पीएम मोदी के जापान दौरे का एजेंडा क्या है? विदेश सचिव ने किया खुलासा, इन मुद्दों पर होगी चर्चा

Pm Modi Japan Visit 2025: प्रधानमंत्री मोदी 29 अगस्त से जापान दौरे पर जाएंगे. इस दौरान भारत-जापान की विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी की समीक्षा होगी. दोनों देशों के बीच व्यापार, रक्षा, तकनीक और सांस्कृतिक सहयोग पर चर्चा होगी. यह दौरा मित्रता और क्षेत्रीय व वैश्विक सहयोग को मजबूत करेगा.

PM Modi Japan Visit 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 अगस्त को जापान की यात्रा पर जा रहे हैं. यह दौरा कई कारणों से महत्वपूर्ण है. एक तरफ यह मोदी का 2014 के बाद जापान का आठवां दौरा होगा, वहीं दूसरी ओर यह प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा के साथ उनका पहला वार्षिक शिखर सम्मेलन भी होगा. ऐसे में यह मुलाकात भारत-जापान रिश्तों की गहराई और उनके भविष्य की दिशा तय करने वाली साबित हो सकती है.

विदेश मंत्रालय (MEA) ने बताया कि दोनों प्रधानमंत्री इस दौरान विशेष सामरिक और वैश्विक साझेदारी की समीक्षा करेंगे. इसमें रक्षा और सुरक्षा, व्यापार और अर्थव्यवस्था, प्रौद्योगिकी और नवाचार, जनसंपर्क और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी. मंत्रालय ने कहा, “यह दौरा भारत और जापान के लंबे समय से चले आ रहे मित्रता संबंधों को और मजबूत करेगा.”

PM Modi Japan Visit 2025: विदेश सचिव की क्या राय है?

विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा कि भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन दोनों देशों के बीच सबसे उच्च स्तर का संवाद है. उनके मुताबिक, बीते एक दशक में द्विपक्षीय संबंध लगातार विस्तार पा रहे हैं और अब इनमें व्यापार, निवेश, रक्षा, विज्ञान-प्रौद्योगिकी, अवसंरचना, गतिशीलता और सांस्कृतिक सहयोग जैसे क्षेत्र शामिल हो चुके हैं. मिसरी ने यह भी कहा कि भारत और जापान एशिया की अग्रणी लोकतंत्र हैं और दुनिया की पांच सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में गिने जाते हैं. यही कारण है कि यह बैठक क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर भी अहम मानी जा रही है.

एजेंडे में क्या-क्या?

इस शिखर सम्मेलन का एजेंडा व्यापक है. दोनों नेता भारत-जापान विशेष सामरिक और वैश्विक साझेदारी का गहन आकलन करेंगे.भारतीय नौसेना के लिए यूनिफाइड कॉम्प्लेक्स रेडियो एंटेना (UNICORN) का संयुक्त विकास. अंतरिक्ष क्षेत्र में ISRO और JAXA का सहयोग, जिसमें LUPEX (लूनर पोलर एक्सप्लोरेशन) मिशन शामिल है, जो चंद्रमा के दक्षिणी हिस्से की खोज करेगा. कई नई परियोजनाओं की घोषणा होगी, जो साझेदारी को और मजबूत बनाएगी.

क्यों अहम है यह मुलाकात?

यह भारत-जापान के बीच 15वां शिखर सम्मेलन है और ऐसे समय पर हो रहा है जब दोनों देशों के संबंध न सिर्फ क्षेत्रीय, बल्कि वैश्विक परिदृश्य को भी प्रभावित कर रहे हैं. साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और रणनीतिक दृष्टिकोण ने इन रिश्तों को और गहराई दी है. उम्मीद है कि यह मुलाकात नई पहलों को जन्म देगी और भारत-जापान साझेदारी को और ऊंचाई पर ले जाएगी.

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लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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