पाकिस्तान में विशाल तेल-गैस का खजाना मिला, पीएम शहबाज बोले- अब देश की तरक्की तय
Pakistan Oil Gas Discovery: पाकिस्तान ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कोहाट जिले में तेल और गैस के बड़े भंडार मिलने का दावा किया है. OGDCL (ऑयल एंड गैस डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड) के अनुसार, रोजाना लगभग 4,100 बैरल तेल निकाला जा सकता है. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इसे एक बड़ी उपलब्धि बताया है, लेकिन खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में संसाधनों के बंटवारे और बढ़ते असंतोष को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं.
Pakistan Oil Gas Discovery: पाकिस्तान ने तेल और गैस का एक बड़ा भंडार खोजने का दावा किया है. पहली नजर में, यह खबर देश की एनर्जी जरूरतों के लिए एक अच्छी राहत लगती है, लेकिन करीब से देखने पर पता चलता है कि मामला सिर्फ तेल और गैस तक ही सीमित नहीं है. यह खोज एक ऐसे इलाके में हुई है जो पहले से ही कम विकास, नाराजगी और राजनीतिक तनाव से जूझ रहा है.
Pakistan Oil Gas Discovery in Hindi: कहां और कितना तेल-गैस मिला?
पाकिस्तान की सरकारी कंपनी ऑयल एंड गैस डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड (OGDCL) ने अधिकारियों को जानकारी दी कि खैबर पख्तूनख्वा के कोहाट जिले के नश्पा ब्लॉक में तेल और गैस का बड़ा भंडार मिला है. अधिकारियों के अनुसार, इस नए भंडार से हर दिन करीब 4,100 बैरल तेल निकाला जा सकता है. सरकार का कहना है कि इससे देश की घरेलू ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और आयात पर निर्भरता कुछ हद तक कम होगी.
पेट्रोलियम डिविजन की बैठक में क्या बताया गया?
तेल और गैस से जुड़े मामलों पर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में एक अहम बैठक हुई. इस बैठक में पेट्रोलियम डिविजन के अधिकारियों ने सेक्टर का पूरा रोडमैप पेश किया. इसमें तेल-गैस की खोज, उत्पादन और पाइपलाइन जैसे ढांचागत कामों की जानकारी दी गई. अधिकारियों ने बताया कि इस सर्दी में लोगों को पिछले साल के मुकाबले बेहतर गैस प्रेशर मिल रहा है. इसके पीछे बेहतर सप्लाई व्यवस्था और चल रहे सुधारों को वजह बताया गया.
बैठक में यह भी बताया गया कि RLNG कनेक्शन देने का काम तेजी से चल रहा है. सरकार का लक्ष्य है कि जून 2026 तक 3 लाख 50 हजार कनेक्शन पूरे कर लिए जाएं. अधिकारियों के मुताबिक, शिवा गैस फील्ड और बतानी गैस फील्ड की पाइपलाइन चालू हो चुकी है, जबकि कोट पलाक गैस फील्ड से जुड़ी पाइपलाइन पर काम अभी जारी है.
पीएम शहबाज शरीफ ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने नश्पा ब्लॉक में तेल-गैस मिलने पर देश को बधाई दी. उन्होंने OGDCL और अन्य संबंधित संस्थानों के काम की सराहना की. प्रधानमंत्री ने कहा कि नई तेल-गैस खोज को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाना जरूरी है. उनका कहना था कि घरेलू उत्पादन बढ़ने से विदेश से तेल मंगाने पर होने वाला खर्च कम होगा और विदेशी मुद्रा की बचत होगी. प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि तेल और गैस की पूरी सप्लाई व्यवस्था को डिजिटल किया जाए. इसमें आयात से लेकर उपभोक्ता तक की पूरी प्रक्रिया शामिल होगी. प्रधानमंत्री के अनुसार, इससे तस्करी पर रोक लगेगी और सरकारी खजाने को ज्यादा फायदा पहुंचेगा. (Pakistan Oil Gas Discovery Big Reserves Found in Khyber Pakhtunkhwa in Hindi)
विकास में पीछे रह गए इलाके और बढ़ती नाराजगी
एक अहम पहलू यह भी है कि खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान, दोनों ही प्रांत पंजाब की तुलना में कम विकसित माने जाते हैं. इसी वजह से इन इलाकों में पंजाब विरोधी भावना काफी मजबूत है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि सेना, राजनीति और प्रशासन में पंजाब का दबदबा है, जबकि इन इलाकों के संसाधनों का इस्तेमाल बिना बराबरी के किया जाता है.
इसी नाराजगी के बीच हाल ही में मीर यार बलूच ने भारत को एक पत्र लिखा. इस पत्र में उन्होंने पाकिस्तान पर गंभीर आरोप लगाए. उनके अनुसार, बलूचिस्तान पिछले 79 सालों से पाकिस्तान के कब्जे में है. उन्होंने दावा किया कि इस दौरान वहां के लोगों को राज्य प्रायोजित हिंसा, मानवाधिकार उल्लंघन और सरकारी दमन का सामना करना पड़ा है. मीर यार बलूच ने लिखा कि अब समय आ गया है कि इस हालात को खत्म किया जाए, ताकि बलूचिस्तान को स्थायी शांति मिल सके और उसकी पहचान वापस आ सके.
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