनएम में करीब डेढ़ साल खेल और अन्य विषयों पर काम करने के बाद उन्होंने एसियानेट न्यूज की तरफ रुख अपनाया. वहां, करीब डेढ़ साल तक ऑटोमोबाइल और स्पोर्ट्स सेक्शन में काम किया और फिर प्रभात खबर का रुख किया, जहां ऑटो बीट पर काम कर रहे हैं. ट्रेंड्स को लगातार फॉलो करते हैं.

विजन 

शिवांश का मानना है कि ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नई गाड़ियों के बारे में जानकारी नहीं देती, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारों के फैसलों और डिजिटल एक्सपिरियंस पर भी असर डालती हैं.

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