रावलपिंडी में धारा 144 लागू, इमरान खान की जेल के बाहर भी लगा कर्फ्यू, क्या बहनों से हो पाएगी मुलाकात?

Pakistan Rawalpindi Curfew Imran Khan: पाकिस्ताान में बवाल की आशंका है. इमरान खान की मौत की अफवाह के बीच मंगलवार, 2 दिसंबर को उनकी अपनी बहनों और अन्य पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात होने वाली है, इससे पहले पाकिस्तान सरकार ने इस्लामाबाद और रावलपिंडी में धारा 144 लगा दी है. जहां पिंडी में यह 3 दिसंबर तक लागू रहेगा, वहीं इस्लामाबाद में यह दो महीने तक चलेगा.

Pakistan Rawalpindi Curfew Imran Khan: पाकिस्तान में इन दिनों दो शख्सियत सबसे ज्यादा चर्चा में हैं. पहला पाक आर्मी के चीफ आसिम मुनीर और दूसरा इमरान खान. मुनीर एक तरह से देश में सर्वोच्च सत्ता का केंद्र बनने की ओर अग्रसर हैं, तो इमरान खान के अस्तित्व पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं. आसिम मुनीर को 27वें संविधान संशोधन के बाद आजीवन तीनों सेनाओं का चीफ बना दिया जाएगा, उन्हें सभी तरह के केसों से मुक्ति मिल जाएगी यानी उन पर कोई केस नहीं चल सकेगा. वहीं  इमरान खान पिछले दो साल से अडियाला जेल में हैं, लेकिन अब उनकी हत्या तक की खबर उड़ने लगी है. पिछले लगभग चार हफ्तों से उनसे किसी को भी मिलने नहीं दिया गया है. वहीं उनके परिवार, पार्टी और पसंद करने वालों पर जोर जबरदस्ती कर भगाने की भी सूचनाएं आईं. हालांकि जब दबाव बढ़ा तो, पाकिस्तान अथॉरिटी ने मंगलवार, 2 दिसंबर को मिलने की अनुमति दी. लेकिन उससे पहले रावलपिंडी और इस्लामाबाद में धारा 144 लगा दी गई है. इसके बाद इलाके में कर्फ्यू जैसे हालात हैं, लेकिन मुलाकात से पहले ही ऐसा क्यों हो रहा है?

डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, इस्लामाबाद जिला मजिस्ट्रेट ने राजधानी क्षेत्र में दो महीने के लिए धारा 144 लागू करने का आदेश जारी किया है, जबकि रावलपिंडी के डिप्टी कमिश्नर ने भी 3 दिसंबर तक यही प्रतिबंध लगाने का फैसला किया. धारा 144 के तहत किसी इलाके में चार या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक लगाई जा सकती है. इस्लामाबाद की अधिसूचना के अनुसार कुछ समूह अवैध सभाएं करने की योजना बना रहे थे, इसलिए पांच या अधिक लोगों की भीड़, जुलूस, रैली और प्रदर्शन पर रोक लगा दी गई है. यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू होकर 18 जनवरी 2026 तक जारी रहेगा. धारा 144 को आमतौर पर कर्फ्यू लगाने ज���सा कदम माना जाता है क्योंकि यह चार या उससे ज्यादा लोगों की किसी भी तरह की सभा को प्रतिबंधित कर देता है. यानी अब रावलपिंडी में 3 तारीख तक सार्वजनिक सभा और हथियारों के प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. 

पीटीआई समर्थकों को रोकने के लिए पाक सरकार तैयार

माना जा रहा है कि शहबाज शरीफ सरकार PTI समर्थकों को इमरान खान के समर्थन में जुटने से रोकने की कोशिश कर रही है. प्रशासन का कहना है कि यह कदम कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक शांति बनाए रखने के लिए जरूरी है. रिपोर्ट के अनुसार, रावलपिंडी प्रशासन ने यह प्रतिबंध जिला इंटेलिजेंस कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर लगाया है, जिसमें संवेदनशील ठिकानों, मुख्य सड़कों और महत्वपूर्ण ढांचों पर संभावित खतरे की ओर संकेत किया गया था. रिपोर्ट में कहा गया कि कुछ समूह बड़े प्रदर्शनों और हिंसक गतिविधियों की तैयारी कर रहे हैं, जिससे कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है. इसलिए रावलपिंडी में तीन दिनों के लिए सार्वजनिक सभाओं और हथियारों के प्रदर्शन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है.

दो साल से जेल में बंद इमरान अब मुलाकात को तरसे

इधर PTI की संसदीय समिति ने घोषणा की है कि पार्टी इस्लामाबाद हाई कोर्ट और अदियाला जेल के बाहर मंगलवार को विरोध प्रदर्शन करेगी क्योंकि इमरान खान से मुलाकात लगातार रोकी जा रही है. 72 वर्षीय इमरान अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं और कई मामलों में दोषी ठहराए गए हैं, जिनके बारे में उनका कहना है कि वे राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं. जेल में रहते हुए उन्हें अपने परिवार, वकीलों और यहां तक कि खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री से मिलने की अनुमति भी कई बार नहीं दी गई, जबकि अदालत ने मुलाकात की मंजूरी दे रखी है.

प्रभात खबर पॉडकास्ट में रवि शास्त्री 7 दिसंबर को.

ये भी पढ़ें:-

पुतिन की भारत यात्रा से पहले वैज्ञानिक की कार में धमाका, मॉस्को में धू-धूकर जली कार, कौन है इसके पीछे?

ट्रंप की धमकियों का नहीं पड़ रहा असर, पादरी और दुल्हन सहित 26 लोगों को उठा ले गए बैंडिट्स

अमेरिकी सैन्य मुख्यालय में बढ़े पिज्जा के ऑर्डर, बढ़ीं वेनेजुएला की धड़कनें, क्या फिर वही इतिहास दोहराएगा US?

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Anant narayan shukla

अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. अनन्त राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर खबरें करते हैं. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यमात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं.

अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं.

इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं.

अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >