ट्रंप-पुतिन मुलाकात पर टिकी है दुनिया की निगाहें, अलास्का मीटिंग की कामयाबी से फायदे में रहेगा भारत!

Trump-Putin Meeting: अमेरिका के अलास्का में अगले कुछ घंटे बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन आमने-सामने बैठेंगे. बैठक का मकसद यूक्रेन युद्ध खत्म करवाने के लिए एक सटीक फॉर्मूला ढूंढ़ना है. इस बैठक पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं. क्योंकि बैठक का असर भारत समेत पूरी दुनिया में पड़ सकता है. ट्रंप चाहते हैं कि पुतिन किसी भी कीमत पर युद्ध खत्म करें वहीं रूस की भी कई शर्तें हैं. ऐसे में देखना है कि आज दोनों देशों के बीच वार्ता के क्या परिणाम सामने आते हैं.

Trump-Putin Meeting: दुनिया की दो बड़ी शक्तियां शुक्रवार को वार्ता के लिए एक मेज पर बैठने वाली हैं. पूरी दुनिया की निगाहें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन के बीच होने वाली वार्ता पर टिकी है. दोनों शीर्ष नेता अलास्का स्थित एक अमेरिकी एयरबेस पर यूक्रेन युद्ध को लेकर बातचीत करेंगे. सवाल है कि यूक्रेन के साथ जारी युद्ध बंद करने के अलावा दोनों नेता और किन-किन मुद्दों पर बातचीत करने वाले हैं. 10 साल बाद रूसी राष्ट्रपति पुतिन अमेरिका आकर वहां के राष्ट्रपति से बात कर रहे हैं. इसके अलावा यह बीते करीब 5 साल में किसी मौजूदा अमेरिकी और रूसी राष्ट्रपति के बीच सीधी शिखर बैठक होने जा रही है.

क्या वार्ता से बनेगी बात?

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आज अलास्का स्थित एक अमेरिकी एयरबेस पर यूक्रेन युद्ध मुद्दे पर बातचीत करने वाले हैं. बैठक का सबसे अहम एजेंडा रूस यूक्रेन युद्ध को खत्म करना है. अगर बैठक अपने निर्धारित लक्ष्य को हासिल करते हुए रूस यूक्रेन युद्ध को रोकने में सफल हो जाती है तो ट्रंप के लिए यह उनके इस कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि होगी. इसके अलावा इसका परोक्ष रूप से भारत को भी बहुत फायदा होगा. सबसे बड़ा फायदा यह है कि भारत को अमेरिकी अतिरिक्त 25 फीसदी शुल्क देने से छूट मिल सकती है. रूसी राष्ट्रपति पुतिन भी मान रहे हैं कि यूक्रेन के साथ जंग खत्म करने की दिशा में ट्रंप ईमानदारी से प्रयास कर रहे हैं. ऐसे में अगर शिखर सम्मेलन में शांति की बात बन जाती है तो भारत 27 अगस्त को लगाए जाने वाले 25 फीसदी टैरिफ से बच सकता है.

क्या रूस की मांग मानेंगे ट्रंप

वार्ता की मेज पर दुनिया के दो सबसे ताकतवर देश अगले कुछ घंटों में आने वाले हैं. बैठक में पुतिन अपने पुरानी शर्तों को एक बार फिर ट्रंप के सामने रख सकते हैं. रूस नें जून में युद्ध खत्म करने का जो मसौदा जारी किया था उसे पुतिन एक बार फिर जारी कर सकते हैं. उस मसौदे में पुतिन ने कहा था कि यूक्रेन खेरसॉन, लुगांस्क, ज़ापोरिज़्ज़िया और डोनेत्स्क से अपनी सेना हटा लें क्योंकि रूस इसे अपना क्षेत्र मानता है. इसके अलावा पुतिन यूक्रेन के सेना में भर्ती रोकने और नाटो में शामिल नहीं होने की शर्त दोहरा सकते हैं. रूस पहले भी पश्चिमी देशों से कह चुका है कि वो यूक्रेन को हथियारों की सप्लाई बंद करें. इस बैठक में पुतिन इस पर फिर से बात कर सकते हैं.

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Author: Pritish Sahay

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