कीव स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीय छात्रों से यूक्रेन छोड़ने को कहा है. रुस-यूक्रेन के बीच जारी तनाव को देखते हुए यह सलाह दी गयी है. वहां रह रहे भारतीय लोगों से दूतावास ने कहा है कि विश्वविद्यालय के निर्देश का इंतजार ने करें. सुरक्षित घर वापसी सबसे अहम है. युद्ध के मुहाने पर खड़े रूस और यूक्रेन से दुनिया के देश अपने नागरिकों की वापस बुला रहे हैं. इस कड़ी में एयर इंडिया की फ्लाइट से 242 भारतीय नागरिक स्वदेश लौट आये हैं.
इसी कड़ी में न्यूज एजेंसी एएमआई से बात करते हुए हरियाणा की एक निवासी ने कहा कि, उनकी बेटी भी यूक्रेन से लौट रही है. उन्होंने कहा कि अभी तो वहां स्थिति सामान्य है लेकिन हमने फैसला किया कि वह रूस और यूक्रेन के बीच बढ़ते तनाव के बीच सुरक्षित पक्ष में वापस आएगी.
इसी कड़ी में एयर इंडिया के एक बोइंग-787 विमान ने कीव से 250 से अधिक यात्रियों को लेकर उड़ान भरी. बता दें, यूक्रेन में 20 हजार से ज्यादा भारतीय छात्र व अन्य नागरिक रहते हैं. लेकिन यूक्रेन और रूस के बीच जारी तनातनी के बीच उन्हें यूक्रेन छोड़कर भारत वापसी आने के लिए कहा गया है. यूक्रेन से लौटे मेडिकल के छात्र शिवम चौधरी ने कहा कि,वहां का माहौल ठीक है लेकिन जो बाते सामने आ रही है उसके मद्देनज़र हम भारत वापस आ गए हैं. मेडिकल की पढ़ाई करने वाली गईं साक्षी कहती हैं कि वहां हालात बहुत खराब है. देर रात फायरिंग की आवाज से डर लगने लगता था अब राहत महसूस हो रहा है.
बता दें, रूसी सेना बीते मंगलवार को ही यूक्रेन के अलगाववादी क्षेत्रों दोनेत्स्क और लुहांस्क में घुस गयी है. रूसी संसद ने राष्ट्रपति पुतिन को सैन्य बल प्रयोग की अनुमति भी दे दी है. जिसके बाद रूस के यूक्रेन पर बड़ा हमला करने की आशंका बढ़ गयी है. गौरतलब है कि, इससे पहले सोमवार देर रात को पुतिन ने पूर्वी यूक्रेन स्थित दोनेत्स्क और लुहांस्क क्षेत्रों की स्वतंत्रता को मान्यता दी. रूस के इस कदम के खिलाफ कई पश्चिमी देशों ने प्रतिबंध का एलान कर दिया है.
रूस-यूक्रेन के बीच टकराव बढ़ने के साथ वैश्विक शेयर बाजारों में भारी बिकवाली देखने को मिली. मंगलवार को शुरुआती कारोबार में बीएसइ का सेंसेक्स करीब 1,300 अंक लुढ़क गया. हालांकि, बाद में यह 383 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ.
Posted by: Pritish Sahay
