ब्रिटेन की मुस्लिम नेता ने भारतीय छात्रा को बनाया नैनी, शारीरिक-मानसिक जुल्म ढाया तो लगा लंबा जुर्माना

UK leader fined for illegally hiring Indian student: भारतीय छात्रा को अवैध रूप से आया (नैनी) के रूप में रखने के मामले में, लेबर पार्टी की एक स्थानीय नेता हिना मीर के ऊपर 40,000 पाउंड का जुर्माना लगाया गया है. उन्होंने ब्रिटेन में बिना वैध वर्क परमिट वाली भारतीय छात्रा को अपने घर में काम पर रखा और उसके श्रम का अनुचित लाभ उठाया, जिससे उसे शारीरिक शोषण जैसा महसूस हुआ. वह आत्मघाती महसूस करने लगी थी.

UK leader fined for illegally hiring Indian student: पश्चिम लंदन में लेबर पार्टी की एक स्थानीय नेता को आव्रजन कानून का गंभीर उल्लंघन करने के आरोप में 40,000 पाउंड (48 लाख रुपये) के भारी जुर्माने का सामना करना पड़ा है. भारतीय छात्रा को अवैध रूप से आया (नैनी) के रूप में रखने के मामले में उनके खिलाफ किए गए दंडात्मक कार्रवाई के विरुद्ध दायर अपील को हाल ही में अदालत ने खारिज कर दिया, जिसके बाद मामला फिर सुर्खियों में आ गया है. स्थानीय राजनीति में सक्रिय और पेशे से वकील हिना मीर पर आरोप है कि उन्होंने ब्रिटेन में बिना वैध वर्क परमिट वाली भारतीय छात्रा को अपने घर में काम पर रखा और उसके श्रम का अनुचित लाभ उठाया.

‘द डेली टेलीग्राफ’ की रिपोर्ट के अनुसार, मीर ने 22 वर्षीय हिमांशी गोंगले को प्रति माह 1,200 पाउंड ( लगभाग 1 लाख 43 हजार रुपये) नकद के बदले अपने घर में आया के रूप में नियोजित किया था. इस काम में घरेलू कार्य, बच्चों या बुजुर्गों की देखभाल तथा अन्य घरेलू सहायिकी शामिल थीं. लेकिन छात्रा के पास ब्रिटेन में काम करने की कोई कानूनी अनुमति नहीं थी. रिपोर्ट के मुताबिक, मीर ने छात्रा का उपनाम बदलकर रिया कर दिया था. मीर ने लोगों से दावा किया कि वह केवल एक ‘सामाजिक आगंतुक’ है, जो उनके घर आकर वीडियो गेम खेलती है, टीवी देखती है या आराम करती है और कभी-कभी हल्के-फुल्के घरेलू कामों में मदद करती है. रिपोर्ट में बताया गया कि सिटी ऑफ लंदन काउंटी कोर्ट में यह सुना गया कि मीर छात्रा को सप्ताह में छह दिन, 24 घंटे उपलब्ध रहने के लिए कहती थीं, ताकि वह उनके दो बच्चों की देखभाल कर सके.

कब खुला मामला?

ब्रिटेन के गृह विभाग ने अदालत को बताया कि यह मामला तब सामने आया, जब पिछले वर्ष अगस्त में छात्रा ने मदद के लिए एक पुलिस कार को रोका. अधिकारियों ने बताया कि छात्रा बेहद तनावग्रस्त और भयभीत लग रही थी. उसका वीजा मार्च 2023 में समाप्त हो चुका था, जिसके बाद से वह अवैध रूप से ब्रिटेन में रह रही थी. पूछताछ में उसने बताया कि उसे घर में ऐसे व्यवहार का सामना करना पड़ा, जिससे उसे शारीरिक शोषण जैसा महसूस हुआ. वह आत्मघाती महसूस करने लगी थी.

मीर ने पद की गरिमा के विपरीत काम किया

द  टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार, इमिग्रेशन अधिकारी एडम गुडचाइल्ड ने अदालत को बताया कि छात्रा अपने वीजा की स्थिति को पूरी तरह समझती थी. उन्होंने कहा- ‘वह जानती थी कि उसका लीव-टू-रिमेन समाप्त हो चुका है और यही वजह थी कि वह विश्वविद्यालय नहीं जा रही थी.’ उन्होंने यह भी कहा- ‘उसने तुरंत मुझे बताया कि वह देश में अवैध रूप से रह रही है और उसकी लीव स्थिति समाप्त हो चुकी है.’ जांच में सामने आया कि छात्रा को ऐसे माहौल में रखा गया जहां उसकी मानसिक और कानूनी स्थिति दोनों असुरक्षित थीं. अदालत में यह भी कहा गया कि मीर ने एक स्थानीय प्रतिनिधि और वकील होने के बावजूद आव्रजन कानूनों की खुलकर अनदेखी की और अपने पद की गरिमा के विपरीत काम किया.

अदालत की लागत भी चुकानी होगी

जनवरी 2025 में इमिग्रेशन नियमों के उल्लंघन के खिलाफ दायर उनकी अपील खारिज कर दी गई. इसके बाद हिना मीर को न केवल 40,000 पाउंड का जुर्माना भरने का आदेश दिया गया, बल्कि 3,620 पाउंड अदालत की लागत भी चुकानी होगी. ब्रिटेन में अवैध प्रवास और घरेलू शोषण जैसे गंभीर मुद्दे देश में किसी भी राजनीतिक या पेशेवर प्रतिष्ठा के बावजूद, आव्रजन कानून का उल्लंघन गंभीर दंड का कारण बन सकता है. इस फैसले के बाद हाउंस्लो में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है, जहां स्थानीय परिषद में विपक्ष के प्रतिनिधि अब मांग कर रहे हैं कि मीर को अपने पार्षद पद से इस्तीफा दे देना चाहिए.

पहले भी विवादों में आईं हैं मीर

आयरलैंड की लॉ सोसाइटी की वेबसाइट के अनुसार, मीर एक सच्ची मुस्लिम हैं. 2020 में वे हाउंस्लो की उप महापौर थीं. उनके वकील अब सिटी ऑफ लंदन काउंटी कोर्ट (3 दिसंबर) में जुर्माने के खिलाफ की जा सकने वाली अपील हार गए हैं. मीर पहले भी विवादों में फंस चुकी हैं. पिछले सप्ताह जब वह काउंसिल की बैठक में शामिल होने के लिए गई थीं, तब अपनी कार को विकलांगों के लिए बने स्थान पर अवैध रूप से पार्क करने के लिए पकड़ी गई थीं. 

ये भी पढ़ें:-

ब्रिटेन में भारतीयों को नौकरी देने वाले को जेल, इस फर्जीवाड़े में फंसा और खुल गया पूरा मामला

पाकिस्तानी गृह मंत्री की लंदन में भारी बेइज्जती, गेट पर रोककर हुई कार की तलाशी, लोग बोले- बम या ड्रग्स तो…

भारतीय चावल पर लग सकते हैं नए टैरिफ, किसानों की कौन सी शिकायत, जिस पर ट्रंप ने वित्त मंत्री से नोट करवाया नाम

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Anant narayan shukla

अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. अनन्त राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर खबरें करते हैं. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यमात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं.

अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं.

इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं.

अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >