ईरान युद्ध के बीच पटाया में सेक्स वर्कर्स पर पुलिस की रेड, 5 हजार अमेरिकी सैनिकों के साथ थाईलैंड पहुंचा USS अब्राहम लिंकन

थाईलैंड के पटाया शहर में 5 हजार अमेरिकी सैनिकों के पहुंचने से हलचल मच गई है. ईरान में जारी युद्ध के बीच शहर के पर्यटन पर असर पड़ रहा है, जबकि पुलिस ने नाइटलाइफ इलाकों में सख्ती बढ़ा दी है. जानिए पूरा मामला.

थाईलैंड के मशहूर पर्यटन शहर पटाया में अमेरिकी नौसैनिकों के पहुंचने से पहले पुलिस ने नाइटलाइफ इलाकों में सख्ती बढ़ा दी है. अमेरिकी नौसेना का विमानवाहक पोत USS अब्राहम लिंकन करीब 5 हजार नौसैनिकों और मरीन को लेकर पास के लाम चाबांग बंदरगाह पहुंचा है. 286 दिनों की लंबी तैनाती के बाद लौटे इन अमेरिकी सैनिकों के पटाया पहुंचने की संभावना के बीच पुलिस ने सेक्स वर्कर्स और संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी तेज कर दी है. द न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, हालिया कार्रवाई में 40 से 50 लोगों को हिरासत में लिया गया है.

ईरान युद्ध का पर्यटन पर भी पड़ा असर

ईरान में चल रहे युद्ध के कारण, पटाया के पर्यटन पर भी असर पड़ा है. सामान्य दिनों की अपेक्षा, शहर में अभी कम पर्यटक दिख रहे हैं, जिसका मतलब है कि व्यवसायों पर भी इसका असर पड़ रहा है. हालांकि शहर की मशहूर Walking Street में अब भी बार और नाइटलाइफ का माहौल बरकरार है. कई बार अपनी ओर पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए दीवारों पर पोल-डांस करती महिलाओं के वीडियो दिखा रहे हैं.

अमेरिकी सैनिकों के पहुंचते ही पुलिस अलर्ट

हजारों अमेरिकी सैनिकों के पटाया पहुंचने के मद्देनजर थाई प्रशासन ने शहर के नाइटलाइफ इलाकों में पुलिस की निगरानी बढ़ा दी है. पुलिस सेक्स वर्कर्स और मनोरंजन से जुड़े इलाकों में भी कार्रवाई कर रही है. प्रशासन का जोर कानून-व्यवस्था बनाए रखने और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर है.

लंबी तैनाती के बाद सैनिकों को आराम

USS Abraham Lincoln नवंबर 2025 में तैनात हुआ था. करीब 286 दिनों तक चली इस तैनाती के बाद जहाज पर मौजूद लगभग 5,000 नौसैनिकों और मरीन को थाईलैंड में कुछ समय जमीन पर बिताने का मौका मिला है. लंबी समुद्री तैनाती के बाद पटाया उनके लिए आराम और मनोरंजन का प्रमुख पड़ाव बन सकता है.

वियतनाम युद्ध से जुड़ा है पटाया का अमेरिकी कनेक्शन

पटाया और अमेरिकी सेना का रिश्ता नया नहीं है. इसकी जड़ें वियतनाम युद्ध के दौर तक जाती हैं. उस समय लाखों अमेरिकी सैनिक दक्षिण-पूर्व एशिया में तैनात थे और बड़ी संख्या में सैनिक आराम और मनोरंजन के लिए थाईलैंड आते थे. उस दौर में, वियतनाम युद्ध से थके हुए अमेरिकी सैनिक आराम करने और तरोताज़ा होने के लिए पटाया आते थे. यह उनके लिए एक महत्वपूर्ण R&R (Rest and Recuperation) केंद्र बन गया था, जहाँ वे युद्ध की कठिनाइयों से दूर कुछ पल शांति के बिताते थे.

मछली पकड़ने वाले गांव से ग्लोबल टूरिस्ट डेस्टिनेशन तक

वियतनाम युद्ध के दौर में अमेरिकी सैनिकों की आवाजाही ने पटाया के विकास को तेजी से बदल दिया. कभी मछली पकड़ने वाला छोटा-सा गांव रहा यह इलाका धीरे-धीरे होटल, बार, मनोरंजन और पर्यटन का बड़ा केंद्र बन गया. आज पटाया दुनिया भर में अपनी नाइटलाइफ और सेक्स-टूरिज्म के लिए जाना जाता है.

अमेरिकी युद्धपोत की मौजूदगी ने फिर दिलाई पुराने दौर की याद

सितंबर 2026 में USS Abraham Lincoln के साथ करीब 5,000 अमेरिकी सैनिकों का पटाया के नजदीक पहुंचना उस पुराने दौर की याद दिला रहा है. एक ओर सैनिक लंबी तैनाती के बाद आराम के लिए यहां पहुंचे हैं, तो दूसरी ओर थाई प्रशासन नाइटलाइफ इलाकों में सुरक्षा और पुलिसिंग को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है. ईरान युद्ध से पर्यटन पर दबाव और अमेरिकी सैनिकों की बड़ी संख्या में मौजूदगी के बीच पटाया एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय चर्चा में है. शहर की नाइटलाइफ, अमेरिकी सैन्य इतिहास और मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था ने इस यात्रा को खास बना दिया है.

ये भी पढ़ें: VIDEO : नेपाल में तबाही के बीच ‘गजराज’ बना फरिश्ता, नदी में डूब रहे दो बच्चों को सूंड से निकाला बाहर; वीडियो वायरल

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By सत्येन्द्र गिरि

सत्येन्द्र गिरि प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वे मुख्य रूप से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों से जुड़ी खबरों का लेखन करते हैं. सरल, तथ्यात्मक और पाठक-केंद्रित लेखन उनकी प्रमुख पहचान है. उन्होंने एशिया के प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से मास्टर ऑफ आर्ट्स इन मास कम्युनिकेशन (बैच 2023–25) की डिग्री प्राप्त की है.

पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, डिजिटल मीडिया, रिपोर्टिंग और समसामयिक विषयों की गहन समझ विकसित की. पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके पास एक वर्ष का पेशेवर अनुभव है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला के गोरखपुर एडिशन से की, जहां समाचार लेखन और रिपोर्टिंग की बारीकियों को नजदीक से सीखने और समझने का अवसर मिला. इसके बाद उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता में कदम रखते हुए प्रभात खबर डिजिटल से जुड़कर देश-विदेश की महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य शुरू किया.

सत्येन्द्र की विशेष रुचि इतिहास, अंतरराष्ट्रीय संबंध, राजनीति, कूटनीति और समसामयिक घटनाक्रम से जुड़े विषयों में है. वे जटिल और गंभीर मुद्दों को भी सरल, संतुलित और विश्वसनीय तरीके से प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं. राष्ट्रीय और वैश्विक घटनाओं पर उनकी गहरी नजर रहती है तथा वे तथ्यपरक और निष्पक्ष पत्रकारिता को अपनी कार्यशैली का आधार मानते हैं. वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के निवासी हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >