कार खरीदते समय ज्यादातर लोग सबसे पहले अपना बजट तय करते हैं और फिर उसी कीमत में मिलने वाले नये मॉडल देखना शुरू कर देते हैं. लेकिन कई बार इसी बजट में कुछ साल पुरानी लग्जरी कार भी मिल जाती है, जिससे खरीदार असमंजस में पड़ जाते हैं. एक तरफ नयी कार की वारंटी और कम मेंटेनेंस का भरोसा होता है, तो दूसरी तरफ लग्जरी कार का प्रीमियम अनुभव, दमदार परफॉर्मेंस और शानदार फीचर्स आकर्षित करते हैं. ऐसे में सही फैसला लेने के लिए सिर्फ कीमत नहीं, बल्कि लंबे समय का खर्च और अपनी जरूरतों को समझना भी जरूरी है.
पुरानी लग्जरी कार में मिलता है प्रीमियम ड्राइविंग अनुभव
अगर आपका सपना किसी लग्जरी ब्रांड की कार चलाने का है, तो सेकेंड हैंड बाजार में कई ऐसे विकल्प मिल जाते हैं जो नयी मिड-सेगमेंट कार की कीमत के आसपास उपलब्ध होते हैं. इन कारों में बेहतर इंटीरियर क्वाॅलिटी, शानदार फिट और फिनिश, ज्यादा पावरफुल इंजन और बेहतर ड्राइविंग डायनेमिक्स देखने को मिलते हैं.
लग्जरी कारें आमतौर पर हाईवे पर ज्यादा स्थिर महसूस होती हैं और उनकी सस्पेंशन ट्यूनिंग भी आरामदायक होती है. अगर ड्राइविंग का आनंद आपके लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता है, तो पुरानी लग्जरी कार आपको नयी नॉन-लक्जरी कार से ज्यादा संतुष्टि दे सकती है.
फीचर्स के मामले में भी कई बार रहती हैं आगे
लग्जरी कारों में कई ऐसे फीचर्स मिलते हैं जो सामान्य कारों में काफी बाद में आते हैं. कुछ साल पुरानी प्रीमियम कार में भी वेंटिलेटेड सीटें, हाई-क्वाॅलिटी ऑडियो सिस्टम, हेड-अप डिस्प्ले, ज्यादा एडजस्टमेंट वाली सीटें और एडवांस ड्राइवर असिस्टेंस फीचर्स मिल सकते हैं.
अगर आप ज्यादा सुविधा और प्रीमियम केबिन अनुभव चाहते हैं, तो इस्तेमाल की हुई लग्जरी कार बेहतर वैल्यू दे सकती है. खासकर सर्टिफाइड प्री-ओन्ड मॉडल खरीदने पर कई कंपनियां एक्सटेंडेड वारंटी और निरीक्षण का लाभ भी देती हैं.
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नयी कार का सबसे बड़ा फायदा है कम झंझट
नयी कार खरीदने का सबसे बड़ा लाभ यह है कि शुरुआती कुछ वर्षों तक मेंटेनेंस की चिंता काफी कम रहती है. कंपनी की वारंटी होने की वजह से किसी तकनीकी खराबी की स्थिति में अतिरिक्त खर्च का जोखिम भी कम होता है.
इसके अलावा नयी कार में आपको बिल्कुल नया वाहन मिलता है, जिसका पूरा सर्विस इतिहास आपके सामने होता है. ऐसे में अनजान इस्तेमाल या पुराने मालिक की ड्राइविंग आदतों को लेकर कोई चिंता नहीं रहती.
मेंटेनेंस और ईंधन का खर्च बढ़ा सकता है बजट
पुरानी लग्जरी कार खरीदते समय सबसे अहम बात उसके रखरखाव का खर्च है. इन कारों के स्पेयर पार्ट्स, सर्विस और मरम्मत का खर्च सामान्य कारों की तुलना में काफी ज्यादा हो सकता है.
इतना ही नहीं, कई लग्जरी कारों में प्रीमियम फ्यूल की जरूरत पड़ती है, जिससे हर महीने ईंधन पर भी अधिक खर्च आता है. अगर आपका सालाना बजट सीमित है, तो खरीदने से पहले इन खर्चों का अनुमान जरूर लगा लेना चाहिए.
कीमत में फायदा, लेकिन सोच-समझकर लें फैसला
नयी कार पहले कुछ वर्षों में तेजी से अपनी कीमत खोती है. ऐसे में पुरानी लग्जरी कार खरीदने पर शुरुआती डिप्रिसिएशन का बड़ा हिस्सा पहले ही खत्म हो चुका होता है, जिससे आपको कम कीमत में प्रीमियम वाहन मिल सकता है.
हालांकि, सिर्फ कम खरीद कीमत देखकर फैसला लेना सही नहीं होगा. कार का सर्विस रिकॉर्ड, वारंटी, ओडोमीटर रीडिंग, दुर्घटना का इतिहास और भविष्य का मेंटेनेंस खर्च भी उतना ही महत्वपूर्ण है. अगर आपको भरोसेमंद सर्टिफाइड प्री-ओन्ड कार मिलती है और आप उसके रखरखाव का खर्च उठा सकते हैं, तो पुरानी लग्जरी कार एक शानदार विकल्प साबित हो सकती है. वहीं, कम खर्च और बिना परेशानी वाला अनुभव चाहते हैं, तो नयी नॉन-लक्जरी कार ज्यादा व्यावहारिक फैसला होगी.
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