प्यू सर्वे का दावा: वैश्विक स्तर पर अमेरिका और ट्रंप की लोकप्रियता में भारी गिरावट, चीन पर बढ़ा दुनिया का भरोसा

ईरान के साथ जारी युद्ध के बीच अमेरिका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भारी नुकसान उठाना पड़ा है. प्यू रिसर्च सेंटर ने 36 देशों को लेकर एक रिसर्च किया है, जिसमें दावा किया गया है कि वैश्विक स्तर पर अमेरिका की लोकप्रियता में भारी गिरावट आई है, जबकि चीन के प्रति दुनिया का नजरिया पहले से काफी बेहतर हुआ है. प्यू रिसर्च सेंटर ने 8 फरवरी से 13 मई, 2026 के बीच दुनिया के 36 देशों में 42,151 वयस्कों पर सर्वे किया.

Pew Research 2026: रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत से ही वैश्विक स्तर पर अमेरिका की छवि बिगड़ने लगी थी. जो इस साल अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है. रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान में 90 प्रतिशत लोग चीन पर भरोसा करते हैं, जबकि अमेरिका पर केवल 15 प्रतिशत. उसी तरह बांग्लादेश के लोग चीन पर 56 प्रतिशत और अमेरिका पर केवल 26 प्रतिशत. सर्वे में भारत को भी शामिल किया गया है, जिसमें दावा किया गया है, भारत में अमेरिका की तुलना में चीन पर अधिक भरोसा किया जाता है. सर्वे रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका पर 23 प्रतिशत, जबकि चीन पर 45 प्रतिशत लोग भरोसा करते हैं.

शी जिनपिंग पर बढ़ा भरोसा : सर्वे

सर्वे के अनुसार, दुनिया में अब भी एक बड़ा वर्ग चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की नीतियों को शक की निगाह से देखता है, लेकिन ट्रंप के मुकाबले जिनपिंग पर भरोसा जताने वाले लोगों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है. रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान में शी जिनपिंग पर 83 प्रतिशत भरोसा किया जाता है. जबकि ट्रंप पर केवल 12 प्रतिशत भरोसा किया जाता है. उसी तरह भारत में ट्रंप पर 25 प्रतिशत और जिनपिंग पर 39 प्रतिशत भरोसा किया जाता है.


प्यू सर्वे रिपोर्ट, फोटो प्यू रिसर्च सेंटर

बाइडन के दौर से शुरू हुई थी गिरावट

रिपोर्ट के अनुसार जो बाइडन के राष्ट्रपति काल के आखिरी वर्षों में चीनी राष्ट्रपति के मुकाबले बाइडन पर लोगों का भरोसा ज्यादा था. हालांकि, साल 2023 से 2024 के बीच बाइडन की लोकप्रियता भी कई देशों में गिरी थी. लेकिन ट्रंप के सत्ता संभालते ही अमेरिकी राष्ट्रपति के प्रति दुनिया का विश्वास बेहद तेजी से कम हुआ है.


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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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