यूक्रेन पीस प्लान से हट सकते हैं अमेरिकी राष्ट्रपति, जूनियर ट्रंप ने दिया संकेत, जेलेंस्की को लगाई लताड़

US President Ukraine Peace Plan Donald Trump Jr: डोनाल्ड ट्रंप के बड़े बेटे डोनाल्ड ट्रंप जूनियर ने यह संकेत दिया है कि संयुक्त राज्य अमेरिका यूक्रेन के लिए अपना समर्थन समाप्त कर सकता है. ट्रंप जूनियर ने संकेत दिया कि यूक्रेन संघर्ष को लेकर उनके पिता का रुख अप्रत्याशित है. उन्होंने दोहा फोरम के दौरान जेलेंस्की की काफी आलोचना की.

US President Ukraine Peace Plan Donald Trump Jr: यूक्रेन पीस प्लान की आधारशिला रखने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद इससे हट सकते हैं. डोनाल्ड ट्रंप के बड़े बेटे डोनाल्ड ट्रंप जूनियर ने यह संकेत दिया है कि संयुक्त राज्य अमेरिका यूक्रेन के लिए अपना समर्थन समाप्त कर सकता है. उन्होंने यह टिप्पणी कतर में दोहा फोरम के दौरान की. रविवार को एक मध्य पूर्व सम्मेलन के दौरान पत्रकार याल्दा हकीम से बातचीत में ट्रंप जूनियर ने संकेत दिया कि यूक्रेन संघर्ष को लेकर उनके पिता का रुख अप्रत्याशित है. यूक्रेन युद्ध पर बात करते हुए ट्रंप जूनियर ने कहा कि देश के ‘भ्रष्ट’ अमीर लोग वहां से भाग गए और ‘जिसे वे किसान वर्ग मानते थे’ उसे लड़ने के लिए छोड़ दिया.

ट्रंप जूनियर ने फोरम के दौरान बातचीत में कहा कि उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की भी आलोचना की और कहा कि जेलेंस्की युद्ध को लंबा खींच रहे हैं क्योंकि उन्हें पता है कि युद्ध समाप्त होने पर वह चुनाव नहीं जीत पाएंगे. उन्होंने आगे कहा- ‘हम उन सभी अफवाहों को सुनते हैं कि क्या हो रहा है, जब हम देखते हैं कि मोनाको में हर नंबर प्लेट यूक्रेनी है. अमीर लोग भाग गए और उन्होंने उन लोगों को छोड़ दिया जिन्हें वे किसान वर्ग समझते थे, ताकि वे यह युद्ध लड़ें. युद्ध समाप्त करने की कोई प्रोत्साहन नहीं था, क्योंकि जब तक पैसा आता रहा और वे चोरी करते रहे, कोई जांच नहीं कर रहा था. इसलिए शांति की ओर बढ़ने का कोई कारण नहीं था.’

अमेरिका त्यागेगा नहीं, लेकिन यह उनकी प्राथमिकता नहीं

जब उनसे पूछा गया कि क्या अमेरिकी राष्ट्रपति शांति प्रक्रिया से पीछे हट सकते हैं, तो ट्रंप जूनियर ने कहा- ‘मुझे लगता है कि वह ऐसा कर सकते हैं.’ उन्होंने कहा कि उनके पिता की खासियत यह है कि आप नहीं जानते कि वह क्या करने वाले हैं. वह लंबे समय से नौकरशाही में मौजूद लोगों की पारंपरिक नीति का पालन नहीं करते. स्काई न्यूज की पत्रकार  याल्दा हकीम ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि उन्होंने दोहा फोरम में डोनाल्ड ट्रंप जूनियर से बात की, जिन्होंने चेतावनी दी कि उनके पिता यूक्रेन शांति प्रक्रिया से हट सकते हैं. ट्रंप जूनियर ने कहा कि अमेरिका यूक्रेन को ‘त्यागेगा नहीं’, लेकिन यह मुद्दा अमेरिकियों के लिए प्राथमिकता नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका अब चेकबुक लेकर खड़ा रहने वाला मूर्ख” नहीं बनेगा. 

भ्रष्ट है यूक्रेन

पिछले कुछ महीनों में राष्ट्रपति ट्रंप युद्धविराम के लिए प्रयासों का नेतृत्व कर रहे हैं. ट्रंप जूनियर ने कहा- ‘वह पूर्वानुमानित नहीं हैं. वह उन सभी जोकरों की प्लेबुक का पालन नहीं कर रहे, जो दशकों तक नौकरशाही में रहे हैं. आप नहीं जानते.’ उन्होंने यह भी आलोचना की कि यूक्रेन संघर्ष को अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने कैसे प्रस्तुत किया है. उनका दावा था कि युद्ध से पहले यूक्रेन की व्यवस्था रूस से काफी अधिक भ्रष्ट थी और यह अमेरिकी सरकारी आकलनों पर आधारित था.

जेलेंस्की को लगाई लताड़

उन्होंने कहा कि संघर्ष शुरू होने के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की को लगभग देवता जैसी छवि दे दी गई, खासकर राजनीतिक वामपंथ द्वारा, जबकि वर्षों तक भ्रष्टाचार, घोटालों और चोरी का इतिहास रहा है. ट्रंप जूनियर ने कि वह आलोचना से परे थे. वर्षों का भ्रष्टाचार, वर्षों की लूट और चोरी, जिसके बारे में इस कमरे में मौजूद हर कोई जानता था, पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया और यह हास्यास्पद है. हम वास्तविकता में नहीं जी रहे.

यूरोपीय नीति पर भी साधा निशाना

उन्होंने रूस पर यूरोपीय प्रतिबंधों की भी आलोचना की और कहा कि इन प्रतिबंधों ने तेल की कीमत बढ़ा दी, जिसका इस्तेमाल रूस युद्ध को फंड करने में कर सकता है. द गार्जियन के अनुसार, उन्होंने कहा- ‘हम इंतजार करेंगे कि रूस दिवालिया हो जाए. यह कोई योजना नहीं है.’ ट्रंप जूनियर की अपने पिता के प्रशासन में कोई औपचारिक भूमिका नहीं है, लेकिन उन्हें MAGA आंदोलन में एक प्रभावशाली शख्सियत माना जाता है.

अमेरिका के लिए फेंटानिल बड़ा मुद्दा

वहीं ट्रंप ने अपने यूक्रेन पीस प्लान के लिए भरसक कोशिश की है. उन्होंने बातचीत के लिए अपने दोस्त और बिजनेस पार्टनर स्टीव विटकॉफ और अपने दामाद को मॉस्को भेजा था, ताकि वे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन से बात करें. हालांकि इस पर पुतिन ने बेनतीजा बताया. अब इस टिप्पणी के बाद यूक्रेन की शांति योजना अधर में पड़ सकती है. हालांकि रूस और अमेरिका इस पर आगे की बातचीत जारी रखे हुए हैं. वहीं ट्रंप जूनियर के अनुसार अमेरिका यूक्रेन को छोड़ने की योजना नहीं बना रहा, लेकिन संघर्ष के लिए फंडिंग को लेकर अमेरिकी जनता का समर्थन बहुत सीमित है. ट्रंप जूनियर ने यह भी कहा कि 2022 में मतदाताओं से बातचीत के उनके अनुभव में, बहुत कम लोग यूक्रेन युद्ध को एक बड़ा मुद्दा मानते थे. उनके अनुसार, वेनेजुएला से अमेरिका में फेंटानिल जैसे ड्रग्स आने का खतरा लोगों के लिए कहीं बड़ा चिंता का विषय है.

ये भी पढ़ें:-

चीन ने जापान के सैन्य विमान पर किया अजीब सा राडार हमला, बढ़ा तनाव; ऑस्ट्रेलिया भी हुआ चिंतित

ओमान का बड़ा तोहफा! IAF को सौंपेगा 20 से ज्यादा जगुआर जेट, जानें किस काम आएंगे ये विमान

अमेरिका का यूरोप को अल्टीमेटम! 2027 तक नाटो की सुरक्षा खुद संभालें, मजबूत करनी होंगी इंटेलिजेंस और मिसाइल क्षमताएं

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Anant narayan shukla

अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. अनन्त राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर खबरें करते हैं. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यमात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं.

अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं.

इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं.

अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >