Iran Rejects Trump Ceasefire: ट्रंप ने ईरान सरकार को गंभीर रूप से बिखरी हुई बताया है और कहा है कि जब तक ईरान कोई एक ठोस प्रस्ताव नहीं देता, तब तक ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी घेराबंदी जारी रहेगी. ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा कि ईरान की सरकार अंदरूनी तौर पर टूटी हुई है.
उन्होंने बताया कि पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसीम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के अनुरोध पर उन्होंने हमले को रोकने का फैसला किया है. ट्रंप ने अपनी सेना को निर्देश दिया है कि वे ईरान की घेराबंदी जारी रखें और हमले के लिए पूरी तरह तैयार रहें. ट्रंप तब तक इंतजार करेंगे जब तक ईरान के नेता कोई साझा प्रस्ताव लेकर बातचीत के लिए नहीं आते.
ईरान का करारा जवाब: ‘हारने वाला शर्तें नहीं थोप सकता’
अमेरिका के इस कदम पर ईरान ने कड़ा रुख अपनाया है. ईरान की संसद के अध्यक्ष के सलाहकार मेहदी मोहम्मदी ने ट्रंप की इस पेशकश को खारिज कर दिया. मोहम्मदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि हारने वाली साइड शर्तें तय नहीं कर सकती. उन्होंने कहा कि ट्रंप के युद्धविराम बढ़ाने का ईरान के लिए कोई मतलब नहीं है. मोहम्मदी के मुताबिक, घेराबंदी जारी रखना बमबारी करने जैसा ही है, इसलिए ईरान को अब सैन्य कार्रवाई शुरू करनी चाहिए. उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि ट्रंप सिर्फ सरप्राइज हमले के लिए वक्त खरीद रहे हैं.
युद्धविराम बढ़ाने के लिए ट्रंप का शुक्रिया अदा किया: पाक पीएम
पाकिस्तान इस पूरे मामले में एक बिचौलिए की भूमिका निभा रहा है. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने युद्धविराम बढ़ाने के लिए ट्रंप का शुक्रिया अदा किया है. उन्होंने उम्मीद जताई कि इस्लामाबाद में होने वाले दूसरे दौर की बातचीत में अमेरिका और ईरान के बीच एक परमानेंट शांति समझौता (पीस डील) हो जाएगा. शहबाज शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान इस विवाद को बातचीत से सुलझाने के लिए अपनी कोशिशें जारी रखेगा.
पहले भी फेल हो चुकी है बातचीत
यह दूसरी बार है जब ट्रंप ने युद्धविराम की डेडलाइन बढ़ाई है. इससे पहले इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच करीब 21 घंटे तक लंबी बातचीत चली थी, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल पाया और समझौता टूट गया था. अब पूरी दुनिया की नजरें पाकिस्तान में होने वाली अगली मीटिंग पर टिकी हैं.
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