Online Gaming पर से नहीं हटेगा 28 प्रतिशत का GST, फैसला 1 अक्टूबर से होगा लागू

GST on Online Gaming – वित्त मंत्री ने जीएसटी परिषद की मीटिंग के बाद कहा कि ऑनलाइन गेमिंग, कैसीनो और घुड़दौड़ पर लगा 28 प्रतिशत का टैक्स की समीक्षा इसके लागू होने के 6 महीने के बाद की जाएगी.

GST on Online Gaming : ऑनलाइन गेमिंग, कैसीनो और घुड़दौड़ पर लगा 28 प्रतिशत का टैक्स बरकरार रहेगा. 51वीं जीएसटी परिषद की बैठक में यह फैसला लिया गया. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैठक के बाद कहा कि ऑनलाइन गेमिंग दांव के फुल फेस वैल्यू पर 28 प्रतिशत टैक्स लगाने का निर्णय 1 अक्टूबर से लागू किया जाएगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि दिल्ली के वित्त मंत्री ने ऑनलाइन गेमिंग पर टैक्स लगाने का विरोध किया, जबकि गोवा और सिक्किम, जीजीआर (सकल गेमिंग राजस्व) पर टैक्स लगाना चाहते थे, फेस वैल्यू पर नहीं. वहीं कर्नाटक से लेकर गुजरात, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश तक अन्य राज्य चाहते हैं कि पिछली बैठक में लिये गए फैसले को लागू किया जाए.

वित्त मंत्री ने जीएसटी परिषद की मीटिंग के बाद कहा कि ऑनलाइन गेमिंग, कैसीनो और घुड़दौड़ पर लगा 28 प्रतिशत का टैक्स की समीक्षा इसके लागू होने के 6 महीने के बाद की जाएगी. उन्होंने कहा कि केंद्रीय और राज्य कानूनों में आवश्यक बदलाव के बाद 28 प्रतिशत के टैक्स का फैसला 1 अक्टूबर से लागू होने की संभावना है. ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों के एक संगठन ने इससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से 28 प्रतिशत वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को कम करने का अनुरोध किया था. उद्योग निकाय ने कहा कि यह कर बहुत अधिक है और इससे अवैध तरीके से काम करने वाली गेमिंग कंपनियों को बढ़ावा मिलेगा.

Also Read: Online Betting: बैन होंगे ऑनलाइन सट्टेबाजी वाले ऐप! मीडिया को बेटिंग के विज्ञापन से दूर रहने की सलाह

सीतारमण को लिखे एक खुले पत्र में ‘इंडियन गेमर्स यूनाइटेड’ के बैनर तले मझोले एवं छोटे शहरों (टियर-2 और टियर-3) की गेमिंग कंपनियों ने कहा कि उच्च कराधान के कारण अवैध गेमिंग और विदेशी मंचों को बढ़ावा मिलेगा. इनसे सरकार को कोई कर नहीं मिलेगा, लेकिन वैध गेमिंग कंपनियां बहुत बड़े संकट में फंस जाएंगी.

निकाय ने जुआ जैसे किस्मत के खेल और गेमिंग जैसे कौशल वाले खेलों के बीच अंतर करने की भी वकालत की. ‘इंडियन गेमर्स यूनाइटेड’ ने एक बयान में कहा कि गेमिंग एक कौशल आधारित गतिविधि है और इसे जुआ या घुड़दौड़ जैसे किस्मत वाले खेलों के साथ नहीं जोड़ा जा सकता है. उन्होंने कराधान पर फिर से विचार करने और इसे उद्योग के अनुकूल बनाने की वकालत की.

Also Read: Online Games: गेमर्स की मौज, भारत में आज सस्ता हुआ PlayStation 5, कीमत जानकर चौंक जाएंगे आप

जीएसटी परिषद अपनी बैठक में ऑनलाइन गेमिंग, कसीनो और घुड़दौड़ पर 28 प्रतिशत जीएसटी लागू करने के तौर-तरीकों पर फैसला करेगी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता वाली जीएसटी परिषद की पिछले महीने हुई बैठक में ऑनलाइन गेमिंग, कसीनो और घुड़दौड़ में लेन-देन की पूरी राशि पर 28 प्रतिशत की दर से कर लगाने का निर्णय किया गया.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Rajeev kumar

राजीव, हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और प्रभातखबर डॉट कॉम में कार्यरत हैं. अपने 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारीय अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. आसान भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी कंटेंट राइटिंग की सबसे बड़ी पहचान है.

राजीव की एक्सपर्टीज स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग के साथ-साथ डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, ऑफिशियल डेटा, कंपनी अपडेट्स और एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी यूजर्स तक पहुंचाते हैं.

डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. Google Discover और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारी भरे होते हैं, बल्कि यूजर्स की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, कॉम्पैरिजन-बेस्ड आर्टिकल्स और एक्सप्लेनर स्टोरीज को यूजर्स काफी पसंद करते हैं.

राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन, पॉजिटिव जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग जैसे अलग-अलग बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.

जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.

जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >