Rajnath Singh Germany Visit: राजनाथ सिंह के अनुसार, दुनिया के बड़े संघर्षों, खासकर वेस्ट एशिया (मिडल ईस्ट) संकट को सुलझाने में भारत आने वाले समय में और भी बड़ी भूमिका निभा सकता है. उन्होंने साफ किया कि भारत शांति की कोशिशें कर रहा है और भविष्य में इसमें बड़ी कामयाबी मिलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.
भारतीय कूटनीति की वजह से हमारे 7-8 जहाज सुरक्षित निकले
राजनाथ सिंह ने बताया कि जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) जैसे तनावपूर्ण समुद्री रास्ते से किसी भी देश के जहाज नहीं निकल पा रहे थे, तब भारतीय कूटनीति की वजह से हमारे 7-8 जहाज वहां से सुरक्षित निकलने में कामयाब रहे. उन्होंने कहा कि यह भारत की ‘बैलेंसिंग अप्रोच’ का नतीजा है कि अमेरिका या ईरान में से कोई भी भारत को अपना दुश्मन नहीं मानता. भारत की इसी न्यूट्रैलिटी की वजह से दुनिया के देशों के बीच हमारी साख बढ़ी है.
पुतिन, जेलेंस्की और ट्रंप से चर्चा
रक्षा मंत्री ने जानकारी दी कि पीएम मोदी ने रूस-यूक्रेन युद्ध और अन्य वैश्विक विवादों को लेकर व्यक्तिगत रूप से बड़े नेताओं से बात की है. उन्होंने बताया कि पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से मुलाकात के दौरान युद्ध रोकने की अपील की. इसके अलावा, उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप के साथ भी इन मसलों पर चर्चा की और जोर दिया कि बातचीत के जरिए ही हर समस्या का हल निकाला जाना चाहिए.
भारत-जर्मनी दोस्ती के 75 साल
राजनाथ सिंह की यह पहली जर्मनी यात्रा है, जो वहां के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस के न्योते पर हुई है. सिंह ने बताया कि साल 2026 भारत और जर्मनी के बीच औपचारिक राजनयिक रिश्तों की 75वीं सालगिरह है. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते लोकतांत्रिक मूल्यों पर टिके हैं और पिछले सात दशकों में हर सेक्टर में मजबूत हुए हैं.
व्यापार में जर्मनी नंबर-1
आर्थिक मोर्चे पर डेटा शेयर करते हुए रक्षा मंत्री ने बताया कि जर्मनी आज यूरोप में भारत का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर बन चुका है. भारत में 2,000 से ज्यादा जर्मन कंपनियां काम कर रही हैं, जो ‘मेक इन इंडिया’ और औद्योगिक विकास को रफ्तार दे रही हैं. वहीं, कई भारतीय कंपनियां भी जर्मनी में अपनी मजबूत पकड़ बना चुकी हैं.
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