वाशिंगटन : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस साल होने वाले राष्ट्रपति चुनाव को स्थगित करने का सुझाव दे दिया है. उनका मानना है कि डाक मतदान बढ़ने से धोखाधड़ी और गलत परिणाम सामने आ सकते हैं. उन्होंने चुनाव देरी से कराने का सुझाव देते हुए कहा, जब तक लोग ठीक से और सुरक्षित रूप से वोट नहीं दे सकते, तब तक इसे टाल देना चाहिए.
मालूम हो अमेरिका में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के चलते राष्ट्रपति चुनाव पोस्टल वोटिंग की मांग हो रही है. इधर डोनाल्ड ट्रंप के चुनाव स्थगित करने की मांग को उनके विरोधी हार से डर को लेकर दिये गये बयान के तौर पर देख रहे हैं.
ट्रंप ने ट्वीट किया, यूनिवर्सल मेल-इन वोटिंग के साथ इस साल चुनाव करना इतिहास का सबसे गलत और फर्जी चुनाव होगा. यह यूएसए के लिए एक बड़ी शर्मिंदगी साबित होगा.
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन आशंकाओं को खारिज कर दिया, जिनमें यह डर जताया गया कि अगर ट्रंप नवंबर में चुनाव हारते हैं तो वह ‘स्वेच्छा पूर्वक’ कार्यालय नहीं छोड़ेंगे. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अगर वह दोबारा नहीं चुने जाते हैं तो यह देश के लिए भी ‘बुरा’ होगा. अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ‘निश्चित तौर पर, अगर मैं नहीं जीतता तो नहीं जीतता. जब उनसे पूछा गया कि अगर वह नवंबर में होने वाले चुनाव में हार गए तो उन्होंने कहा, आप जाइए, कोई अन्य काम करिए.
साथ ही ट्रंप ने कहा, अगर मैं चुनाव हारता हूं तो मुझे लगता है कि यह हमारे देश के लिए बहुत ही बुरी बात होगी. आने वाले राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के ट्रंप का मुकाबला डेमोक्रटिक पार्टी के संभावित उम्मीदवार और पूर्व उप राष्ट्रपति जो बाइडेन से हो सकता है.
ट्रंप का तीन साल का कार्यकाल शांतिपूर्ण और समृद्धि भरा रहा लेकिन हाल ही में कोरोना वायरस महामारी के कारण एक लाख लोगों की मौत होने और अर्थव्यवस्था को हुए नुकसान के कारण चार करोड़ लोगों के बेरोजगार होने के साथ ही अफ्रीकी-अमेरिकी मूल के काले व्यक्ति जॉर्ज फ्लॉयड की पुलिस हिरासत में मौत के बाद सामाजिक उथल-पुथल के चलते उनकी कुर्सी खतरे में पड़ सकती है.
गौरतलब है कि अमेरिका में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या 1,50,000 के पार चली गई है. विश्व में इस वायरस के कारण सबसे अधिक लोगों की जान अमेरिका में ही गई है. जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय के अनुसार अमेरिका में बुधवार तक कोरोना वायरस की वजह से 150,676 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, देश में 4,426,000 मामले हैं और वायरस से यह दुनिया का सबसे ज्यादा प्रभावित देश है.
अमेरिका में कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से पहली मौत 29 फरवरी को हुई थी. 23 अप्रैल तक यानी 54 दिन बाद 50,000 लोगों की मौत हुई और इसके 34 दिन यानी 27 मई तक 100,000 लोगों की मौत हो गई. वहीं, इसके 63 दिन बाद 50,000 और लोगों की मौत हुई.
Posted By – Arbind Kumar Mishra
