अमेरिका ने मंगलवार (14 जुलाई, भारतीय समयानुसार) को लगातार तीसरी रात ईरान पर हवाई हमले किए. इस दौरान ईरान के कोस्टल सर्विलांस सिस्टम, ड्रोन ठिकानों और मिसाइल क्षमता को निशाना बनाया गया. इन हमलों के जरिए अमेरिका ने ईरान की सैन्य ताकत को कमजोर करने की कोशिश की और दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने एक्स पर बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर यह सैन्य कार्रवाई की गई. इसका मकसद ईरान की उस क्षमता को कमजोर करना था, जिससे वह होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों के लिए खतरा पैदा कर सकता है.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने एक्स पर हमले की जानकारी दी. भारतीय समयानुसार रात 2:15 बजे (अमेरिकी समयानुसार शाम 4:45 बजे) राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर ईरान के खिलाफ लगातार तीसरी रात हमले शुरू किए गए. CENTCOM के मुताबिक, इन हमलों से ईरानी सेना को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है और उसकी उस क्षमता को कमजोर किया जा रहा है.
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दक्षिणी ईरान में जोरदार धमाके
यह ताजा हमला ऐसे समय हुआ है, जब वीकेंड में दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. ईरानी मीडिया के मुताबिक, मंगलवार (14 जुलाई) को दक्षिणी ईरान में कई जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई दीं. बंदर अब्बास बंदरगाह शहर और किश द्वीप पर कई धमाके हुए. फार्स न्यूज एजेंसी ने बताया कि बुशेहर प्रांत के जाम शहर और केश्म द्वीप से भी कई विस्फोटों की खबरें सामने आईं.
