US-Iran War: मिडिल ईस्ट में जारी ईरान युद्ध अमेरिका और इजरायल के लिए आसान नहीं लग रहा. 28 फरवरी को यूएस-इजरायल के साझा हमले के बाद ईरान ने करारा जवाबी पलटवार किया है. ऐसे में अब अमेरिका को भी सहायता की जरूरत पड़ रही है. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा है कि अमेरिका और पश्चिम एशिया के कई देश ईरानी शाहेद ड्रोन से निपटने के लिए यूक्रेन की मदद चाहते हैं.
जेलेंस्की ने बुधवार देर रात कहा कि अमेरिका समेत कई देशों ने ईरानी ड्रोन हमलों से बचाव के लिए यूक्रेन से सहयोग मांगा है. उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में उन्होंने यूएई, कतर, बहरीन, जॉर्डन और कुवैत के नेताओं से संभावित सहयोग को लेकर बातचीत की है.
दरअसल, रूस द्वारा लगभग चार साल पहले यूक्रेन पर हमला शुरू करने के बाद से उसने यूक्रेन के खिलाफ हजारों शाहेद ड्रोन का इस्तेमाल किया है. इसी तरह हाल के दिनों में ईरान ने भी अमेरिकी-इजराइली संयुक्त हमलों के जवाब में इसी प्रकार के ड्रोन का इस्तेमाल किया है.
क्या है यूक्रेन की शर्त?
जेलेंस्की ने स्पष्ट किया कि यूक्रेन ईरानी ड्रोन हमलों से बचाव में मदद तभी देगा, जब इससे उसकी अपनी सुरक्षा प्रभावित न हो. उन्होंने कहा कि इस सहयोग का उद्देश्य रूस के खिलाफ चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए कीव के राजनयिक प्रयासों को भी मजबूत करना होना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘हम उन लोगों को युद्ध से बचाने में मदद करते हैं जो यूक्रेन की मदद करते हैं और जो रूस के साथ हमारे युद्ध का न्यायपूर्ण अंत चाहते हैं.’
ईरान का शाहेद ड्रोन कैसे काम करता है. देखें वीडियो-
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ईरान वॉर की वजह से यूक्रेन से लोगों का ध्यान हटा
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि ईरान से जुड़ा युद्ध यूरोप के सबसे बड़े संघर्ष से अंतरराष्ट्रीय ध्यान हटा रहा है. उनके अनुसार इसी वजह से इस सप्ताह रूस और यूक्रेन के बीच अमेरिका की मध्यस्थता में होने वाली वार्ता के नए दौर को भी टालना पड़ा. पश्चिमी देशों की सरकारों और विश्लेषकों का मानना है कि रूस-यूक्रेन युद्ध में अब तक लाखों लोग मारे जा चुके हैं, जबकि वर्षों से चल रहे शांति प्रयासों के बावजूद संघर्ष के जल्द खत्म होने के संकेत नहीं मिल रहे हैं.
जेलेंस्की ने कहा, ‘ईरान के आसपास की स्थिति के कारण फिलहाल त्रिपक्षीय बैठक के लिए जरूरी संकेत नहीं मिले हैं.’ उन्होंने कहा कि जैसे ही समग्र सुरक्षा स्थिति बेहतर होगी, रूस-यूक्रेन-अमेरिका के बीच त्रिपक्षीय कूटनीतिक बातचीत को फिर से शुरू किया जाएगा.
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ईरान लगातार अमेरिका को नुकसान पहुंचा रहा
ईरान लगातार मिडिल ईस्ट में अमेरिकी हितों को नुकसान पहुंचा रहा है. वह अपने मिसाइल और ड्रोन अटैक से अमेरिका को एक तरह से सोचने पर मजबूर कर रहा है. अमेरिकी विदेश विभाग ने बृहस्पतिवार को ईरान द्वारा किए गए हमलों के बाद कुवैत स्थित अमेरिकी दूतावास को बंद करने की घोषणा की. युद्ध की शुरुआत से ही ईरान ने अमेरिका के सहयोगी खाड़ी देश कुवैत पर लगातार मिसाइलों और ड्रोन से हमले किए हैं. रविवार को कुवैत में हुए ईरानी ड्रोन हमले में छह अमेरिकी सैनिक मारे गए थे.
