इलेक्ट्रिक कारों से ज्यादा हाइब्रिड कारों को लोग पसंद कर है, जानें क्या है इसकी वजह

Hybrid Cars: भारत में बढ़ती पेट्रोल-डीजल की कीमतों की वजह से लोग इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड कारों की तरफ रुख कर रहे हैं. इनमें से भी ज्यादा लोग हाइब्रिड कारों को ज्यादा खरीदना पसंद कर रहे है. आइए जानते हैं कि हाइब्रिड कार किन फीचर्स के साथ आती है जिसकी वजह से लोग इसे इलेक्ट्रिक कारों से भी ज्यादा पसंद कर रहे है.

Hybrid Cars: विदेश ही नहीं देश में भी हाइब्रिड कारों की मांग तेजी से बढ़ रही है. हाल ही में अमेरिका ने बीते साल के कार बिक्री के आंकड़ों को सार्वजनिक किया है. इसमें इलेक्ट्रिक कार की जगह लोगों की पहली पसंद हाइब्रिड कार बनती जा रही है. इसके साथ ही देश में फाडा के आंकड़ों पर नजर डालें तो जनवरी 2023 से नवंबर 2023 के बीच इलेक्ट्रिक कारों के मुकाबलें हाइब्रिड कारों की बिक्री ज्यादा हुई है. इस सबके पीछे एक्सपर्ट पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमत और इलेक्ट्रिक कारों का महंगा होना भी एक बड़ी वजह माना जाता है.

हाइब्रिड वाहन क्या है?

हाइब्रिड वाहन (HEV) एक से अधिक ईंधन के विकल्प के साथ आता है. इसमें दो तरीके के इंजन मौजूद होते है.पहला कार में पेट्रोल या डीजल इंजन और दूसरा इलेक्ट्रिक इंजन होता है यानी कार को दोनों इंजन पावर सप्लाई देता है.

इसमे खास बात यह है कि इंटर्नल सिस्टम के द्वारा ही बैटरी चार्ज हो जाती है. इसमे बैटरी को अलग से चार्ज करने की जरूरत नहीं होती है। इसके अलावा जब गाड़ी बैटरी से चलती  है तो उस समय फ्यूल कि बचत होती है.

हाइब्रिड कार कैसे काम करती है?

 इसमे बैटरी पैक को रीजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम या ICE द्वारा संचालित जनरेटर से चार्ज होता है। इलेक्ट्रिक मोटर से जेनरेट अतिरिक्त बिजली ICE को गाड़ियों की एफिशिएंसी को सुधारने  में मदद करती है। इलेक्ट्रिक बैटरी कार में मौजूद लाइट को भी चार्ज करने में में भी मदद करती है.

हाइब्रिड वाहन फ्यूल एफिशिएंट होते है. वे फ्यूल इंजन का इस्तेमाल तभी करते है, जब पहाड़ या किसी ऊंचाई वाली जगह पर चढ़ रहे हो या कार की स्पीड बढ़ रही हो.

हाइब्रिड कार में वाहन जब स्लो स्पीड में रहती है तो बैटरी का इस्तेमाल करती है और जैसे ही स्पीड बढ़ती है तो कार खुद ऑटोमैटिक पेट्रोल पर शिफ्ट हो जाती है.

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इस वजह से हाइब्रिड कारों को  पसंद किया जा रहा

  • हाइब्रिड कारों का माइलेज इलेक्ट्रिक के मुकाबले बेहतर होती है। ये लॉन्ग रूट पर 25 से 30 किमी प्रति लीटर का माइलेज देता है.
  • एक्सपर्ट्स के मुताबिक, हाइब्रिड कारों की रनिंग कॉस्ट इलेक्ट्रिक व्हीकल के मुकाबले कम होती है.
  • इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर की समस्या ज्यादा है। वहीं, हाइब्रिड कारें फ्यूल और बैटरी दोनों पर आसानी से चलती है। जिसकी वजह से इन्हें चार्ज करने की चिंता नहीं होती है.
  • इलेक्ट्रिक कारों में कम चार्जिंग में लंबी दूरी तय करने की समस्या बरकरार है। इस चिंता से आपको हाइब्रिड कारें दूर रखती है। अगर आपके कार की बैटरी चार्ज नहीं है तो आप इसे फ्यूल पर चला सकते हैं.
  • हाइब्रिड कारें कार्बन का उत्सर्जन कम करती है.

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Published by: Ranjay

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