Video: पाकिस्तान में पुलिस की ही गाड़ी उठा ले गए प्रदर्शनकारी, फर्राटा भरने वाली चार पहिया लगी रेंगने

Pakistan TLP Protesters forcibly took away a Police vehicle: पाकिस्तान में जारी हिंसक झड़पों के बीच तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को पुलिस की एक गाड़ी पर कब्जा कर लिया और उसे जबरन अपने कब्जे में लेकर ले गए.

Pakistan TLP Protesters forcibly took away a Police vehicle: पाकिस्तान के लाहौर शहर में शुक्रवार को एक कट्टरपंथी इस्लामिक पार्टी के समर्थकों और पुलिस के बीच झड़पों में दो लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हो गए. घायलों में पुलिसकर्मी भी शामिल हैं. ये झड़पें उस समय हुईं जब प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर विरोध प्रदर्शन करने की कोशिश की. तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) के कार्यकर्ता और पुलिस के बीच हिंसक टकराव की वजह से शहर लगभग ठप हो गया. टीएलपी के समर्थक गाजा में इजरायल की कार्रवाई के खिलाफ इस्लामाबाद में भी विरोध प्रदर्शन करना चाहते थे.

लाहौर के जिन इलाकों में टीएलपी के समर्थक जमा हुए थे, वहां इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क सेवाएं निलंबित रहीं. पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों पर पत्थर फेंके, लाठियों से हमला किया और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया. एक वरिष्ठ पंजाब पुलिस अधिकारी ने पीटीआई को बताया, “शुक्रवार की नमाज के बाद मुल्तान रोड एक युद्धक्षेत्र में बदल गया, जहां टीएलपी समर्थकों और पुलिस के बीच झड़पें हुईं. दोनों पक्षों के कई लोग, जिनमें पुलिसकर्मी भी शामिल हैं, घायल हुए.” उन्होंने बताया कि झड़पों में कम से कम 15 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. इस झड़प के बाद कम से कम 12,000 टीएलपी समर्थक लाहौर के एग्जिट पॉइंट के पास आजादी चौक तक पहुंचने में सफल रहे.

पाकिस्तान में जारी हिंसक झड़पों के बीच तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को पुलिस की एक गाड़ी पर कब्जा कर लिया और उसे जबरन अपने कब्जे में लेकर ले गए. जनरल आसिम मुनीर के नेतृत्व वाले नए पाकिस्तान में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती है. पुलिस वाहन पर इतने लोग सवार थे कि केवल गाड़ी के टायर की ही हवा नहीं निकली, पूरी की पूरी गाड़ी की हवा खराब हो गई है. किसी तरह वह रेंगते हुए चल रही थी. इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. देखें-

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने का किया प्रयास

पुलिस अधिकारी ने बताया, “प्रदर्शनकारियों ने आजादी चौक पर डेरा डाल लिया है. उन्हें इस्लामाबाद जाने से रोकने के लिए पुलिस और रेंजर्स की भारी तैनाती की गई है.” उन्होंने कहा कि अब तक लाहौर और पंजाब प्रांत के अन्य हिस्सों से 200 से अधिक टीएलपी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है. वहीं अमेरिकी वाणिज्य दूतावास लाहौर की ओर जाने वाले सभी रास्तों को पुलिस और रेंजर्स ने बंद कर दिया. टीएलपी के विरोध प्रदर्शन के कारण लाहौर की सभी मुख्य सड़कों पर भारी ट्रैफिक जाम लग गया.

पंजाब में 10 दिनों के लिए धारा 144 लागू

वहीं टीएलपी के प्रवक्ता ने दावा किया कि झड़पों में उनके दो कार्यकर्ताओं की मौत हो गई और 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर है. टीएलपी समर्थकों और पुलिस के बीच झड़पें बुधवार (7 अक्टूबर) की रात को शुरू हुईं, जब टीएलपी ने इस्लामाबाद में अमेरिकी दूतावास के बाहर फिलिस्तीनियों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की थी. टीएलपी समर्थकों को इस्लामाबाद पहुंचने से रोकने के लिए, पुलिस ने मुल्तान रोड पर स्थित टीएलपी मुख्यालय पर कार्रवाई शुरू की और कंटेनर लगाकर शहर के प्रवेश और निकास बिंदुओं को सील कर दिया. पुलिस टीएलपी प्रमुख साद हुसैन रिजवी को गिरफ्तार नहीं कर सकी. इस बीच, पंजाब सरकार ने पूरे प्रांत में 10 दिनों के लिए धारा 144 लागू कर दी है.

ये भी पढ़ें:-

नोबेल जीतने वाली मारिया ने ट्रंप को समर्पित किया अवॉर्ड, तो US राष्ट्रपति ने कहा उन्होंने भी माना मैं ही था हकदार, लेकिन मैंने…

पाकिस्तान-सऊदी अरब रक्षा समझौता कोई बड़ा बदलाव नहीं, अमेरिकन एक्सपर्ट ने बताया इसके पीछे का सारा खेल

अमेरिका में सैन्य विस्फोटक प्लांट में धमाका, तबाह हुआ पूरा संयत्र, कई लोगों की मौत की आशंका

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Anant narayan shukla

अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. अनन्त राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर खबरें करते हैं. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यमात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं.

अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं.

इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं.

अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >