Uyghur Muslims: चीन के उइगर मुस्लिमों की आजादी की बात कर बुरे फंसा पाकिस्तान, अब कहा, हैक हो गया अकाउंट

पाकिस्तान वाणिज्य दूतावास जनरल चेंगदू ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से 13 जनवरी को शाम 4 बजकर 14 मिनट पर एक ट्वीट किया. जिसमें लिखा गया, MoFA पाकिस्तान बाढ़ पुनर्निर्माण के लिए चीनी सहायता और समर्थन के लिए आभारी है.

आर्थिक तंगी की मार झेल रहा पाकिस्तान अपने सबसे करीबी दोस्त चीन की दुखती रग पर हाथ रखकर बुरी तरह से फंस गया है. दरअसल उइगर मुस्लिमों के मुद्दे पर पाकिस्तान ने कभी भी ड्रैगन की आलोचना नहीं की, लेकिन पाकिस्तान वाणिज्य दूतावास जनरल चेंगदू ने एक ऐसा ट्वीट कर दिया, जिससे पाकिस्तान अपनी ही जाल में बुरी तरह फंस गया. मछली की तरह फडफड़ा रहे पाक के पास जवाब देने के लिए कुछ नहीं मिल रहा है. दरअसल वाणिज्य दूतावास ने उइगर मुस्लिमों की आजादी को लेकर ट्वीट कर दिया. मामला सामने आने के बाद पाक अपनी गलती से बचने के लिए ट्विटर हैकिंग का बहाना बना दिया.

पाकिस्तान बोला- हैक हो गया ट्विटर अकाउंट

दरअसल पाकिस्तान वाणिज्य दूतावास जनरल चेंगदू ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से 13 जनवरी को शाम 4 बजकर 14 मिनट पर एक ट्वीट किया. जिसमें लिखा गया, MoFA पाकिस्तान बाढ़ पुनर्निर्माण के लिए चीनी सहायता और समर्थन के लिए आभारी है. हम उइगर समुदाय के अधिकारों और स्वतंत्रता सहित पारस्परिक हितों के मामलों पर बारीकी से काम करेंगे. अब क्या था, ट्वीट वायरल होने के बाद पाकिस्तान के होश उड़ गये और आनन-फानन में बयान जारी किया गया और बताया गया कि वाणिज्य दूतावास का आधिकारिक ट्विटर अकाउंट हैक कर लिया गया. विदेश कार्यालय की ओर से बताया गया कि आज से इस अकाउंट से जारी कोई भी ट्वीट या संदेश पाकिस्तानी वाणिज्य दूतावास जनरल चेंगदू द्वारा नहीं किया गया है और न ही यह पाकिस्तान सरकार की स्थिति को दर्शाता है.

क्या है चीन के लिए उइगर मुस्लिम का मामला

चीन पर आरोप हमेशा यह आरोप लगता रहा है कि शिनजियांग प्रांत में लाखों उइगर और अन्य मुसलमानों को हिरासत में रखा गया है. हालांकि चीन इस दावे को नकारता रहा है और डिटेंशन कैंप को ट्रेनिंग सेंटर करार देता है.

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उइगर मुद्दे पर बचता रहा पाकिस्तान

पाकिस्तान चीन में उइगर मुस्लितों की यातना पर हमेशा बचता रहा है. चीन के साथ अपने संबंधों का हवाला देते हुए पाकिस्तान इस मुद्दे पर हमेशा पल्ल झाड़ते रहा है. लेकिन इसबार ट्वीट कर खुद की जाल में फंस गया.

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By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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