मुनीर ने दिखाए मिनरल, MoU साइन करने पाकिस्तान पहुंचा ट्रंप का अमेरिकी CEO, कितने का होगा इन्वेस्टमेंट?

US Pakistan MoU for critical minerals: अमेरिका-भारत के तनावपूर्ण व्यापार संबंधों के बीच, Nova की अमेरिकी सहायक कंपनी ने पाकिस्तान के सोना और रेयर अर्थ प्रोजेक्ट में निवेश करने में गहरी दिलचस्पी दिखाई है. Nova Minerals के CEO क्रिस्टोफर गर्टाइजेन पाकिस्तान पहुंचे, जहाँ उन्होंने पाकिस्तान की अग्रणी मिनरल एक्सप्लोरेशन कंपनी, हिमालयन अर्थ एक्सप्लोरेशन के साथ क्रिटिकल मिनरल्स को लेकर एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए.

US Pakistan MoU for critical minerals: भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान को लगातार अमेरिका से मदद मिल रही है. चाहे वह कूटनीतिक तौर पर हो या फिर सैन्य स्तर पर. इसके लिए पाकिस्तान ने क्या कीमत अदा की है? पाकिस्तान ने अमेरिका को रेयर अर्थ मिनरल और पासनी में बंदरगाह बनाने के लिए ऑफर दिया है. ये वो बाते हैं, जो प्रत्यक्ष रूप से सामने आई थीं. वहीं गाजा में शांति सेना भेजने के लिए पाकिस्तानी सैनिकों को भर्ती किया जाएगा. हालांकि इस पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ. लेकिन जिसका फैसला हुआ है, उसमें कुछ प्रगति दिखाई दे रही है. अमेरिका के व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के बीच एक बंद-दरवाजा बैठक हुई थी. जिसके बाद एक फोटो सामने आई थी, जिसमें मुनीर एक बक्सा लिए थे और उसमें रेयर अर्थ होने का दावा किया गया. अब एक अमेरिकी कंपनी के सीईओ पाकिस्तान पहुंचे हैं. 

अमेरिका-भारत के तनावपूर्ण व्यापार संबंधों के बीच, डोनाल्ड ट्रंप वैश्विक मंच पर पाकिस्तान को लगातार उभार रहे हैं. नवंबर भर इंटरनेट पर कई रिपोर्टें वायरल रहीं, जिनसे संकेत मिला कि Nova की अमेरिकी सहायक कंपनी ने पाकिस्तान के सोना और रेयर अर्थ प्रोजेक्ट में निवेश करने में गहरी दिलचस्पी दिखाई है. इसी कड़ी में Nova Minerals के CEO क्रिस्टोफर गर्टाइजेन पाकिस्तान पहुंचे, जहाँ उन्होंने पाकिस्तान की अग्रणी मिनरल एक्सप्लोरेशन कंपनी, हिमालयन अर्थ एक्सप्लोरेशन के साथ क्रिटिकल मिनरल्स को लेकर एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए. इस बाबत उनका एक वीडियो OsintTV पर आया है.

गर्टाइजेन ने क्या-क्या कहा?

OsintTV की एक रिपोर्ट में गर्टाइजेन को पाकिस्तानी अधिकारियों के साथ देखा गया. मीडिया से बात करते हुए Nova Minerals के सीईओ ने कहा कि पाकिस्तान के साथ रणनीतिक साझेदारी ने कंपनी को स्थानीय ज्ञान और विशेषज्ञता तक पहुंच दी है. गर्टाइजेन ने कहा, “जब हमने पाकिस्तान को देखा, तो हमें पहले से ही पता था कि भूगर्भीय रूप से यहाँ खनिज संसाधनों की बहुत अच्छी संभावनाएँ हैं.” उन्होंने आगे बताया कि प्रारंभिक बातचीत के बाद, पाकिस्तान पहुंचने पर उन्हें हिमालयन अर्थ एक्सप्लोरेशन के कामकाज के बारे में और बेहतर समझ मिली. उन्होंने साझेदारी की प्रशंसा करते हुए कहा, “हमने कभी नहीं सोचा था कि सिर्फ एक हफ्ते में हम इतनी महत्वपूर्ण साझेदारी और रणनीतिक गठबंधन तक पहुँच जाएंगे. यह साझेदारी सबसे सहज, सबसे रोमांचक और सबसे भरोसेमंद समझौता है. आज हम समझौता करते हैं, कल काम शुरू कर देते हैं.”

Nova के CEO ने यह भी बताया कि शुरुआती चरण में इस प्रोजेक्ट में लगभग सौ मिलियन डॉलर के निवेश की जरूरत होगी. उनके काम की शुरुआत एंटीमनी पर केंद्रित होगी. यह एक महत्वपूर्ण खनिज है, जिसकी अमेरिका में भारी आवश्यकता है. इसके बाद सहयोग का विस्तार सोना, रेयर अर्थ और अन्य क्रिटिकल एलिमेंट्स के प्रोजेक्ट्स तक किया जाएगा, जिन पर हिमालयन अर्थ एक्सप्लोरेशन काम कर रही है. गर्टाइजेन ने कहा, “हम पर नजर बनाए रखें, बड़ी चीजें होने वाली हैं.”

पाकिस्तानी अधिकारी ने बताया इन्वेस्टमेंट का पूरा प्लान

उनके बयान के बाद पाकिस्तानी अधिकारियों ने भी बताया कि यह प्रोजेक्ट चार वर्टिकल पर आधारित होगा.  सोना, एंटीमनी, पाकिस्तान में एक प्रोसेसिंग प्लांट और क्षमता-वृद्धि के लिए छात्रों और भूवैज्ञानिकों के अलास्का एक्सचेंज कार्यक्रम हेतु प्रशिक्षण.

भारत-अमेरिका संबंधों में खटास के बाद बढ़ी पाकिस्तान की साख!

अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों में आई यह गर्माहट ऐसे समय में सुर्खियों में है जब अमेरिका और भारत के रिश्तों में खटास आ गई है. इसी साल की शुरुआत में ट्रंप ने कई देशों पर टैरिफ थोपा. इसमें पाकिस्तान से आने वाले आयात पर 19% शुल्क लगाया था, जो भारतीय उपमहाद्वीप के किसी भी देश पर लगाया गया सबसे कम शुल्क था. दूसरी ओर, भारत पर 50% टैरिफ लगाया गया, जो किसी भी देश पर लगाए गए सबसे अधिक शुल्कों में से एक था.

Nova Minerals का अमेरिकी कनेक्शन क्या है?

Nova Minerals एक ऑस्ट्रेलिया-बेस्ड माइनिंग एक्सप्लोरेशन और डेवलपमेंट कंपनी है. कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, अक्टूबर में कंपनी ने घोषणा की थी कि उसकी 100% स्वामित्व वाली अमेरिकी सहायक कंपनी अलास्का रेंज रिसोर्सेज LLC (ARR) को अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ वॉर द्वारा $43.4 मिलियन की फंडिंग दी गई है. यह फंडिंग डिफेंस प्रोडक्शन एक्ट टाइटल III प्रोग्राम के तहत है, जिसका उद्देश्य चीन पर अमेरिका की निर्भरता को कम करना है.

अमेरिकी सरकारी फंडिंग के माध्यम से इस कंपनी को अलास्का में एस्टेल गोल्ड और क्रिटिकल मिनरल्स प्रोजेक्ट से मिलिटरी-ग्रेड एंटीमनी ट्राइसल्फाइड के उत्पादन का काम सौंपा गया है. गर्टाइजेन ने उस समय कहा था, “हम ARR के साथ अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ वॉर की साझेदारी पर गर्व करते हैं, जिससे हम रक्षा उत्पादों के लिए पूरी तरह घरेलू सप्लाई चेन सुरक्षित करने में योगदान देंगे.” 

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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