डोनाल्ड ट्रंप के ऊपर तीखे हमले: ‘इंटरनेशनल गैंगस्टर, बुली और सबसे भ्रष्ट नेता’, ब्रिटेन के नेताओं ने इतना क्यों लताड़ा?

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोप में ग्रीनलैंड को लेकर अपने इरादों की वजह से डर पैदा कर दिया है. उन्होंने डेनमार्क के कंट्रोल वाले इस इलाके को लेने के लिए किसी भी हद तक जाने की बात कही है. इस पर यूके के नेताओं ने ट्रंप को बुरा भला कहा है.

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने इरादे और बयानों से दुनिया भर में छाए हुए हैं. ज्यादातर लोगों के लिए वह मुश्किलें ही खड़ी कर रहे हैं. इनमें अमेरिका के सबसे पुराने मित्र देश भी शामिल हैं. किसी पर्सनालिटी को बेइज्जत करना तो वह हमेशा ही करते हैं. ट्रेड वॉर के बाद वह देशों पर कब्जा भी करना चाहते हैं. वेनेजुएला का बाद उनका निशाना ग्रीनलैंड है. इसे लेकर काफी विवाद हो ही चुका है. अब ब्रिटेन के सांसद एड डेवी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर जोरदार हमला बोला है. उन्होंने कहा कि ट्रंप एक ‘इंटरनेशनल गैंगस्टर’ की तरह व्यवहार कर रहे हैं. उन्हें लगता है कि ताकत के बल पर वह जो चाहें हासिल कर सकते हैं. 

ब्रिटिश संसद में विदेश मंत्री यवेट कूपर से बात करते हुए डेवी ने ट्रंप को ‘धौंस जमाने वाला’ (बुली) बताया. उन्होंने कहा कि ब्रिटेन को अपने यूरोपीय साथियों के साथ मिलकर उनके खिलाफ मजबूती से खड़ा होना चाहिए. डेवी ने कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप एक अंतरराष्ट्रीय गैंगस्टर की तरह काम कर रहे हैं. उन्होंने एक दोस्त देश की संप्रभुता (Sovereignty) को कुचलने की धमकी दी है, नाटो को खत्म करने की बात कही है. अब हमारे देश और सात यूरोपीय सहयोगियों पर भारी और नुकसानदेह टैक्स लगाने की धमकी दे रहे हैं, जब तक कि उन्हें ग्रीनलैंड नहीं मिल जाता.”

उन्होंने आगे कहा कि यह समय ब्रिटेन, यूरोप और पूरी दुनिया के लिए बेहद गंभीर है. उनके मुताबिक ट्रंप बिना किसी वजह के दूसरे देशों पर हमला कर रहे हैं. इससे देशों की अर्थव्यवस्था, लोगों की रोजी-रोटी और राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में पड़ रही है. डेवी ने यूके के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा, “ट्रंप एक अंतरराष्ट्रीय गैंगस्टर की तरह व्यवहार कर रहे हैं. प्रधानमंत्री ने 12 महीने तक उन्हें खुश करने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहे. अब समय आ गया है कि हम आखिरकार उनके सामने डटकर खड़े हों और अपने यूरोपीय साथियों के साथ मिलकर उन्हें पीछे हटने पर मजबूर करें.”

वहीं, एड डेवी ने ट्रंप को अमेरिका का अब तक का ‘सबसे भ्रष्ट राष्ट्रपति’ बताया. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ट्रंप से निपटने के लिए दो ही रास्ते हैं. पहला रास्ता है- या उनकी खुशामद की जाए, उन्हें महंगे तोहफे दिए जाएं, जैसे एक नया हवाई जहाज, या उनके क्रिप्टो खाते में अरबों रुपये डाल दिए जाएं. दूसरा रास्ता है- उनके खिलाफ मजबूती से खड़ा होना.

यह बयान ऐसे वक्त आ रहे हैं, जब ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर धमकियां दी हैं. जब यूरोप के देशों ने इसका विरोध किया, तो ट्रंप ने कहा कि वह आठ देशों पर टैक्स लगाएंगे. इनमें डेनमार्क, फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन शामिल हैं. ट्रंप के मुताबिक 1 फरवरी से 10 प्रतिशत टैक्स लगेगा और अगर ग्रीनलैंड पर कोई समझौता नहीं हुआ तो 1 जून से इसे बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया जाएगा.

डोनाल्ड ट्रंप बार-बार कहते रहे हैं कि ग्रीनलैंड खनिजों से भरपूर है और वहां रूस और चीन का खतरा है. उनका दावा है कि अमेरिका को अपनी “राष्ट्रीय सुरक्षा” के लिए ग्रीनलैंड की जरूरत है. इसी बीच ट्रंप ने यूके पर एक और हमला बोला. उन्होंने कहा कि वह डिएगो गार्सिया (द्वीप) को लेकर एक खराब समझौता कर रहा है. उन्होंने इसे बड़ा मूर्खतापूर्ण निर्णय बताया. यह द्वीप हिंद महासागर में है. इस खबर की पूरी जानकारी के लिए…

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By Anant narayan shukla

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अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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