पुतिन-मोदी की मुलाकात को लेकर क्या बोला ग्लोबल मीडिया? अमेरिका से लेकर चीन तक ने डिप्लोमेसी पर कहीं ये बातें

World Media on Vladimir Putin-Narendra Modi Meeting: रूस के राष्ट्रपति गुरुवार शाम को 30 घंटे की भारत यात्रा पर दिल्ली पहुंचे. इस यात्रा पर वैश्विक मीडिया की भी खास नजर रही. अमेरिका, ब्रिटेन से लेकर चीन तक ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.

World Media on Vladimir Putin-Narendra Modi Meeting: रूसी राष्ट्रपति पुतिन गुरुवार को 4 साल बाद भारत दौरे पर पहुंचे. दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर शाम को राष्ट्रपति का विमान पहुंचां, जहां पीएम मोदी उनका गले लगाकर स्वागत किया. ऐसा अमूमन कम ही देखने को मिलता है, जब पीएम मोदी प्रोटोकॉल तोड़कर किसी का स्वागत करें. इसके बाद दोनों एक ही कार से पीएम आवास पहुंचे, जहां प्राइवेट डिनर आयोजित हुआ. पुतिन की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब रूस के ऊपर सैंक्शंस की भरमार है. वहीं भारत के ऊपर रूसी तेल की वजह से कई सारे टैरिफ लगाए गए हैं. इस पर अमेरिका से लेकर यूक्रेन तक की अंतर्राष्ट्रीय मीडिया ने प्रमुखता से कवर किया है. आइए जानते हैं अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी है. 

अमेरिकी मीडिया New York Times बोला रूस के पास भी ग्लोबल पार्टनर

मोदी का एयरपोर्ट जाकर पुतिन को रिसीव करना दोनों नेताओं की नजदीकी को दिखाता है. पुतिन भारत छोटे लेकिन अहम दौरे पर आए हैं, जहां सालाना समिट में रक्षा, व्यापार और भारतीय कामगारों की रूस में तैनाती पर बातचीत होने की उम्मीद है. अमेरिका भारत की रूस से तेल खरीद पर नाराज रहा है, लेकिन भारत-रूस संबंध दशकों पुराने हैं. पुतिन के लिए यह दौरा दुनिया को दिखाने का तरीका है कि रूस ग्लोबल साउथ में अब भी मजबूत पार्टनर रखता है. मोदी के लिए चुनौती यह है कि वह रूस, जो उसका सबसे बड़ा हथियार सप्लायर है और अमेरिका, जो उसका सबसे बड़ा व्यापारिक पार्टनर है, इन दोनों के बीच संतुलन बनाए रखें.

रूस की मीडिया TASS ने कहा सेंसिटिव मुद्दों पर बात हो गई

रूस की रशिया टुडे भारत में पुतिन के दौरे को कवर करने के लिए लगी हुई है. वहीं रूस की समाचार एजेंसी TASS ने कहा कि पुतिन और पीएम मोदी  दोनों एयरपोर्ट से पीएम मोदी की आधिकारिक कार में रवाना हुए. दोनों नेताओं के बीच प्रधानमंत्री आवास पर डिनर के दौरान अनौपचारिक बातचीत हुई. इसमें पुतिन के करीबी नेता के बयान का हवाला देते हुए कहा गया कि यह बातचीत दौरे की सबसे अहम घटना हो सकती है, क्योंकि ऐसी ही अनौपचारिक मुलाकातों में आम तौर पर महत्वपूर्ण और सेंसिटिव मुद्दों पर बातें होती हैं.  

चीनी मीडिया Global Times बोला कोई भी अकेला नहीं

चीनी मीडिया का मानना है कि पुतिन की भारत यात्रा एशिया में रूस-भारत की मजबूत रणनीतिक साझेदारी का स्पष्ट संदेश है. ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक दोनों देश रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, तकनीक और व्यापार जैसे अहम क्षेत्रों में बड़े समझौतों पर काम कर रहे हैं, जो पश्चिमी दबाव के बावजूद उनकी गहरी साझेदारी को दिखाता है. चीन के विशेषज्ञों का कहना है कि भारत और रूस का रिश्ता पूरी तरह रणनीतिक है और किसी बाहरी दबाव से प्रभावित नहीं होता. प्रोफेसर ली हाईडोंग के अनुसार पुतिन की यह यात्रा दुनिया को बताती है कि न भारत और न रूस अकेले हैं, और पश्चिमी प्रतिबंध इन देशों की नीतियों को बदलने में सक्षम नहीं होंगे. चीन इसे एक संकेत की तरह देखता है कि भारत अपनी विदेश नीति में अमेरिका या यूरोप के दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है और दोनों देशों का सहयोग वैश्विक शक्ति संतुलन में एशिया की भूमिका को और मजबूत करेगा.

ब्रिटिश मीडिया BBC ने क्या कहा?

पुतिन दो दिन की यात्रा पर भारत पहुंचे और मोदी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिका भारत पर रूसी तेल खरीद कम करने का दबाव डाल रहा है. भारत और रूस की दोस्ती बहुत पुरानी है. तेल से लेकर रक्षा तक भारत रूस का अहम ग्राहक है. रूस में स्किल्ड वर्कर्स की कमी है और वह भारत को एक बड़े स्रोत के रूप में देखता है. इस दौरे का बड़ा संदेश यह है कि रूस दुनिया को दिखाना चाहता है कि पश्चिमी विरोध और यूक्रेन युद्ध के बावजूद वह अलग-थलग नहीं है. हाल की शी जिनपिंग से मुलाकात भी इसी रणनीति का हिस्सा है.

जर्मन मीडिया DW बोला लिमोजीन डिप्लोमेसी

जर्मन मीडिया ने इस मुलाकात को लिमोजीन डिप्लोमेसी करार दिया. उसने कहा कि मोदी ने पुतिन का स्वागत एयरपोर्ट पर किया. उनकी दोस्ती पर उसने कहा कि इंडियन प्राइम मिनिस्टर पुतिन से मुलाकात करके बहुत खुश हैं. उन्होंने पुतिन को अपना दोस्त कहा है. दोनों नेता लिमोजीन में साथ गए. इस यात्रा में पुतिन का लक्ष्य दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करना है, जो कई एरिया में फैला हुआ है. 

यूक्रेनी मीडिया कीव इंडिपेंडेंट ने कहा कूटनीति की परीक्षा

यूक्रेनी मीडिया ने कहा यह हफ्ता भारत की कूटनीति की परीक्षा जैसा है. भारत रूस के साथ रिश्ते भी बनाए रखना चाहता है और यूक्रेन पर अपनी शांति की प्रतिबद्धता भी. महत्वपूर्ण सवाल यह है कि मोदी 2024 में जेलेंस्की से युद्ध खत्म कराने में मदद करने के वादे पर कितना टिके रहेंगे. भारत और रूस की दोस्ती कोल्ड वॉर के समय से है और 1971 के युद्ध में सोवियत समर्थन ने इसे और मजबूत किया. भारत ने UN में रूस के खिलाफ कई प्रस्तावों पर वोटिंग से दूरी बनाई, ठीक वैसा ही जैसा उसने 2014 में क्रीमिया विवाद पर किया था.

कतर मीडिया अलजजीरा के अनुसार दोनों नेताओं का रिश्ता मजबूत

मोदी ने पुतिन को गले लगाकर स्वागत किया, जिससे स्पष्ट हुआ कि दोनों के बीच व्यक्तिगत समीकरण काफी मजबूत है. पुतिन ने कहा कि यदि अमेरिका रूस से परमाणु ईंधन खरीद सकता है, तो भारत को भी रूसी तेल खरीदने का पूरा अधिकार है. भारत अब रूस से पहले की तुलना में कई गुना ज्यादा तेल खरीद रहा है. 2022 के 2.5% से बढ़कर यह लगभग 36% तक पहुंच गया है. एक्सपर्ट्स बताते हैं कि यह स्वागत यह भी दिखाता है कि पुतिन अंतरराष्ट्रीय मंच पर पूरी तरह अलग-थलग नहीं हैं.

यूएई के Khaleej Times बोला अमेरिकी दबाव के बीच अहम यात्रा

संयुक्त अरब अमीरात के खलीज टाइम्स ने कहा कि भारत इस समय रूसी तेल को लेकर अमेरिका से कड़े दबाव का सामना कर रहा है. हवाई अड्डे पर मोदी ने पुतिन का स्वागत किया, उन्हें गले लगाकर अभिवादन किया और दोनों एक साथ एक ही कार में रवाना हुए. यूक्रेन युद्ध के बाद पुतिन भारत की यात्रा पर आए हैं. इस दौरान उनके साथ मंत्रियों का बड़ा मंडल भी है, जिसमें रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलोउसॉफ भी हैं. ऐसे में दोनों देशों के बीच रक्षा समझौतों पर भी चर्चा हो सकती है. 

पाकिस्तानी मीडिया द डॉन बोला दोनों का व्यापार पर जोर

द डॉन ने लिखा कि इस दौरे का मुख्य फोकस व्यापार और रक्षा सहयोग को मजबूत करना है. भारत अमेरिका को नाराज किए बिना सस्ता रूसी तेल लेना चाहता है, जबकि रूस भारत को S-400 सिस्टम और Su-57 की जॉइंट प्रोडक्शन की पेशकश कर सकता है. अमेरिका की सख्त पाबंदियों के बाद भारत ने रूसी तेल की खरीद कुछ कम की है, ताकि अमेरिका के साथ चल रही व्यापार वार्ता प्रभावित न हो.

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अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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