इस्लामाबाद और रावलपिंडी में कंटेनरों की घेराबंदी (Photo/X)

इस्लामाबाद और रावलपिंडी में कंटेनरों की घेराबंदी, इंटरनेट और स्कूल बंद, पाकिस्तान में लॉकडाउन जैसे हालात

पाकिस्तान सरकार ने जमात-ए-इस्लामी और PTI के महंगाई के खिलाफ प्रदर्शनों को रोकने के लिए इस्लामाबाद और रावलपिंडी को सील कर दिया है. प्रमुख सड़कों पर हजार से अधिक शिपिंग कंटेनर लगाए गए हैं,.

पाकिस्तान सरकार ने इस्लामाबाद और रावलपिंडी को कड़े सुरक्षा घेरे में तब्दील कर दिया है. प्रमुख सड़कों को बंद करने के लिए एक हजार से ज्यादा शिपिंग कंटेनर लगाए गए हैं. यह बड़ा सुरक्षा अभियान जमात-ए-इस्लामी और इमरान खान की PTI पार्टी की ओर से महंगाई और कानूनी मुद्दों को लेकर प्रस्तावित बड़े राजनीतिक प्रदर्शनों को रोकने के लिए किया गया है. अधिकारियों ने इंटरनेट एक्सेस पर पाबंदियां लगाने, स्कूल बंद करने और संभावित हिंसा या अशांति की स्थिति से निपटने के लिए मेडिकल स्टाफ को अलर्ट पर रखने जैसे कदम उठाए हैं. विशेषज्ञों के मुताबिक, इस तरह के व्यापक बंद से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को हर दिन करीब 400 मिलियन डॉलर का नुकसान हो सकता है. यह स्थिति सरकार की सुरक्षा व्यवस्था और आर्थिक व राजनीतिक सुधार की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों के बीच बढ़ते तनाव को दिखाती है.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By दीपक कुमार गुप्ता

दीपक कुमार गुप्ता प्रभात खबर डिजिटल में Content Writer हैं. वह नेशनल, इंटरनेशनल, बिजनेस और यूटिलिटी से जुड़े कंटेंट तैयार करते हैं. सरकारी योजनाओं, मौसम और राज्यवार खबरों के साथ-साथ देश-दुनिया से जुड़े समसामयिक मुद्दों पर उनकी खास नजर रहती है.

दीपक कुमार गुप्ता ने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पत्रकारिता की पढ़ाई की है और वर्ष 2021 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. इससे पहले वह करीब ढाई साल तक ETV Bharat के साथ काम कर चुके हैं. पत्रकारिता के दौरान उन्होंने न्यूज प्लस, अंतर्कथा विजन न्यूज और पब्लिक ऐप जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के साथ भी काम किया है.

प्रभात खबर डिजिटल में उनका फोकस तथ्यात्मक, विश्वसनीय और उपयोगी जानकारी को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने पर रहता है. उनका प्रयास जटिल मुद्दों और जरूरी अपडेट को इस तरह प्रस्तुत करना है, ताकि पाठक उन्हें आसानी से समझ सकें.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >