Trump Planning Visit Pakistan: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को व्हाइट हाउस से लास वेगास जाते समय मीडिया से बातचीत की. ट्रंप ने संकेत दिया कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता फाइनल हो जाता है, तो वे पाकिस्तान की यात्रा कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि अगर इस्लामाबाद में डील साइन होती है, तो मैं वहां जा सकता हूं. वे चाहते हैं कि मैं आऊं. ट्रंप के अनुसार, मध्यस्थता कर रहे पाकिस्तानी अधिकारी बेहतरीन काम कर रहे हैं.
सस्ती हो सकती है बिजली और तेल की कीमतें
ट्रंप ने ईरान के साथ चल रही बातचीत को लेकर काफी उम्मीद जताई है. उनका मानना है कि अगर यह डील सफल रही, तो बहुत जल्द इसका एलान हो सकता है. ट्रंप के मुताबिक, इस समझौते से होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) सुरक्षित हो जाएगा और अमेरिका को फ्री ऑयल जैसा फायदा मिल सकता है. उन्होंने दावा किया कि इससे तेल की कीमतें पहले के मुकाबले काफी कम हो जाएंगी. ट्रंप ने यह भी कहा कि पिछले कुछ दिनों में गैस की कीमतों में पहले ही कमी देखी गई है.
न्यूक्लियर हथियार पर ट्रंप का रुख
ट्रंप ने साफ किया कि ईरान के साथ किसी भी डील की सबसे बड़ी शर्त यह है कि उनके पास न्यूक्लियर हथियार नहीं होने चाहिए. महंगाई के मुद्दे पर उन्होंने पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें देश के इतिहास की सबसे खराब महंगाई विरासत में मिली थी, जिसे वे अब काफी नीचे ले आए हैं. ट्रंप ने कहा कि ईरान अब उन शर्तों पर भी बात करने को तैयार है, जिनके लिए वह दो महीने पहले राजी नहीं था.
पाकिस्तान और ईरान के बीच बढ़ती डिप्लोमेटिक हलचल
अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर इस समय तेहरान में हैं. गुरुवार को उन्होंने ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालीबाफ से मुलाकात की. इससे पहले बुधवार को ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने उनका स्वागत किया था. इस दौरे का मकसद अमेरिका और ईरान के बीच रुकी हुई बातचीत को फिर से शुरू करना है. रिपोर्ट के मुताबिक, यूरेनियम संवर्धन को रोकने और ईरान के स्टॉकपाइल को मैनेज करने जैसे मुद्दों पर अभी पेंच फंसा हुआ है. आसिम मुनीर जल्द ही इस सिलसिले में वॉशिंगटन भी जा सकते हैं.
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वीकेंड पर हो सकती है अगले दौर की बातचीत
ट्रंप ने संकेत दिया है कि ईरान के साथ अगले दौर की आमने-सामने की बातचीत इस वीकेंड पर हो सकती है. उन्होंने कहा कि अभी यह साफ नहीं है कि ईरान के साथ सीजफायर को आगे बढ़ाया जाएगा या नहीं, क्योंकि उन्हें लगता है कि इसकी जरूरत ही नहीं पड़ेगी. ट्रंप ने भरोसा दिलाया कि ईरान के पास न्यूक्लियर हथियार न होने को लेकर एक मजबूत समझ बनी है, जिसकी कोई 20 साल की समय सीमा नहीं है, बल्कि यह उससे भी आगे के लिए है.
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