पाकिस्तान सरकार ने इस्लामाबाद और रावलपिंडी को कड़े सुरक्षा घेरे में तब्दील कर दिया है. प्रमुख सड़कों को बंद करने के लिए एक हजार से ज्यादा शिपिंग कंटेनर लगाए गए हैं. यह बड़ा सुरक्षा अभियान जमात-ए-इस्लामी और इमरान खान की PTI पार्टी की ओर से महंगाई और कानूनी मुद्दों को लेकर प्रस्तावित बड़े राजनीतिक प्रदर्शनों को रोकने के लिए किया गया है. अधिकारियों ने इंटरनेट एक्सेस पर पाबंदियां लगाने, स्कूल बंद करने और संभावित हिंसा या अशांति की स्थिति से निपटने के लिए मेडिकल स्टाफ को अलर्ट पर रखने जैसे कदम उठाए हैं. विशेषज्ञों के मुताबिक, इस तरह के व्यापक बंद से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को हर दिन करीब 400 मिलियन डॉलर का नुकसान हो सकता है. यह स्थिति सरकार की सुरक्षा व्यवस्था और आर्थिक व राजनीतिक सुधार की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों के बीच बढ़ते तनाव को दिखाती है.
इस्लामाबाद और रावलपिंडी में कंटेनरों की घेराबंदी (Photo/X)
इस्लामाबाद और रावलपिंडी में कंटेनरों की घेराबंदी, इंटरनेट और स्कूल बंद, पाकिस्तान में लॉकडाउन जैसे हालात
पाकिस्तान सरकार ने जमात-ए-इस्लामी और PTI के महंगाई के खिलाफ प्रदर्शनों को रोकने के लिए इस्लामाबाद और रावलपिंडी को सील कर दिया है. प्रमुख सड़कों पर हजार से अधिक शिपिंग कंटेनर लगाए गए हैं,.