‘सड़कों से मत हटो’, आपने सत्ता की नींव हिला दी… निर्वासित प्रिंस रजा पहलवी का बड़ा ऐलान- हम ईरान वापस लेंगे
Reza Pahlavi Iran Protests: ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन लगातार तेज होते जा रहे हैं. निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने प्रदर्शनकारियों से सड़कों पर डटे रहने की अपील की है. उन्होंने दावा किया कि खामेनेई सरकार कमजोर पड़ रही है और सुरक्षा बलों में टूट दिख रही है. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका भी हालात पर नजर बनाए हुए है. ईरान सरकार ने इन प्रदर्शनों के पीछे विदेशी साजिश का आरोप लगाया है.
Reza Pahlavi Iran Protests: ईरान में हालात एक बार फिर गर्म हैं. लोग सड़कों पर हैं, सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे हैं और सत्ता में बैठे लोग इसे कुचलने की कोशिश में लगे हैं. इसी बीच ईरान के पूर्व शाह के बेटे और निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी सामने आए हैं. उन्होंने देश के अंदर प्रदर्शन कर रहे लोगों से सीधी अपील की है कि सड़कों को मत छोड़ो. उनका यह संदेश ऐसे वक्त आया है, जब ईरान में लगातार कई दिनों से विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं.
रजा पहलवी का वीडियो संदेश- आपने सत्ता को हिला दिया है
ईरान के आखिरी शाह मोहम्मद रजा पहलवी के बेटे रजा पहलवी, जो फिलहाल देश से बाहर रहते हैं, ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो संदेश जारी किया. 65 साल के पहलवी ने कहा कि ईरान की जनता लगातार तीसरी रात सड़कों पर उतरकर खामेनेई सरकार की पकड़ कमजोर कर चुकी है. उनके अनुसार, उन्हें ऐसी भरोसेमंद जानकारियां मिली हैं, जिनसे पता चलता है कि सरकार के पास अब इतने लोग नहीं बचे हैं जो लाखों प्रदर्शनकारियों को रोक सकें. उन्होंने दावा किया कि कई सुरक्षाकर्मी या तो अपनी ड्यूटी छोड़ चुके हैं या फिर लोगों पर कार्रवाई करने से मना कर रहे हैं.
Reza Pahlavi Iran Protests in Hindi: खामेनेई जनता को दुश्मन मानते हैं
रजा पहलवी ने अपने बयान में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई पर भी सीधा हमला बोला. उनके मुताबिक, खामेनेई और उनकी सरकार ईरानी जनता को अपना दुश्मन मानती है. उन्होंने कहा कि अब सरकार के साथ सिर्फ कुछ हिंसक लोग बचे हैं, जो ईरान के हित में नहीं सोचते. पहलवी ने साफ कहा कि जनता पर ज़ुल्म करने वालों को आगे चलकर इसका हिसाब देना पड़ेगा. रजा पहलवी ने लोगों से रविवार शाम 6 बजे फिर से सड़कों पर उतरने की अपील की. उन्होंने कहा कि लोग अपने दोस्तों और परिवार के साथ समूह में बाहर निकलें, एक-दूसरे से अलग न हों और ऐसी गलियों में न जाएं जहां खतरा हो सकता है. उनका कहना था कि भीड़ में रहना ही सुरक्षा की सबसे बड़ी गारंटी है.
आप अकेले नहीं हैं, पूरी दुनिया देख रही है
अपने संदेश में रजा पहलवी ने यह भी कहा कि ईरान के बाहर रहने वाले ईरानी पूरी मजबूती से अपने देशवासियों के साथ खड़े हैं. उनके अनुसार, दुनिया भर में लोग ईरान के प्रदर्शनकारियों की आवाज को उठा रहे हैं और टीवी पर उनके समर्थन की तस्वीरें दिख रही हैं. उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया ईरान में चल रही इस लड़ाई को देख रही है और लोगों के साहस की तारीफ कर रही है. रजा पहलवी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी जिक्र किया. उनके मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप ईरान में हो रही घटनाओं पर नजर बनाए हुए हैं और उन्होंने प्रदर्शनकारियों की बहादुरी को देखा है. पहलवी का दावा है कि ट्रंप ने जरूरत पड़ने पर मदद के लिए तैयार रहने की बात कही है. अपने संदेश के अंत में रज़ा पहलवी ने भावुक अंदाज में कहा कि प्रदर्शनकारी सड़कों को न छोड़ें. उन्होंने कहा कि उनका दिल ईरान की जनता के साथ है और वह जल्द ही उनके बीच होंगे. उन्होनें कहा कि हम ईरान को वापस लेंगे. (Reza Pahlavi Iran Protests Exiled Crown Prince in Hindi)
अमेरिका के सैन्य विकल्प (न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट)
न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को हाल के दिनों में ईरान को लेकर कई सैन्य विकल्पों की जानकारी दी गई है. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि इन विकल्पों में तेहरान के कुछ खास ठिकानों पर सीमित हमले भी शामिल हैं. बताया गया है कि इनमें ऐसे ठिकाने भी हो सकते हैं जो सरकार की आंतरिक सुरक्षा से जुड़े हैं, लेकिन सीधे तौर पर सैन्य नहीं हैं. यह सारी कवायद भविष्य की स्थिति को देखते हुए की जा रही है.
आर्थिक संकट बना वजह
ईरान में मौजूदा विरोध प्रदर्शन 28 दिसंबर से शुरू हुए थे. इन प्रदर्शनों की बड़ी वजह देश की मुद्रा रियाल का तेजी से गिरना बताया जा रहा है. इससे आम लोगों की जिंदगी और मुश्किल हो गई है, और गुस्सा सड़कों पर दिखने लगा. ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम के मुताबिक, देश की संविधान परिषद के प्रवक्ता ने इन हिंसक प्रदर्शनों के पीछे विदेशी ताकतों का हाथ बताया है. उनके अनुसार, शांतिपूर्ण प्रदर्शनों का फायदा उठाकर बाहर की ताकतों ने हालात बिगाड़ने की कोशिश की. सरकार विरोधी प्रदर्शन लगातार 14वें दिन भी जारी रहे. कई शहरों में तनाव बना हुआ है और सरकार ने सुरक्षा और सख्त कर दी है. ईरानी नेतृत्व का आरोप है कि अमेरिका इन प्रदर्शनों को भड़का रहा है और यह अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन है.
संयुक्त राष्ट्र में ईरान का पत्र
ईरान के संयुक्त राष्ट्र में राजदूत अमीर सईद इरावानी ने यूएन को लिखे एक पत्र में अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनके अनुसार, ईरान में दंगे और हिंसा के लिए वॉशिंगटन सीधे तौर पर जिम्मेदार है. उन्होंने अमेरिका और इजरायल पर मिलकर ईरान के आंतरिक मामलों में दखल देने का आरोप भी लगाया. तस्नीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, ईरानी सेना ने भी बयान जारी किया है. सेना ने कहा है कि अमेरिका ईरानी जनता पर दोबारा अपना दबदबा कायम करने की योजना बना रहा है और इसके लिए तरह-तरह की चालें चल रहा है.
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