Zelenskyy Say India With Us: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने हाल ही में UN General Assembly, न्यूयॉर्क में फॉक्स न्यूज से बातचीत में अपनी रणनीति और सोच साझा की. बातचीत का केंद्र बिंदु था भारत और चीन के दृष्टिकोण और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका. जेलेंस्की ने भारत को समर्थन देने वाला पक्ष और चीन को जटिल मुद्दा बताते हुए ट्रंप की कूटनीतिक भूमिका पर भी प्रकाश डाला.
Zelenskyy Say India With Us: भारत ज्यादातर यूक्रेन के साथ है
जेलेंस्की ने कहा, “मैं सोचता हूं कि भारत ज़्यादातर हमारे साथ है. हां, ऊर्जा को लेकर कुछ सवाल हैं, लेकिन मुझे लगता है कि राष्ट्रपति ट्रंप इसे संभाल सकते हैं.” उन्होंने भारत और यूरोप के बीच मजबूत संबंध बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया. “हमारे लिए यह जरूरी है कि भारत हमारा साथ न छोड़े. मैं निश्चित हूं कि समय के साथ वे रूसी ऊर्जा के प्रति अपना नजरिया बदलेंगे.”
चीन के मामले में उन्होंने स्थिति को और कठिन बताया. जेलेंस्की ने कहा, “चीन के साथ यह अधिक मुश्किल है, क्योंकि आज उनके हित में नहीं है कि वे रूस का समर्थन बंद करें.” उन्होंने यह भी माना कि चीन फिलहाल युद्ध को समाप्त करने में रुचि नहीं रखता, जिससे कूटनीतिक संबंध और जटिल हो जाते हैं.
ट्रंप की भूमिका और अमेरिका का समर्थन
जेलेंस्की ने डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन की सराहना की. उन्होंने कहा, “ट्रंप ने स्पष्ट संदेश दिया कि वे युद्ध खत्म होने तक हमारे साथ खड़े रहेंगे. अब हमें समझ आ गया है कि हम युद्ध को जल्द खत्म करने के लिए तैयार हैं. वे चाहते हैं, मैं चाहता हूं, और हमारे लोग चाहते हैं, लेकिन पुतिन नहीं चाहता.” उन्होंने रूस के दृष्टिकोण को भी उजागर किया कि पुतिन जानता है कि वह जीत नहीं रहा, लेकिन सबको बताता है कि वह जीत रहा है.
जेलेंस्की ने यह भी कहा कि ट्रंप चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के दृष्टिकोण को प्रभावित कर सकते हैं. “मुझे लगता है कि ट्रंप चीन के रवैये को बदल सकते हैं, क्योंकि फिलहाल हम महसूस कर रहे हैं कि चीन युद्ध को खत्म करना नहीं चाहता.”
ये भी पढ़ें: राष्ट्रपति एर्दोगन फिर बने ‘बेगानी शादी में दीवाना’, पाकिस्तान के मददगार तुर्की ने UNGA में अलापा कश्मीर राग
ट्रंप की भारत-चीन टिप्पणियां और व्यापार टैरिफ
जेलेंस्की के बयान उसी दिन सामने आए जब ट्रंप ने UN General Assembly में भारत और चीन पर तीखी टिप्पणियां कीं. उन्होंने कहा, “चीन और भारत इस युद्ध के मुख्य वित्तपोषक हैं, क्योंकि ये रूस का तेल खरीदते रहते हैं.” इस बयान का राजनीतिक और आर्थिक परिप्रेक्ष्य यह है कि अगस्त 27 से भारत से कुछ आयात पर 50% टैरिफ लागू किए गए हैं.
इनमें आधे टैरिफ रेसिप्रोकल थे और आधे रूस के साथ भारत के तेल व्यापार को लेकर. जेलेंस्की ने भारत को दोस्त, चीन को चुनौती और ट्रंप को संभावित प्रभावक बताया. इन बयानों से यह स्पष्ट होता है कि यूक्रेन युद्ध में वैश्विक शक्ति संतुलन, ऊर्जा सुरक्षा और कूटनीति कितने जटिल मुद्दे हैं.
