Sheikh Hasina: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की मुश्किलें और बढ़ीं, हत्या के चार और मामले दर्ज

Sheikh Hasina: बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना और उनके पूर्व कैबिनेट सहयोगियों के खिलाफ हत्या के कम से कम चार और मामले दर्ज किए गए हैं.

Sheikh Hasina: साल 2010 में बांग्लादेश राइफल्स (बीडीआर) के एक अधिकारी अब्दुर रहीम की मौत के मामले में रविवार को शेख हसीना, बांग्लादेश सीमारक्षक बल (बीजीबी) के पूर्व निदेशक जनरल अजीज अहमद व 11 अन्य के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया.

हिरासत में रहते हुए अब्दुर रहीम की हो गई थी मौत

बीडीआर के सहायक उप निदेशक रहे रहीम 2010 में पिलखाना में कत्लेआम के सिलसिले में दर्ज मामले में आरोपी थे. उसी साल 29 जुलाई को हिरासत में रहते हुए जेल में उनकी मौत हो गई थी. रहीम के बेटे अधिवक्ता अब्दुल अजीज ने ढाका मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट मोहम्मद अख्तर उज्जमां की अदालत में मामला दर्ज कराया.

छात्र आंदोलन के दौरान एक की हत्या के मामले मे भी शेख हसीना के खिलाफ मामला दर्ज

18 जुलाई को भेदभाव विरोधी छात्र आंदोलन के दौरान सैन्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (एमआईएसटी) के एक छात्र की हत्या के मामले में हसीना और 48 अन्य के खिलाफ रविवार को हत्या का एक और मामला दर्ज किया गया. पीड़ित शेख अशबुल यमीन के चाचा अब्दुल्ला-अल कबीर ने रविवार को ढाका के वरिष्ठ न्यायिक मजिस्ट्रेट मोहम्मद सैफुल इस्लाम की अदालत में एक याचिका दायर कर 49 आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की अपील की. इस मामले में अवामी लीग के महासचिव और पूर्व सड़क परिवहन एवं पुल मंत्री ओबैदुल कादर और पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान व अन्य को आरोपी बनाया गया है.

शेख हसीना के खिलाफ और भी कई मामले दर्ज

हाल ही में विरोध प्रदर्शन के दौरान राजधानी में ट्रेडिंग कॉरपोरेशन ऑफ बांग्लादेश (टीसीबी) के उत्पादों के एक विक्रेता की हत्या को लेकर हसीना और 27 अन्य के खिलाफ एक अलग मामला दर्ज किया गया था. मामले में अवामी लीग के महासचिव ओबैदुल कादर और पूर्व मंत्री अनीसुल हक तथा ताजुल इस्लाम अन्य प्रमुख आरोपी हैं. हाल ही में विरोध प्रदर्शन के दौरान राजधानी में एक ऑटो-रिक्शा चालक की हत्या को लेकर हसीना समेत 25 लोगों के खिलाफ एक और मामला दर्ज किया गया था.

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लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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