देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स का बढ़ता इस्तेमाल अब सिर्फ पेट्रोल-डीजल बचाने तक सीमित नहीं रहा. EV सेक्टर अब हजारों युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा जरिया भी बनता जा रहा है. उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद से सामने आई एक कहानी इस बदलाव की बड़ी मिसाल बन गई है, जहां बेरोजगारी से जूझ रहा एक युवक अब इलेक्ट्रिक स्कूटर की मदद से हर महीने करीब ₹45 हजार तक कमा रहा है. सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो ने लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि EV क्रांति सिर्फ शहरों की सुविधा नहीं, बल्कि गांव और छोटे शहरों के युवाओं की जिंदगी बदलने का जरिया भी बन रही है.
किराये के इलेक्ट्रिक स्कूटर से शुरू हुई नयी जिंदगी
यह कहानी उस युवक की है जो पहले अपने गांव में बेरोजगार था और काम की तलाश में शहर आया. यहां उसने डिलीवरी प्लैटफॉर्म्स के लिए काम शुरू किया. खास बात यह रही कि उसने खुद का वाहन खरीदने के बजाय किराये पर इलेक्ट्रिक स्कूटर लिया. इसके लिए वह हर हफ्ते लगभग ₹2100 किराया देता है, यानी करीब ₹300 रोजाना.
युवक ने बताया कि वह एक दिन में औसतन ₹1500 तक की कमाई कर लेता है. खर्च निकालने के बाद भी उसके पास अच्छी बचत रह जाती है. यही वजह है कि अब वह हर महीने अपने परिवार को पैसे भेज पा रहा है और घर की आर्थिक स्थिति सुधारने में मदद कर रहा है.
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EV रेंटल मॉडल ने युवाओं के लिए खोले नये रास्ते
भारत में तेजी से बढ़ते EV रेंटल मॉडल ने उन युवाओं के लिए भी काम आसान कर दिया है, जिनके पास शुरुआत में बाइक या स्कूटर खरीदने के पैसे नहीं होते. पहले डिलीवरी जॉब शुरू करने के लिए वाहन खरीदना बड़ी चुनौती होती थी, लेकिन अब कम किराये में इलेक्ट्रिक स्कूटर मिल जाने से एंट्री आसान हो गई है.
इलेक्ट्रिक स्कूटर का सबसे बड़ा फायदा कम रनिंग कॉस्ट है. पेट्रोल खर्च कम होने की वजह से डिलीवरी पार्टनर्स की बचत बढ़ रही है. यही कारण है कि बड़े शहरों में EV आधारित डिलीवरी नेटवर्क तेजी से फैल रहा है.
सोशल मीडिया पर लोगों ने की तारीफ
इस बातचीत का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे काफी प्रेरणादायक बताया. कई यूजर्स ने कहा कि यह दिखाता है कि सही अवसर मिलने पर छोटे शहरों के युवा भी तेजी से आगे बढ़ सकते हैं.
कुछ लोगों ने वीडियो में पूछे गए सवालों की भी तारीफ की. यूजर्स का कहना था कि बातचीत सिर्फ कमाई तक सीमित नहीं थी, बल्कि युवक की जिंदगी, संघर्ष और भविष्य की सोच को भी समझने की कोशिश की गई.
गांवों के परिवारों के लिए बन रहा सहारा
ऐसे कई युवा अब शहरों में EV आधारित डिलीवरी जॉब करके अपने परिवारों को आर्थिक मदद भेज रहे हैं. इससे छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में भी आय का नया स्रोत बन रहा है. कम खर्च और बेहतर कमाई की वजह से EV सेक्टर युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है.
विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सिर्फ ट्रांसपोर्ट का माध्यम नहीं रहेगी, बल्कि यह रोजगार और माइक्रो-उद्यमिता का बड़ा प्लैटफॉर्म बन सकती है.
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