Twitter के बाद अब Facebook पर भी होगी छंटनी? जानें क्या कहते हैं रिपोर्ट्स

कुछ ही दिनों पहले Twitter ने अपने 50 प्रतिशत कर्मचारियों को काम से निकाल दिया है. अब खबरें आ रही हैं कि Facebook भी अपने कर्मचारियों को काम से निकालने की तैयारी कर रही है. रिपोर्ट्स की अगर मानें तो यह छंटनी इसी हफ्ते शुरू कर दी जाएगी.

Meta Layoffs May Begin This Week: कुछ ही दिनों पहले मिक्रोब्लॉगिंग साइट Twitter पर भारी मात्रा में कर्मचारियों की छंटनी हुई है. कंपनी ने अपने 50 प्रतिशत तक कर्मचारियों को काम से निकाल दिया है. ट्विटर के बाद अब खबरें आ रही हैं कि Meta ने भी अपने कर्मचारियों की संख्या में कटौती करने का फैसला किया है. खबरों की अगर मानें तो फेसबुक की पेरेंट कंपनी मेटा इस हफ्ते अपने कर्मचारियों में बड़ी छंटनी कर सकती है. इस छंटनी की घोषणा बुधवार के दिन कंपनी ऑफिशियल तौर पर कर सकती है. फिलहाल तो कंपनी ने इसपर कोई बयान नहीं दिया है लेकिन, एक से दो दिनों के अंदर इन सभी सवालों का जवाब हमें मिल जाएगा.

रिपोर्ट में सामने आयी यह बात

वॉल स्ट्रीट जर्नल में छपे एक रिपोर्ट के मुताबिक Meta अपने कर्मचारियों की छंटनी करने की तैयारी में है. अगर यह छंटनी हो जाती है तो इससे कंपनी में काम कर रहे हजारों कर्मचारियों पर इसका बहुत ही बुरा असर पड़ेगा. इस छंटनी का मुख्य कारण फेसबुक के पेरेंट कंपनी Meta के अक्टूबर हॉलिडे के दौरान कमजोर परफॉरमेंस को माना जा रहा है. इसके साथ ही Meta को धीमे इकनोमिक ग्रोथ, TikTok से मिल रही चुनौती और Apple की तरफ से प्राइवेसी चुनौतियों को भी कारण माना जा रहा है. हाल ही में Meta ने अपनी मेटावर्स में भी ढेर सारे पैसे खर्च किये हैं और इस छंटनी के पीछे यह भी एक कारण हो सकता है.

Meta के शेयर में 73 प्रतिशत की गिरावट

Meta के इस साल के परफॉरमेंस पर अगर नजर डालें तो इस साल कंपनी के शेयर में कुल 73 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी है. Meta के शेयर की कीमतों में इस साल करीबन 67 अरब डॉलर्स की गिरावट दर्ज की गयी है. वॉल स्ट्रीट जर्नल की अगर मानें तो फिलहाल कंपनी ने इससे जुड़े किसी भी तरह के सवालों के जवाब देने से मना कर दिया है. कई और रिपोर्ट्स की अगर मानें तो कंपनी एक बड़े पैमाने पर छंटनी करने वाली है और इसका असर कंपनी में काम कर रहे हजारों लोगों पर पड़ने वाला है.

Mark Zuckerberg पहले ही दे चुके थे संकेत

Meta के CEO Mark Zuckerberg ने इस छंटनी को लेकर पहले ही संकेत दे दिए थे. उन्होंने अपने बयान में कहा था कि मेटावर्स में किये गए निवेश का रीटर्न मिलने में उन्हें करीबन 10 सालों तक का समय लग सकता है. इन 10 सालों के दौरान कंपनी को नये हायरिंग, नये प्रोजेक्ट्स और बिजनेस में इन्वेस्टमेंट को कम करने के लागत को भी कम करने की जरुरत पड़ सकती है. मेटा के इतिहास की अगर बात करें तो यह पहली दफा है जब कंपनी ने ऐसा कोई फैसला लिया है. बता दें इस समय कंपनी में करीबन 87,000 कर्मचारी काम कर रहे हैं.

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