ईरान पर अमेरिकी हमले की आशंका, 24 घंटे में हो सकती है कार्रवाई, रिपोर्ट में हुआ खुलासा
ईरान पर अमेरिकी हमले की आशंका तेज हो गई है. रिपोर्ट के मुताबिक अगले 24 घंटे में अमेरिका सैन्य कार्रवाई कर सकता है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है. देशभर में जारी विरोध प्रदर्शनों और मौतों के आंकड़ों ने अंतरराष्ट्रीय तनाव और बढ़ा दिया है.
ईरान के खिलाफ अमेरिका की सैन्य कार्रवाई अब और करीब आती दिख रही है. रॉयटर्स से बात करते हुए एक यूरोपीय अधिकारी ने कहा है कि अमेरिका अगले 24 घंटे के भीतर हमला कर सकता है. यह चेतावनी ऐसे समय आई है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ा संदेश दिया है. ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान में हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को फांसी दी गई, तो अमेरिका बहुत सख्त कार्रवाई करेगा. मानवाधिकार संगठनों के मुताबिक, पिछले महीने शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों में अब तक 2,400 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.
अमेरिकी तैयारी के संकेत
दो यूरोपीय अधिकारियों ने रॉयटर्स को बताया कि अमेरिका की ओर से सैन्य कार्रवाई की तैयारी के संकेत मिल रहे हैं, हालांकि हालात तेजी से बदल रहे हैं और सब कुछ जमीनी स्थिति पर निर्भर करेगा. तनाव उस वक्त और बढ़ गया, जब 26 साल के एरफान सोल्तानी को फांसी दिए जाने की खबर सामने आई. परिवार का कहना है कि ईरानी अदालत ने सिर्फ दो दिन में मौत की सजा सुना दी. हालांकि, अब तक यह साफ नहीं है कि फांसी दी गई है या नहीं.
वहीं न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पेंटागन ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने ईरान के खिलाफ कार्रवाई के कई विकल्प रखे हैं. इनमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम और बैलिस्टिक मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाने की योजना भी शामिल है.
हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सीधे सैन्य हमले के बजाय दूसरे विकल्पों पर ज्यादा विचार किया जा रहा है. इनमें साइबर अटैक करना या ईरान की घरेलू सुरक्षा एजेंसियों पर सीमित कार्रवाई करना ज्यादा संभावित माना जा रहा है.
ट्रंप का सख्त संदेश
सीबीएस न्यूज से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि अगर उन्होंने फांसी दी, तो आप कुछ ऐसा देखेंगे जिसकी उम्मीद नहीं होगी. उन्होंने यह भी बताया कि ईरानी अधिकारियों से सभी बातचीत रद्द कर दी गई है. ट्रंप ने कहा कि मौतों के सटीक आंकड़े जुटाए जा रहे हैं और उसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी. उन्होंने ईरानी लोगों से विरोध जारी रखने की अपील की और चेतावनी दी कि हत्याओं की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी. साथ ही, ट्रंप ने ईरान से व्यापार करने वाले देशों पर 25% टैरिफ लगाने का भी ऐलान किया है.
मौतों के आंकड़ों पर भारी विवाद
अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, 2,403 प्रदर्शनकारियों की मौत की पुष्टि हुई है, जिनमें 12 बच्चे भी शामिल हैं. एजेंसी का कहना है कि इंटरनेट और संचार बंद होने के बावजूद यह आंकड़े जुटाए गए हैं. वहीं, करीब 150 सरकारी समर्थकों की भी मौत हुई है. ईरान सरकार इन आंकड़ों से सहमत नहीं है. एक ईरानी अधिकारी ने रॉयटर्स से कहा कि करीब 2,000 लोग मारे गए हैं और हिंसा के लिए आतंकियों को जिम्मेदार ठहराया.
पूरे देश में फैला विरोध
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शन 31 में से सभी प्रांतों के 180 से ज्यादा शहरों और कस्बों तक फैल चुके हैं. शुरुआत में लोग महंगाई, गिरती मुद्रा और बढ़ती कीमतों के खिलाफ सड़कों पर उतरे थे, लेकिन बाद में आंदोलन ने राजनीतिक बदलाव की मांग का रूप ले लिया.
यह विरोध 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद ईरान की धार्मिक सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती माना जा रहा है. वहीं, ईरान ने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि वह सैन्य हस्तक्षेप के लिए बहाना बनाने की कोशिश कर रहा है और चेतावनी दी है कि ऐसी कोशिशें पहले भी नाकाम रही हैं.
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