Russia-Ukraine Talks: दुनिया को महंगाई से मिल सकती है राहत, शुरू हुई रूस-यूक्रेन में वार्ता

Russia-Ukraine Talks: रूस और यूक्रेन के बीच वार्ता शुरू हो गयी है. अगर वार्ता सफल रही, तो गरीब देशों को खाद्यान्न के संकट से और पूरी दुनिया को महंगाई से निजात मिल जायेगी. क्रेमलिन ने कहा है कि सैन्य अधिकारियों के जरिये अनाज संकट पर वार्ता जारी है.

Russia-Ukraine Talks: रूस और यूक्रेन के बीच आखिरकार वार्ता शुरू हो गयी है. तुर्की की राजधानी इस्तांबुल में दोनों देशों के प्रतिनिधियों की वार्ता जारी है. अगर इस वार्ता में कोई हल निकला, तो निश्चित तौर पर पूरी दुनिया को महंगाई से राहत मिल सकती है. दोनों देशों को अधिकारी संयुक्त राष्ट्र और तुर्की के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में अनाज के निर्यात पर लगी पाबंदी को खत्म करने पर चर्चा कर रहे हैं.

अनाज के मुद्दे पर रूस-यूक्रेन के बीच हो रही चर्चा

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा है कि अनाज के मुद्दे पर दोनों देशों के बीच चर्चा जारी है. दोनों देशों के सैन्य अफसर वार्ता कर रहे हैं. बता दें कि फरवरी 2022 से ही रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध चल रहा है. दोनों देश एक-दूसरे को नुकसान पहुंचाने का दावा करते हैं. रूस ने यूक्रेन के कई अहम ठिकानों पर कब्जा कर रखा है. रूस ने ब्लैक सी से जुड़े कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर भी कब्जा कर लिया है.

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यूक्रेन के बंदरगाहों पर रूस का कब्जा

इतना ही नहीं, यूक्रेन के महत्वपूर्ण बंदरगाहों पर भी रूस का कब्जा हो चुका है. ऐसे कई बंदरगाह हैं, जहां रूस का कब्जा नहीं हुआ है. वहां रूस की ओर से लगातार हमले किये जा रहे हैं. रूस ने मिसाइलों के जरिये हमले जारी रखे हैं. युद्ध की वजह से यूक्रेन से अनाज का निर्यात नहीं हो पा रहा है. पांच महीने से अनाज के निर्यात पर रोक लग गयी है. इसकी वजह से दुनिया भर के देशों में महंगाई बढ़ रही है. गरीब देशों के लोगों के सामने खाद्यान्न संकट उत्पन्न हो गया है.

संयुक्त राष्ट्र और तुर्की की पहल पर शुरू हुई वार्ता

यही वजह है कि गतिरोध तोड़ने के लिए संयुक्त राष्ट्र और तुर्की ने दोनों देशों के बीच वार्ता शुरू कराने पर बल दिया. आखिरकार दोनों देश वार्ता के टेबल पर आये हैं और दुनिया को खाद्यान्न संकट से बचाने के लिए वार्ता जारी है. बता दें कि रूस और यूक्रेन पूरी दुनिया में अनाज निर्यात करने वाले देश हैं. इन्हें खाद्यान्न के निर्यात के मामले में पावरहाउस कहा जाता है. रूस और यूक्रेन से 24 फीसदी गेहूं का निर्यात दुनिया को किया जाता है.

रूस पर लगे प्रतिबंधों ने बढ़ायी समस्या

गेहूं के अलावा 57 फीसदी सूरजमुखी के तेल की आपूर्ति रूस और यूक्रेन ही करते हैं. वर्ष 2016 से 2020 तक ये दोनों देश 14 फीसदी भुट्टा का निर्यात करते थे. युद्ध शुरू हुआ, तो उपरोक्त चीजों का निर्यात पूरी तरह से ठप हो गया. रूस पर पश्चिमी देशों की ओर से लगाये गये प्रतिबंधों ने भी संकट को बढ़ाया. रूस ने हमले तेज कर दिये और वार्ता की संभावनाएं क्षीण होती गयी. नतीजा यह हुआ कि कई देशों में खाद्यान्न का संकट उत्पन्न हो गया है.

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