Diwali Gambling Tradition: दिवाली पर ताश खेलने की परंपरा को भुनाने में जुटे Online Games

Diwali and Gambling: कोरोना वायरस महामारी की वजह से करीब एक साल से जहां परीक्षाएं, सम्मेलन समेत कई जरूरी गतिविधियां ऑनलाइन सिमट आई हैं. संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए सामाजिक दूरी के नियम के पालन पर जोर दिया जा रहा है. इसे देखते हुए ऑनलाइन गेम्स वाले ऐप और वेबसाइट दिवाली पर कई लोगों द्वारा खेले जाने वाले ताश और पत्ती की परंपरा को शामिल करा इसे 'भुनाने' में जुट गए हैं.

Diwali and Gambling: कोरोना वायरस महामारी की वजह से करीब एक साल से जहां परीक्षाएं, सम्मेलन समेत कई जरूरी गतिविधियां ऑनलाइन सिमट आई हैं. संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए सामाजिक दूरी के नियम के पालन पर जोर दिया जा रहा है. इसे देखते हुए ऑनलाइन गेम्स वाले ऐप और वेबसाइट दिवाली पर कई लोगों द्वारा खेले जाने वाले ताश और पत्ती की परंपरा को शामिल करा इसे ‘भुनाने’ में जुट गए हैं.

कोविड-19 ने लोगों के पारंपरिक रूप से मिलने जुलने, पार्टी करने के अवसर को छीन लिया है. संक्रमण के खतरे के चलते इस बार दिवाली पर ताश-पत्ती के साथ दोस्तों-मित्रों और परिवार के साथ टेबल पर बैठकर सांकेतिक जुआ खेलना और दांव लगाना संभव नहीं होगा.

हालांकि, ऐसे लोगों को बाजी गेम्स, स्टिकपूल और पॉकेट-52 जैसे ऐप और वेबसाइट ने ऑनलाइन खेलने का विकल्प दिया है जिसमें लोग पोकर और दिवाली पर पारंपरिक रूप से तीन पत्ती खेल सकते हैं. ये ऐप लोगों को पोकर या अन्य ताश के खेल परिवार और दोस्तों और यहां तक पेशेवरों के साथ खेलने का विकल्प दे रहे हैं. पिछली दिवाली दो लाख हार चुके 29 वर्षीय व्यक्ति ने कहा कि ताश खेलने के लिए इस बार न्योता नहीं मिला ‘बड़ा झटका’ है.

Also Read: Diwali Dhanteras Offer: 10,999 में घर लाएं TVS का नया स्कूटर, यहां म‍िल रहा 4500 रुपये का कैशबैक

उन्होंने कहा, पिछली दिवाली से मैं खुद को समझा रहा हूं कि अगली दिवाली इस नुकसान की भरपाई कर लूंगा लेकिन कोरोना वायरस की वजह से मेरे पहचान वाला कोई भी ताश पार्टी की मेजबानी नहीं कर रहा है. मैंने कई लोगों को संपर्क किया यहां तक खुद ताश पार्टी करने की सोची लेकिन कहीं से सकारात्मक जवाब नहीं आया. हर कोई भयभीत है.

वहीं, ऐप हर किसी को उसकी जेब और पंसद के अनुसार पेशकश कर रहे हैं जिनमें मुफ्त में प्रवेश हासिल होने वाले टूर्नामेंट से लेकर पांच रुपये से 100 रुपये की शुरुआती कीमत पर खेल के टेबल पर बैठने का मौका, तीन लाख रुपये की दिवाली प्रतियोगिता पुरस्कार योजना में पंजीकृत कराने पर 50 रुपये का बोनस शामिल है.

समाज में जुए को अच्छी नजर से नहीं देखा जाता है, लेकिन दिवाली पर इसके बारे में राय दूसरी है. हिंदू पौराणिक कथा के अनुसार इस दिन देवी पार्वती ने चौसर के खेल में भगवान शिव से जीता था और कहा था कि जो भी दिवाली की रात जुआ खेलेगा, उसके यहां पूरे साल समृद्धि बनी रहेगी.

Also Read: Dhanteras Diwali पर केवल 4999 रुपये में घर लाएं नया Hero टू-व्हीलर, साथ में आसान लोन और कैशबैक स्कीम भी

बाजी गेम्स के सीईओ नवकिरण सिंह ने कहा, कोविड-19 महामारी की वजह से लोग घरों में रहने को मजबूर हुए हैं और इससे मनोरंजन के तरीके प्रभावित हुए हैं और लोग विकल्प तलाश रहे हैं. इससे इस क्षेत्र में वृद्धि देखने को मिली है और हमारा मानना है कि यह अब और बढ़ेगा.

हम उम्मीद करते हैं और प्रोत्साहित करते हैं कि इस त्योहार लोग सामाजिक दूरी का अनुपालन करने हुए ऑनलाइन खेलों का आनंद लें. पॉकेट52 के सीईओ नीतेश साल्वी ने कहा जो भी पोकर खेलना जानता है वह हमारा लक्षित ग्राहक है.

Also Read: Online Gaming और Betting इस राज्य में BAN; Paytm First, Rummy सहित 132 ऐप्स प्रतिबंधित

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Agency

Published by: Prabhat Khabar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >