Trump Update US F-15 Colonel Rescued: ईरान से रेस्क्यू किए गए अमेरिकी कर्नल को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा अपडेट दिया है. ट्रंप ने बताया कि शुक्रवार को ईरान के ऊपर मार गिराए गए F-15E फाइटर जेट के दूसरे क्रू मेंबर, जो कि एक सीनियर कर्नल हैं, उन्हें सुरक्षित बचा लिया गया है. कर्नल गंभीर रूप से घायल हैं और उन्हें इलाज के लिए कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य बेस भेजा गया है.
पहाड़ों में छिपे थे कर्नल, पीछे पड़ी थी ईरानी सेना
राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर जानकारी दी कि यह रेस्क्यू मिशन ईरान के ऊंचे और दुर्गम पहाड़ों के बीच चलाया गया. कर्नल अपना विमान गिरने के बाद करीब 7,000 फीट की ऊंचाई पर एक पहाड़ी दरार में छिपे थे. ट्रंप के अनुसार, ईरानी सेना भारी संख्या में उनकी तलाश कर रही थी और उनके काफी करीब पहुंच गई थी.
सीआईए ने रची झूठी कहानी
एक्सियोस और सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मिशन को सफल बनाने के लिए अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए ने एक ‘डिसेप्शन ऑपरेशन’ (भ्रम फैलाने की योजना) चलाया. सीआईए ने ईरान के अंदर यह खबर फैला दी कि अमेरिकी सेना ने कर्नल को खोज लिया है और उन्हें सड़क मार्ग से बाहर ले जाया जा रहा है. जब ईरानी सेना इस झूठी खबर के पीछे भाग रही थी, तब सीआईए ने अपनी खास टेक्नोलॉजी से कर्नल की सटीक लोकेशन का पता लगाकर पेंटागन को दी.
SEAL टीम सिक्स ने संभाली कमान
द न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, इस खतरनाक मिशन को नेवी सील टीम सिक्स (Navy SEAL Team 6) ने अंजाम दिया. यह वही यूनिट है जिसने 2011 में ओसामा बिन लादेन को खत्म किया था. मिशन के दौरान अमेरिकी सेना के दो ट्रांसपोर्ट विमानों में टेक्नोलॉजीी खराबी आ गई. दुश्मन के हाथ कोई टेक्नोलॉजी न लगे, इसलिए अमेरिकी कमांडो ने अपने ही उन खराब विमानों को धमाके से उड़ा दिया और तीन अन्य विमानों की मदद से सुरक्षित बाहर निकले.
7 घंटे तक ईरान के आसमान में डटे रहे अमेरिकी लड़ाकू विमान
ट्रंप ने बताया कि कर्नल को बचाने के लिए दर्जनों घातक हथियारों से लैस विमान भेजे गए थे. इससे पहले शुक्रवार को जेट के पायलट को भी दिन के उजाले में रेस्क्यू किया गया था. पायलट को बचाने के लिए अमेरिकी सेना को 7 घंटे तक ईरान के हवाई क्षेत्र में रहना पड़ा. ट्रंप ने इस पूरे ऑपरेशन को अमेरिकी इतिहास के सबसे साहसी ‘सर्च एंड रेस्क्यू’ मिशनों में से एक बताया है.
ईरान का दावा: हमने मार गिराए अमेरिका के विमान
दूसरी तरफ, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फाघरी ने अमेरिकी दावों को खारिज किया है. हिंदूस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने दावा किया है कि उन्होंने इस ऑपरेशन के दौरान अमेरिका के दो C-130 ट्रांसपोर्ट विमान और दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टरों को निशाना बनाया है. हालांकि, अमेरिका ने अपने किसी भी सैनिक के मारे जाने या घायल होने की बात से साफ इनकार किया है.
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ट्रंप की सीधी चेतावनी: ‘नर्क बन जाएगी जिंदगी’
इस सफल रेस्क्यू के बाद ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) को तुरंत खोलने के लिए 6 अप्रैल की समयसीमा दी है. ट्रंप ने अपनी पोस्ट में लिखा कि अगर मंगलवार तक रास्ता नहीं खुला, तो वह ईरान के पावर प्लांट्स और पुलों पर हमला करेंगे. उन्होंने साफ लफ्जों में कहा कि ईरान के लिए स्थिति ‘नर्क’ जैसी हो जाएगी. सोमवार दोपहर 1:00 बजे (अमेरिकी समयानुसार) ट्रंप इस मुद्दे पर ओवल ऑफिस में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे.
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