Indian Railways पर भी छाया ‘भाईजान’ का जादू! ट्वीट कर बताया ‘किसी का टिकट, किसी का सफर’ का तरीका

फिल्म ‘किसी का भाई, किसी की जान’ (Kisi Ka Bhai Kisi Ki Jaan) की रिलीज पर भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने भी इसका क्रेज भुनाने की कोशिश की है. दरअसल, रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए कई नियम बना रखे हैं. भारतीय रेलवे का टिकट ट्रांसफर (Ticket Transfer) को लेकर भी एक नियम है.

Indian Railways Ticket Transfer Rule: ईद (Eid) के खास मौके पर बॉलीवुड (Bollywood) सुपरस्टार सलमान खान (Salman Khan) अपने फैंस के लिए अपनी बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘किसी का भाई, किसी की जान’ (Kisi Ka Bhai Kisi Ki Jaan) की सौगात लेकर आये हैं. एक्शन से पैक्ड यह फिल्म दर्शकों के लिए किसी ट्रीट से कम नहीं है. किंग खान (King Khan) की यह फिल्म अपने अनोखे नाम के ऐलान के साथ ही चर्चा में आ गई थी. सोशल मीडिया में इसे लेकर अलग ही हाइप है. अब फिल्म रिलीज होने पर भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने भी इसका क्रेज भुनाने की कोशिश की है. दरअसल, रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए कई नियम बना रखे हैं. रोजाना लाखों लोगों के सफर का जरिया बननेवाली भारतीय रेलवे का टिकट ट्रांसफर (Ticket Transfer) को लेकर भी एक नियम है. यात्री अपना टिकट परिवार के सदस्य जैसे- मां, पिता, भाई, बहन, बेटा, बेटी, पति, पत्नी को ट्रांसफर कर सकते हैं.

‘किसी का टिकट किसी का सफर’

भारतीय रेलवे ने ट्विटर पर टिकट ट्रांसफर से जुड़े नियम के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए सलमान खान की फिल्म ‘किसी का भाई, किसी की जान’ से मिलता-जुलता टैगलाइन शेयर किया है. इस दौरान रेलवे ने अपने परिवार में किसी करीबी सदस्य के नाम टिकट ट्रांसफर करने की पूरी प्रकिया बतायी है. रेलवे ने इस मौके पर ट्वीट का टैगलाइन ‘किसी का टिकट किसी का सफर’ रखा है. रेलवे ने ट्वीट कर बताया है कि अगर आपने ट्रेन का रिजर्वेशन करा रखा है, लेकिन तय तारीख को किसी वजह से यात्रा करने में असमर्थ हैं, तो रेलवे आपके लिए खुशखबरी लेकर आया है. आप अपना टिकट अपने परिवार में किसी नजदीकी सदस्य के नाम से ट्रांसफर कर सकते हैं. हालांकि, इसके लिए आपके पास कुछ जरूरी डॉक्यूमेंट्स होने चाहिए.

Also Read: Kisi Ka Bhai Kisi Ki Jaan: सलमान खान की फिल्म का KRK ने उड़ाया मजाक,किया रिव्यू, बोले- जिंदा बचूं या न बचूं… रेलवे टिकट किसको और कैसे कर सकते हैं ट्रांसफर?

रेलवे ने ट्वीट करके बताया है कि अगर आपने किसी निश्चित तारीख की टिकट बुक करा ली है, लेकिन उस तारीख पर यात्रा करने में असमर्थ हैं तो इस टिकट को अपने परिवार के किसी नजदीकी सदस्य के नाम पर ट्रांसफर कर सकते हैं. ध्यान रहे कि ट्रेन खुलने से 24 घंटे पहले आपको यह काम कर लेना होगा. यह टिकट आप सिर्फ अपने मां, पिता, भाई, बहन, बेटा, बेटी, पति, पत्नी के नाम पर ही ट्रांसफर कर सकते हैं. टिकट ट्रांसफर करने के लिए आपको रेलवे को सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स दिखाने होंगे. इसके लिए आपको दोनों पैसेंजर का आईडी प्रूफ, ब्लड रिलेशन प्रूफ और टिकट नजदीकी पीआरएस काउंटर, चीफ रिजर्वेशन सुपरवाइजर के पास जमा करानी होती है. सबसे पहले आपको टिकट का प्रिंट आउट ले लेने है. इसके बाद आपको रिजर्वेशन काउंटर पर जाना है. यह नजदीकी रेलवे स्टेशन पर स्थित होता है. यहां आपको जिसके नाम टिकट ट्रांसफर करना है, उसका आधार कार्ड या वोटर आईडी कार्ड भी ले जाना होगा. अब आप काउंटर से टिकट को ट्रांसफर करने के लिए आवेदन दे सकते हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Rajeev kumar

राजीव, हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और प्रभातखबर डॉट कॉम में कार्यरत हैं. अपने 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारीय अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. आसान भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी कंटेंट राइटिंग की सबसे बड़ी पहचान है.

राजीव की एक्सपर्टीज स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग के साथ-साथ डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, ऑफिशियल डेटा, कंपनी अपडेट्स और एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी यूजर्स तक पहुंचाते हैं.

डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. Google Discover और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारी भरे होते हैं, बल्कि यूजर्स की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, कॉम्पैरिजन-बेस्ड आर्टिकल्स और एक्सप्लेनर स्टोरीज को यूजर्स काफी पसंद करते हैं.

राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन, पॉजिटिव जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग जैसे अलग-अलग बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.

जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.

जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >