US CENTCOM: अमेरिका और इजरायल की सेनाओं ने ईरान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोमवार को एक वीडियो जारी किया है, जिसमें अमेरिकी सेना ईरान के युद्धपोतों और विमानों को निशाना बनाती दिख रही है. सेंटकॉम का कहना है कि वे ईरान की उस ताकत को खत्म कर रहे हैं जिससे वह अपनी सीमाओं के बाहर प्रभाव डालता है.
CENTCOM यानी यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड, अमेरिकी रक्षा विभाग का वह प्रमुख सैन्य विभाग है जो मिडिल ईस्ट, मध्य एशिया और दक्षिण एशिया के कुछ हिस्सों में अमेरिकी सैन्य अभियानों और सुरक्षा हितों की जिम्मेदारी संभालता है.
अमेरिका का ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने बताया कि मिडिल ईस्ट में अतिरिक्त अमेरिकी सैनिकों की तैनाती राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ‘मैक्सिमम ऑप्शनैलिटी’ यानी ज्यादा विकल्प देने के लिए की गई है. इस मिशन को ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ नाम दिया गया है. वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, पेंटागन (पेंटागन अमेरिका के रक्षा विभाग का मुख्यालय है) ईरान में कई हफ्तों तक चलने वाले ग्राउंड ऑपरेशन की तैयारी कर रहा है. सेंटकॉम के द्वारा जारी किया गया वीडियो.
ट्रंप ने खुद सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ईरान के लिए यह ‘बड़ा दिन’ है क्योंकि अमेरिकी सेना ने वहां कई महत्वपूर्ण ठिकानों को तबाह कर दिया है. ट्रंप का दावा है कि ईरान की पूरी नेवी और एयरफोर्स खत्म हो गई है और उनके ज्यादातर मिसाइल भी नष्ट हो चुके हैं.
ईरान की ओर से कड़ा जवाब देने की चेतावनी
ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबफ ने इन हमलों की निंदा की है. उन्होंने कहा कि दुश्मन की इस हरकत का करारा जवाब दिया जाएगा. उन्होंने आरोप लगाया कि दुश्मन देश ‘सॉफ्ट वॉर’ या साइकोलॉजिकल ऑपरेशन के जरिए ईरान को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं. इस बीच, हजारों अमेरिकी मरीन सैनिक ‘यूएसएस त्रिपोली’ जहाज के जरिए इलाके में पहुंच चुके हैं.
इजरायल ने तेहरान के कई जगहों पर किए हमले
इजरायली डिफेंस फोर्सेस (IDF) ने मंगलवार को बताया कि उन्होंने तेहरान के बीचों-बीच ईरान के बुनियादी ढांचे पर हमलों का एक और दौर पूरा कर लिया है. आईडीएफ के मुताबिक, पिछले एक दिन में करीब 400 हथियारों का इस्तेमाल कर 170 ईरानी ठिकानों को निशाना बनाया गया. इनमें ड्रोन इंजन बनाने वाली साइट्स, हथियार बनाने के केंद्र और रिसर्च सेंटर शामिल हैं. पश्चिमी ईरान के देहगेलन और सनंदज में भी सैन्य मुख्यालयों और पुलिस स्टेशनों पर हमले किए गए हैं.
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युद्ध में जान-माल का नुकसान
लेबनान में चल रहे ‘ऑपरेशन रोरिंग लायन’ के दौरान मंगलवार को 4 इजरायली सैनिकों की मौत हो गई. जेरूसलम पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, इनमें कैप्टन नोम मैडमनी, स्टाफ सार्जेंट बेन कोहेन और मैक्सिम एंटिस शामिल हैं. 28 फरवरी से अब तक लेबनान में 9 इजरायली सैनिक मारे जा चुके हैं. वहीं, ईरान और लेबनान से हुए रॉकेट हमलों में अब तक 22 आम नागरिकों की जान गई है. हाल ही में नहारिया में हिजबुल्लाह के रॉकेट हमले में 43 साल के उरी पेरेट्ज की मौत हो गई.
मिशन अब आधे से ज्यादा पूरा: नेतन्याहू
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने न्यूजमैक्स को दिए इंटरव्यू में कहा कि ईरान के खिलाफ चल रहा सैन्य अभियान अब आधे से ज्यादा सफल हो चुका है. उन्होंने बताया कि अब उनका मुख्य फोकस तेहरान के यूरेनियम भंडार को सुरक्षित करने या उसे वहां से हटाने पर है. नेतन्याहू का मानना है कि इस कैंपेन से ईरान की सैन्य और न्यूक्लियर क्षमता को काफी नुकसान पहुंचा है.
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