प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र को संबोधित करते हुए पाकिस्तान और चीन का नाम लिये बगैर उनकी नीतियों पर जमकर हमला बोला. अफगानिस्तान के मुद्दे पर भी पीएम मोदी ने इमरान खान की सरकार को जमकर लताड़ लगायी. कहा कि संयुक्त राष्ट्र और पूरे विश्व को यह सुनिश्चित करना होगा कि अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल कोई भी देश अपने निहित स्वार्थ के लिए आतंकवाद को बढ़ावा न दे सके. यह देश आतंकवादियों का पनाहगाह न बन जाये.
पीएम मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा ने कहा कि यूएन की विश्वसनीयता बनाये रखने के लिए महत्वपूर्ण बदलाव का समय आ गया है. उन्होंने यह भी कहा कि हजारों साल पुरानी लोकतांत्रिक व्यवस्था वाले देश भारत में चाय बेचने वाले के बेटे ने प्रधानमंत्री और गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में 20 साल तक देश की सेवा की है.
मदर ऑफ डेमोक्रेसी है भारत
मैं उस देश का प्रधानमंत्री हूं, जिसे मदर ऑफ डेमोक्रेसी कहा जाता है. लोकतंत्र की हमारी हजारों साल की परंपरा है. इस 15 अगस्त को भारत ने अपनी आजादी के 75वें साल में प्रवेश किया. हमारी विविधता, हमारे सशक्त लोकतंत्र की पहचान हैं. एक ऐसा देश, जिसमें दर्जनों भाषाएं हैं. सैकड़ों बोलियां हैं. अलग-अलग रहन-सहन, खान-पान हैं. ये लोकतंत्र की निशानी है. स्टेशन पर चाय बेचने वाले का बेटा चौथी बार संयुक्त राष्ट्र को संबोधित कर रहा है.
यस डेमोक्रेसी कैन डिलीवर, यस डेमोक्रेसी हैज डिलीवर्ड
लोकतंत्र के महत्व को भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेखांकित किया. उन्होंने कहा-यस डेमोक्रेसी कैन डिलीवर, यस डेमोक्रेसी हैज डिलीवर्ड. संयुक्त राष्ट्र में पीएम मोदी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर उनके एकात्म मानवतावाद के दर्शन का भी जिक्र किया. कहा कि एकात्म मानवतावाद अंत्योदय को समर्पित है. यानी कोई पीछे न रह जाये. इसी अवधारणा के साथ भारत विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है. विकास सर्वसमावेशी हो, सर्वस्पर्शी हो, सर्वव्यापी हो यही हमारी प्राथमिकता है.
संयुक्त राष्ट्र की विश्वसनीयता बनाये रखने की जरूरत
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि चाणक्य ने सदियों पहले कहा था कि जब सही समय पर सही कार्य नहीं किया जाता, तो समय ही उस कार्य की सफलता को समाप्त कर देता है. संयुक्त राष्ट्र को खुद को प्रासंगिक बनाये रखना है, तो उसके प्रभाव को सुधारना होगा, विश्वसनीयता को बढ़ाना होगा. आज संयुक्त राष्ट्र पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं. हमने क्लाइमेट क्राइसिस में, कोविड के दौरान संयुक्त राष्ट्र की भूमिका पर सवाल खड़े होते देखा है. दुनिया के कई हिस्सों में छद्म युदध, आतंकवाद और अब अफगानिस्तान संकट ने इन सवालों को और गहरा कर दिया है. कहा कि हमें यूएन को ग्लोबल ऑर्डर और ग्लोबल लॉ और ग्लोबल वैल्यूज के संरक्षण के लिए निरंतर सतर्क करने की जरूरत है.
चीन पर साधा निशाना, कहा- समंदर हमारी साझी विरासत
पीएम मोदी ने विस्तारवादी चीन पर भी उसका नाम लिये बगैर हमला बोला. कहा कि समंदर हमारी साझी विरासत हैं. यह अंतरराष्ट्रीय व्यापार की लाइफलाइन भी है. इसे विस्तारवादियों से बचाना होगा. अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एक सुर में इसके खिलाफ आवाज उठानी होगी. सुरक्षा परिषद में भारत की अध्यक्षता में समुद्री सुरक्षा के मामले में बनी सहमति विश्व को आगे बढ़ने का मार्ग दिखाती है.
बढ़ रहा है आतंकवाद और उग्रवाद का खतरा
पीएम मोदी ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया. कहा कि जो देश आतंकवाद का राजनीतिक अस्त्र के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं, उनको समझना होगा कि आतंकवाद उनके लिए भी उतना ही बड़ा खतरा है. यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल आतंकवाद फैलाने और आतंकी हमलों के लिए न हो. वहां की नाजुक स्थितियों का कोई देश अपने स्वार्थ के लिए टूल की तरह इस्तेमाल न करे. वहां की महिला, बच्चों और अल्पसंख्यकों को मदद की जरूरत है. हमें उनकी मदद करनी होगी. पीएम ने कहा कि विश्व के सामने आतंकवाद और उग्रवाद का खतरा बढ़ता जा रहा है. इन परिस्थितियों में पूरे विश्व को विकास के आधार का मंत्र बदलना होगा.
विश्व की व्यवस्था पर भी बोले मोदी
कोरोना महामारी ने सबक दिया है कि दुनिया की व्यवस्था को और डायवर्सिफाइड करना होगा. नियम-आधारित विश्व व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एक स्वर में बोलना चाहिए. ग्लोबल इंडस्ट्रियल डाइवर्सिफिकेशन के लिए भारत दुनिया का भरोसेमंद पार्टनर बन रहा है. भारत में इकॉनोमी और इकोलॉजी दोनों में बेहतर संतुलन स्थापित किया है. दुनिया ने क्लाइमेट चेंज से निबटने में भारत के प्रयासों को सराहा है.
भारत का विकास होता है, तो विश्व को गति मिलती है
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत का विकास होता है, तो विश्व को गति मिलती है. आज भारत में 350 करोड़ से ज्यादा यूपीआई ट्रांजैक्शन हो रहा है. भारत का कोरोना वैक्सीन प्लेटफॉर्म कोविन करोड़ों डोज लगाने के लिए डिजिटल सपोर्ट दे रहा है. पीएम मोदी ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद भारत वैक्सीन डेवलपमेंट और उत्पादन में जी-जान से जुटा है. भारत ने दुनिया की पहली डीएनए वैक्सीन विकसित कर ली है, जिसे 12 साल की आयु से ज्यादा के सभी लोगों को लगाया जा सकता है.
आइए, भारत में वैक्सीन बनाइए
पीएम मोदी ने दुनिया भर के वैक्सीन निर्माताओं का आह्वान किया कि वे भारत में वैक्सीन का निर्माण शुरू करें. उन्होंने कहा कि हम सब जानते हैं कि टेक्नोलॉजी का मानव जीवन में कितना महत्व है. टेक्नोलॉजी विद डेमोक्रेटिक वैल्यूज सुनिश्चित करना होगा. उन्होंने कहा कि भारत के डॉक्टर, इंजीनियर, अनुसंधानकर्ता किसी भी देश में रहें, हमारे लोकतांत्रिक मूल्य उन्हें मानवता की सेवा में जुटे रहने की प्रेरणा देते रहते हैं. उन्होंने कहा कि भारत एक बार फिर दुनिया के जरूरतमंद देशों को वैक्सीन देना शुरू कर दिया है.
Posted By: Mithilesh Jha
