Russia releases Ukrainian drone attack on Putin’s House: रूस ने यूक्रेन पर नोवगोरोद क्षेत्र में स्थित राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आवास को ड्रोन हमले का निशाना बनाने का गंभीर आरोप लगाया है. रूस के रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को एक वीडियो फुटेज जारी करते हुए दावा किया कि इसी ड्रोन का इस्तेमाल इस कथित हमले में किया गया था. मंत्रालय का कहना है कि यह कार्रवाई “सुनियोजित, चरणबद्ध और स्पष्ट रूप से लक्षित” थी. रात में रिकॉर्ड किए गए वीडियो में एक क्षतिग्रस्त ड्रोन को बर्फ से ढके जंगल में गिरा हुआ दिखाया गया है. रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ड्रोन में ऐसा उच्च-विस्फोटक वारहेड लगा था, जिसमें बड़ी संख्या में घातक तत्व भरे हुए थे और इसका मकसद सैन्य बलों के साथ-साथ नागरिक ठिकानों को नुकसान पहुंचाना था. वीडियो में बताया गया है कि ड्रोन का लक्ष्य नोवगोरोद क्षेत्र के वाल्दाई जिले में मौजूद एक सुरक्षित राष्ट्रपति परिसर था.
यह मामला ऐसे समय सामने आया जब यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फ्लोरिडा में मुलाकात कर रहे थे. रूसी सरकारी मीडिया आरटी के मुताबिक, रक्षा मंत्रालय के वीडियो में दिखाई देने वाले एक सैनिक ने दावा किया कि मार गिराया गया ड्रोन यूक्रेन में बना चकलुन-V (Chaklun-V) टोही और हमला करने वाला यूएवी था, जिसे विशेष रूप से संशोधित किया गया था. रूसी सेना के अनुसार, यह हमला 28 और 29 दिसंबर की दरम्यानी रात को किया गया. सैनिक का कहना है कि वायु रक्षा प्रणाली ने ड्रोन को पीछे से निशाना बनाया, लेकिन इसके बावजूद वह काफी हद तक सुरक्षित स्थिति में गिरा, जिसे उन्होंने असामान्य बताया.
91 ड्रोन से हुआ हमला
उन्होंने कहा कि ड्रोन में लगा विस्फोटक वारहेड फटा नहीं था, हालांकि उसमें बड़ी मात्रा में घातक सामग्री मौजूद थी. रूस का दावा है कि उस रात राष्ट्रपति परिसर की ओर भेजे गए कुल 91 यूक्रेनी ड्रोन को नष्ट कर दिया गया. रक्षा मंत्रालय ने इसे “रूसी राष्ट्रपति के आवास पर कीव शासन द्वारा किए गए योजनाबद्ध आतंकवादी हमले के अखंडनीय सबूत” करार दिया है. मंत्रालय ने एक नक्शा भी जारी किया, जिसमें ड्रोन की उड़ान का रास्ता दिखाया गया है. रूस के अनुसार, ब्रांस्क क्षेत्र में 49, स्मोलेंस्क में एक और नोवगोरोद में 41 ड्रोन को मार गिराया गया.
यूक्रेन ने आरोपों से किया इनकार
यूक्रेन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हेओरही तिखी ने इस वीडियो को “हास्यास्पद” करार दिया. उन्होंने रॉयटर्स से कहा, “यह हास्यास्पद है, चाहे इस वीडियो को तैयार करने में उन्हें दो दिन लगना हो या फिर जिस तरह की चीजों को वे सबूत के तौर पर पेश कर रहे हैं, उससे साफ है कि वे कहानी गढ़ने में भी गंभीर नहीं हैं.” उन्होंने कहा, “हमें पूरा भरोसा है कि ऐसा कोई हमला हुआ ही नहीं.”
हालांकि इस तरह के हमले से इनकार नहीं किया जा सकता. यूक्रेन ने मॉस्को में कई बार ड्रोन हमले का प्रयास किया है. वहीं 25 दिसंबर को क्रिसमस के दिन वोलोदिमीर जेलेंस्की ने अपनी इच्छा में पुतिन की मौत मांगी थी. हालांकि राष्ट्रपति जेलेंस्की ने इसे शांति वार्ता में प्रगति को बाधित करने के लिए फैलाया गया जानबूझकर झूठ बताया. उनका कहना है कि इसका उद्देश्य डोनाल्ड ट्रंप के साथ संभावित बातचीत को प्रभावित करना है.
डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा और अमेरिकी अधिकारियों का क्या बयान आया
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि इस कथित ड्रोन हमले की जानकारी उन्हें पुतिन से बातचीत के दौरान मिली. ट्रंप ने कहा कि उन्हें यह पसंद नहीं आया और यह बेहद नाजुक समय है. यह सही समय नहीं है. एक बात होती है जवाबी कार्रवाई करना, लेकिन किसी के घर पर हमला करना बिल्कुल अलग बात है. अभी ऐसा करने का समय नहीं है.” जब उनसे पूछा गया कि क्या इस तरह के हमले के कोई सबूत हैं, तो ट्रंप ने कहा, “हम इसका पता लगाएंगे.” इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि हालिया ड्रोन घटनाओं में न तो पुतिन और न ही उनके किसी आवास को निशाना बनाया गया. वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, सीआईए के आकलन में भी पुतिन पर किसी हमले की कोशिश के सबूत नहीं मिले हैं.
वायरल वीडियो की सच्चाई क्या है?
विवाद के बीच एक 15 सेकंड का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें ड्रोन को कथित तौर पर पुतिन के आवास पर हमला करते हुए दिखाया गया है. इस वीडियो को लाखों बार देखा गया. हालांकि, एक्स (ट्विटर) ने इस वीडियो की फैक्ट-चेकिंग करते हुए ने लिखा, “यह वीडियो एआई से बनाया गया है. ध्यान दें कि वाहन ताजी बर्फ में चलने के बावजूद कोई टायर के निशान नहीं छोड़ता. खराब ऑडियो क्वालिटी, 15 सेकंड की छोटी अवधि और छोटे विस्फोट जिनसे कोई नुकसान नहीं दिखता ये सभी एआई-जेनेरेटेड वीडियो की विशेषताएं हैं.”
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