Pakistan Balochistan Train Blast: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में रविवार को बड़ा विस्फोट हुआ, जिसके बाद एक मालगाड़ी पटरी से उतर गई. पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस घटना में कम से कम 23 लोगों की मौत और 47 लोग घायल हो गए. घटना दक्षिण-पश्चिम पाकिस्तान के क्वेटा शहर में हुई, जो बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी है. बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है.
रिपोर्ट्स के अनुसार धमाका रेलवे ट्रैक पर किया गया था और निशाना उस मालगाड़ी को बनाया गया, जो क्वेटा के कैंटोनमेंट इलाके से निकल रही थी. बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, धमाका इतना तेज था कि पास खड़ी एक ट्रेन की तीन बोगियां पटरी से उतर गईं, जबकि दो डब्बे पलट गए. रेल ट्रैक के पास खड़े वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा और पास के घर भी क्षतिग्रस्त हो गए. यह हादसा क्वेटा स्टेशन के चमन फाटक के पास हुआ.
यह हमला बीएलए के मजीद ब्रिगेड ने किया. फिदायीन हमले द्वारा किए गए इस अटैक में उस ट्रेन को निशाना बनाया गया, जो क्वेटा कैंट से सैनिकों को ले जा रही थी. सोशल मीडिया एक्स पर बलोच विद्रोहियों से संबंध रखने वाले एक अकाउंट bahott_baloch ने दावा किया कि उन तीन बोगियों में ही सैनिक थे और उन्हें सिटी की तरफ ले जाया जा रहा था.
सोशल मीडिया में इस घटना का एक वीडियो वायरल हो रहा है. इसमें देखा जा सकता है कि एक ट्रेन में आग लगी हुई है और धुएं का गुबार ऊपर तक उठ रहा है. आप भी देखें-
राहत बचाव के साथ-साथ जांच में जुटीं एजेंसियां
स्थिति को देखते हुए अस्पताल में इमरजेंसी घोषित कर दी गई, ताकि घायलों को तुरंत चिकित्सा सहायता दी जा सके. बलूचिस्तान के गृह विभाग के विशेष सहायक बाबर यूसुफजई ने पत्रकारों को बताया कि धमाके की सूचना मिलते ही सुरक्षा बल और रेस्क्यू टीमें घटनास्थल पर पहुंच गईं. उन्होंने कहा कि पुलिस फिलहाल विस्फोट की प्रकृति और उसके पीछे की वजह का पता लगाने में जुटी हुई है.
सेना और पुलिस बल मामले की छानबीन कर रहे हैं. हालांकि, अधिकारियों ने हादसे की वजह और धमाके की वजह से हुए जानमाल के नुकसान के बारे में आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है.
BLA ने ली सुसाइड अटैक की जिम्मेदारी
बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने क्वेटा कैंट से मिलिट्री के जवानों को ले जा रही ट्रेन पर सुसाइड अटैक की जिम्मेदारी ली है. BLA के स्पोक्सपर्सन जयंद बलूच ने एक बयान में कहा कि BLA की सुसाइड यूनिट मजीद ब्रिगेड ने आज सुबह क्वेटा कैंट से ‘कब्जा करने वाली आर्मी’ के जवानों को ले जा रही ट्रेन को एक बहुत ही ऑर्गनाइज्ड सुसाइड अटैक में टारगेट किया. बलूच लिबरेशन आर्मी इस अटैक की पूरी जिम्मेदारी लेती है. जयंद बलूच ने कहा कि अटैक की वजह से दुश्मन को हुए नुकसान और प्रॉपर्टी के नुकसान और इस ऑपरेशन के बारे में डिटेल्ड जानकारी जल्द ही मीडिया को जारी किए जाने वाले एक रेगुलर स्टेटमेंट में दी जाएगी.
क्यों संवेदनशील माना जाता है बलूचिस्तान?
घटना के कई घंटे बाद तक किसी भी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली थी। हालांकि बलूचिस्तान लंबे समय से उग्रवाद और अलगाववादी हिंसा से प्रभावित रहा है. यहां कई सशस्त्र समूह सक्रिय हैं, जो प्रांत की आजादी की मांग करते रहे हैं. इससे पहले भी पाकिस्तान के इस इलाके में जाफर एक्सप्रेस नाम की ट्रेन को लगातार निशाना बनाया जाता रहा है.
बलूचिस्तान पाकिस्तान का खनिज संपदा से भरपूर इलाका माना जाता है. यही क्षेत्र चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे यानी चीन पाकिस्तान इकॉनमिक कॉरिडोर (सीपीईसी) का अहम मार्ग भी है. अरबों डॉलर की इस परियोजना को चीन और पाकिस्तान दोनों के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. इसी वजह से इस इलाके में सुरक्षा चुनौतियां लंबे समय से बनी हुई हैं.
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सीपीईसी के लिए बातचीत करने चीन में हैं पाक पीएम
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ इन दिनों चीन के दौरे पर हैं. अपने भारी-भरकम डेलिगेशन के साथ बीजिंग की यात्रा पर निकले शरीफ चीन के साथ इस कॉरिडोर के दूसरे चरण की फंडिंग की बात करने वाले हैं. हालांकि, सुरक्षा के लिए चुनौती बने इस अशांत क्षेत्र में चीन कितना निवेश करेगा, यह जल्द ही सामने आ जाएगा.
हाल ही में पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने यहां का दौरा किया था. उन्होंने इस क्षेत्र में तैनात सैन्य कर्मियों से बात की थी. आए दिन पाकिस्तान आर्मी की ओर से इस जगह पर कंट्रोल करने के लिए ऑपरेशन किए जाते हैं, लेकिन अपनी आजादी के लिए जान को जोखिम में डालने वाले बलोच विद्रोही इसका बखूबी जवाब देते रहे हैं.
