Maruti Alto K10 vs Tata Tiago: ₹5 लाख की बजट में कौन देगा सबसे बेहतर रिजल्ट? माइलेज के मामले में दोनों कारें हैं दमदार

मारुति सुजुकी ऑल्टो K10 और टाटा टियागो, दोनों ही कम बजट में बेहतरीन कारें हैं. इस तुलना में हम इंजन, माइलेज, परफॉर्मेंस, सेफ्टी और फीचर्स के बारे में जानेंगे. जानें आपके लिए कौन-सी कार सही होगी.

भारतीय कार बाजार में मारुति सुजुकी ऑल्टो K10 (Maruti Suzuki Alto K10) और टाटा टियागो (Tatat Tiago) दो सबसे लोकप्रिय हैचबैक गाड़ियां हैं. देश में लंबे समय से इन दोनों कारों का क्रेज है. कम कीमत में दमदार परफॉर्मेंस, शानदार माइलेज और जबरदस्त फीचर्स का पैकेज लेकर ये आती हैं. यदि आपने भी एक सस्ती कार खरीदने का प्लान बनाया है और दिमाग में ऑल्टो K10 और टियागो चल रहा है, तो यहां हम दोनों के बीच कंपैरिजन करेंगे. दोनों की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 5 लाख रुपये से कम है. इंजन, फीचर्स, माइलेज और परफॉर्मेंस के बीच तुलना करके जानेंगे कि कौन-सी कार आपके लिए बेस्ट चॉइस बन सकती है.

Maruti Alto K10 vs Tata Tiago: इंजन

मारुति ऑल्टो K10 में 1.0 लीटर (998 cc) का K10C पेट्रोल इंजन मिलता है, जो 68 बीएचपी की पावर और 89 एनएम का टॉर्क जनरेट करता है. वहीं टाटा टियागो में ज्यादा पावरफुल 1.2 लीटर (1199 cc) रेवोट्रोन पेट्रोल इंजन दिया गया है, जो 86 बीएचपी की पावर और 113 एनएम का टॉर्क देता है. दोनों ही गाड़ियों में 5-स्पीड मैनुअल और ऑटोमैटिक (AMT) गियरबॉक्स का विकल्प उपलब्ध है. दोनों कारों में कंपनी-फिटेड सीएनजी का भी ऑप्शन मिलता है.

Maruti Alto K10 vs Tata Tiago: ARAI-सर्टिफाइड माइलेज

माइलेज के मामले में ऑल्टो K10 आगे निकलती है. ऑल्टो K10 का पेट्रोल मैनुअल मॉडल 24.39 किमी प्रति लीटर और ऑटोमैटिक मॉडल 24.9 किमी प्रति लीटर का माइलेज देता है. सीएनजी में इसका माइलेज 33.85 किमी प्रति किलोग्राम है. दूसरी तरफ टाटा टियागो पेट्रोल मॉडल में लगभग 19 से 20 किमी प्रति लीटर का माइलेज देती है, जबकि इसका सीएनजी वेरिएंट लगभग 26.49 किमी प्रति किलोग्राम का माइलेज देता है.

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Maruti Alto K10 vs Tata Tiago: परफॉर्मेंस

शहर के भारी ट्रैफिक में चलाने के लिए ऑल्टो K10 काफी हल्की और फुर्तीली महसूस होती है. इसका छोटा साइज संकरी गलियों में आसानी से निकल जाता है. दूसरी तरफ टियागो अपने बड़े इंजन की वजह से ज्यादा पावरफुल परफॉर्मेंस देती है. हाई स्पीड पर हाईवे पर चलते समय टियागो में बेहतर स्टेबिलिटी और मजबूती का अहसास होता है.

Maruti Alto K10 vs Tata Tiago: सेफ्टी फीचर्स

टाटा टियागो सुरक्षा के मामले में काफी मजबूत मानी जाती है. इसे ग्लोबल NCAP क्रैश टेस्ट में 4-स्टार सेफ्टी रेटिंग मिल चुकी है. इसमें डुअल एयरबैग्स, ABS के साथ EBD, कॉर्नर स्टेबिलिटी कंट्रोल (CSP), रियर पार्किंग सेंसर और मजबूत बॉडी शेल मिलता है. ऑल्टो K10 को क्रैश टेस्ट में 2-स्टार रेटिंग मिली है. हालांकि इसमें भी डुअल एयरबैग्स, ABS के साथ EBD, और रियर पार्किंग सेंसर जैसे जरूरी फीचर्स दिए गए हैं.

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Maruti Alto K10 vs Tata Tiago: फीचर्स

ऑल्टो K10 के टॉप मॉडल में 7-इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, एंड्रॉइड ऑटो, एप्ल कारप्ले, डिजिटल स्पीडोमीटर और फ्रंट पावर विंडो मिलती हैं. टियागो में इससे ज्यादा प्रीमियम फीचर्स मिलते हैं. इसमें 7-इंच का टचस्क्रीन सिस्टम, हरमन का बेहतरीन साउंड सिस्टम, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले, और इलेक्ट्रिकली एडजस्टेबल ओआरवीएम जैसे फीचर्स शामिल हैं.

Maruti Alto K10 vs Tata Tiago: कीमत

कीमत की बात करें, तो मारुति सुजुकी ऑल्टो K10 की एक्स-शोरूम कीमत लगभग 3.70 लाख रुपये से शुरू होकर 5.45 लाख रुपये तक जाती है. वहीं टाटा टियागो ज्यादा फीचर्स और बड़े इंजन के कारण थोड़ी महंगी है, इसकी एक्स-शोरूम कीमत लगभग 4.70 लाख रुपये से शुरू होकर 8.55 लाख रुपये तक जाती है.


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By शिवांश शेखर

शॉर्ट बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. ऑटो सेक्शन में कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, खासियत, टिप्स, कंपेरिजन और सपेक्स से संबंधित खबरें कवर करते हैं.

विस्तृत बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट पत्रकार हैं, जो पिछले 3 वर्षों से डिजिटल मीडिया में ऑटो और खेल जगत से जुड़ी खबरों के बारे में लगातार लिखते हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. ऑटो सेक्शन में उनकी रूचि कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, स्पेसिफिकेशन, टिप्स, ट्रिक्स और कंपेरिजन से जुड़े विषयों में है. इसके अलावा फ्लेक्स फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्रीज के बदलते ट्रेंड्स पर लगातार लिखते हैं. 

उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को सिर्फ लॉन्च, कीमत और फीचर्स के बारे में ही न बताया जाए, बल्कि यह भी जानकारी दी जाए कि वह तकनीक आम लोगों के लिए कितने काम का है, उसे इस्तेमाल करने का अनुभव कैसा रहेगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई  

बिहार राज्य के जहानाबाद जिले में जन्में शिवांश शेखर की शुरुआती शिक्षा (BSEB) से पूरी हुई. इसके बाद उन्होंने साल 2023 में चौधरी चरण सिंह यूनीवर्सिटी, मेरठ (CCSU) के अंतर्गत आने वाली इंसटीच्युट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, नोएडा (IMS) से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान ही शिवांश की रुचि खेल और ऑटो के विषयों पर लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने खेल और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया. 

काम का सफर 

पत्रकारिता का ककहरा सीखने के बाद शिवांश का सफर एपीएन न्यूज से शुरू हुआ था. उन्होंने पत्रकारिता का समूह जागरण न्यू मीडिया में बतौर सब एडिटर खेल और अन्य खबरों की तकनीकी समझ विकसित की. जेएनएम में करीब डेढ़ साल खेल और अन्य विषयों पर काम करने के बाद उन्होंने एसियानेट न्यूज की तरफ रुख अपनाया. वहां, करीब डेढ़ साल तक ऑटोमोबाइल और स्पोर्ट्स सेक्शन में काम किया और फिर प्रभात खबर का रुख किया, जहां ऑटो बीट पर काम कर रहे हैं. ट्रेंड्स को लगातार फॉलो करते हैं.

विजन 

शिवांश का मानना है कि ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नई गाड़ियों के बारे में जानकारी नहीं देती, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारों के फैसलों और डिजिटल एक्सपिरियंस पर भी असर डालती हैं.

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