36 ऐप्स गूगल ने कर दिये बैन, कर रहे थे डेटा चोरी, आपके फोन में हों तो तुरंत हटाएं

36 popular apps banned on google play store - मैकेफी की रिसर्च टीम ने इन ऐप्स को लेकर कहा कि ये एंड्रॉयड यूजर्स के लिए बड़ा खतरा हैं क्योंकि ये ऐप्स फोन में मौजूद डेटा से छेड़छाड़ कर रहे थे.

Google Ban 36 Apps: गूगल ने प्ले स्टोर से 36 एंड्रॉयड ऐप्स को डिलीट कर दिया है. इन खतरनाक ऐप्स को सबसे पहले McAfee द्वारा स्पॉट किया गया था. मैकेफी कंपनी की रिसर्च टीम ने इन ऐप्स को लेकर कहा कि ये एंड्रॉयड यूजर्स के लिए बड़ा खतरा हैं क्योंकि ये ऐप्स फोन में मौजूद डेटा से छेड़छाड़ कर रहे थे. गूगल ने मैकेफी की रिपोर्ट पर गंभीरता से एक्शन लिया है. ऐसे में आपको भी एक्शन लेना चाहिए. अगर आपके भी फोन में इनमें से कोई ऐप मौजूद है, तो उसे बिना देर किये हटा दें.

GPS, WiFi और ब्लूटूथ डिवाइस की हिस्ट्री जुटाने में सक्षम

McAfee ने अपनी हालिया रिपोर्ट में दावा है कि उसकी टीम ने एक सॉफ्टवेयर लाइब्रेरी Goldoson की खोज की है. इसके बारे में मैकेफी का कहना है कि यह फोन पर इंस्टॉल किये गए एप्लिकेशन की लिस्ट और आसपास के GPS स्थान सहित WiFi और ब्लूटूथ डिवाइस की जानकारी की हिस्ट्री इकट्ठा करने में सक्षम है. इसके साथ ही, ये ऐप लाइब्रेरी यूजर्स की परमिशन के बिना ओपन पेज पर विज्ञापनों पर क्लिक कर फ्रॉड कर सकती है.

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100 मिलियन से ज्यादा बार डाउनलोड

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मैकेफी ने इस थर्ड-पार्टी खतरनाक लाइब्रेरी वाले 60 से  ज्यादा ऐप्स का पता लगाया है, और इन्हें वन स्टोर और Google Play ऐप से 100 मिलियन से ज्यादा बार डाउनलोड किया गया है. वहीं, गूगल ने इन 60 में से 36 ऐप्स को बैन कर दिया है और अन्य ऐप्स को अपडेट कर दिया है. बैन किये गए कई ऐप प्ले स्टोर पर दिखाई नहीं दे रहे हैं, लेकिन जो यूजर्स पहले से फोन में डाउनलोड कर चुके हैं, उन्हें सलाह है कि वे ऐप का लेटेस्ट वर्जन अपडेट करें या उन्हें हटा दें. इससे एंड्रॉयड फोन पर खतरा हो सकता है.

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Author: Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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