होर्मुज स्ट्रेट: सुरक्षित शिपिंग रूट बनाने के लिए काम कर रहा अमेरिका, वैंस बोले- हमें ईरान पर भरोसा नहीं

अमेरिका और ईरान के बीच मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही को लेकर बातचीत का दौर जारी है. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि वाशिंगटन एक ऐसा मार्ग तैयार करने में जुटा है जिससे कार्गो शिप सुरक्षित तरीके से गुजर सकें. वेंस ने साफ किया कि इस मुद्दे पर अमेरिका को ईरान की नीयत पर भरोसा नहीं है.

फॉक्स न्यूज से बातचीत में जेडी वेंस ने बताया कि अमेरिका का मुख्य लक्ष्य इस क्षेत्र से तेल और गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना है. ताकि वैश्विक और अमेरिकी बाजार में ऊर्जा की कीमतें कम रखी जा सकें. वेंस ने कहा, "हम ईरानियों से बात कर रहे हैं और होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल-गैस की आपूर्ति अधिकतम करने की कोशिश में हैं. ईरान ने आश्वासन दिया है कि वह वाणिज्यिक जहाजों पर हमला नहीं करेगा, लेकिन हम उन पर भरोसा नहीं करते."

वेंस ने यह भी दावा किया कि अमेरिका ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम और पारंपरिक सैन्य क्षमताओं को भारी नुकसान पहुंचाया है और आगे भी उस पर दबाव जारी रहेगा.

ईरान का रुख: मार्ग खोलना शर्तों पर निर्भर

दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने स्पष्ट किया है कि ओमान के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य में यातायात नियंत्रण को लेकर बनी समझ का मतलब इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को पूरी तरह खोलना नहीं है. अराघची के अनुसार, तकनीकी जटिलताओं के कारण फिलहाल एक अस्थायी मार्ग पर विचार किया जा रहा है, जो आगे चलकर स्थायी व्यवस्था का आधार बन सकता है. ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि इस्लामाबाद समझौते के तहत शुरुआती हफ्तों में जहाजों की आवाजाही 60 फीसदी तक लौट आई थी, लेकिन अमेरिका द्वारा नए मार्ग बनाने की कोशिशों से गतिरोध पैदा हुआ. उन्होंने कहा कि जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलना अमेरिका पर निर्भर करेगा.

ओमान की मध्यस्थता से सुलह की उम्मीद

इस बीच, अमेरिकी अधिकारियों और रॉयटर्स के अनुसार ओमान और ईरान के बीच बातचीत में प्रगति हुई है. वाशिंगटन को उम्मीद है कि जल्द ही दोनों देशों के बीच वाणिज्यिक तेल जहाजों की आवाजाही को लेकर समझौता हो सकता है. अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि समझौता लागू होने और ईरानी प्रतिबद्धता पूरी होने पर अमेरिका ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी हटाने पर विचार कर सकता है. वहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी भरोसा जताया है कि क्षेत्र में जारी संघर्ष जल्द समाप्त हो सकता है.


ये भी पढ़ें: अमेरिका करे भरपाई, तभी खुलेगा होर्मुज! ईरान ने नाकेबंदी हटाने के लिए रखी शर्त


ये भी पढ़ें: अमेरिका-इजराइल की घेराबंदी पर भड़के ईरानी राष्ट्रपति, बोले- खाड़ी मुल्कों को उकसाया जा रहा


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >