Strait Of Hormuz: यह घटना तब हुई है जब पाकिस्तान में होने वाली प्रस्तावित शांति वार्ता नहीं हो पाई. शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, फायरिंग से जहाज को नुकसान पहुंचा है, लेकिन किसी के घायल होने या नुकसान पहुंचने की कोई खबर नहीं है. अभी यह साफ नहीं है कि यह जहाज किस देश का है. अमेरिकी नौसेना ने इस रास्ते की घेराबंदी जारी रखी है.
बिना किसी चेतावनी के सुबह 7:55 बजे हुआ हमला
यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) की रिपोर्ट के अनुसार, यह हमला सुबह करीब 7:55 बजे हुआ. ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड से जुड़ी एक गनबोट ने बिना किसी बातचीत या चेतावनी के सीधे कंटेनर शिप पर गोलियां चला दीं. यह जहाज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल और व्यापारिक मार्ग से गुजर रहा था. हालांकि फायरिंग हुई, लेकिन जहाज के क्रू मेंबर्स सुरक्षित हैं. ईरान की ओर से अब तक इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान या सफाई नहीं आई है.
अमेरिका की कार्रवाई के बाद बढ़ा टकराव
यह ताजा हमला समुद्र में चल रहे पिछले कई विवादों के बाद हुआ है. पिछले वीकेंड पर अमेरिका ने फायरिंग के बाद ईरान का एक कंटेनर शिप अपने कब्जे में ले लिया था. इसके अलावा, अमेरिकी सेना ने हिंद महासागर में ईरान के तेल व्यापार से जुड़े एक टैंकर की भी जांच की थी. पाकिस्तान में होने वाली बातचीत फेल होने के बाद अब डिप्लोमैटिक रास्ते बंद नजर आ रहे हैं, जिससे दोनों देशों के बीच दूरियां और बढ़ गई हैं.
ट्रंप का ईरान को अल्टीमेटम: ‘3 से 5 दिन का वक्त’
एक्सियोस की रिपोर्ट में तीन अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के गुटों को एक साथ मिलकर अपना प्रस्ताव देने के लिए बहुत कम समय दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने कहा है कि वह ईरान को अपनी स्थिति साफ करने के लिए 3 से 5 दिन का अतिरिक्त समय देंगे, लेकिन यह छूट हमेशा के लिए नहीं होगी. ट्रंप का मकसद ईरान के नेतृत्व पर दबाव बनाना है ताकि युद्धविराम खत्म होने से पहले वे अपनी बात सामने रखें.
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पाकिस्तान के अनुरोध पर हमले रोकने का फैसला लिया: ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा कि ईरान की सरकार बिखरी हुई नजर आ रही है. उन्होंने बताया कि पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसीम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के अनुरोध पर उन्होंने हमले रोकने का फैसला लिया है ताकि ईरान को अपना प्रस्ताव तैयार करने का समय मिल सके. ट्रंप ने स्पष्ट किया कि जब तक ईरान अपना प्रस्ताव नहीं देता और बातचीत पूरी नहीं होती, तब तक अमेरिकी सेना की घेराबंदी और तैयारी पूरी रहेगी.
वहीं वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने अपना इस्लामाबाद का दौरा अनिश्चितकाल के लिए टाल दिया है. उन्हें ईरान से जुड़ी बातचीत के लिए पाकिस्तान जाना था, लेकिन ट्रंप द्वारा सीजफायर बढ़ाने और ईरान से एकजुट प्रस्ताव मांगने के फैसले के बाद इस मिशन को फिलहाल रोक दिया गया है. इलाके में स्थिति काफी नाजुक बनी हुई है.
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