अल्लाह हमारी मदद को आया, हमने देखा, महसूस किया; ऑपरेशन सिंदूर में हुई थी पिटाई, मुनीर के मुंह से निकला सच

Pakistan Operation Sindoor Asim Munir witnessed Allah: पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने भारत के साथ हुए सैन्य घटनाक्रम को लेकर तथ्यों और वास्तविकता से इतर ‘ईश्वरीय हस्तक्षेप’ का दावा किया है. एक सार्वजनिक कार्यक्रम में उर्दू में भाषण देते हुए मुनीर ने कुरान की आयत का हवाला दिया, “अगर अल्लाह तुम्हारी मदद करे, तो कोई तुम्हें हरा नहीं सकता” और संकेत दिया कि भारत के खिलाफ सैन्य घटनाक्रम के दौरान पाकिस्तान को किसी अदृश्य शक्ति का समर्थन प्राप्त हुआ. उन्होंने यह भी कहा कि यह सहायता हमने महसूस की.

Pakistan Operation Sindoor Asim Munir witnessed Allah: भारत के खिलाफ आतंकवाद को संरक्षण देने और हर सैन्य नाकामी के बाद दैवीय दावों का सहारा लेने की पाकिस्तान की पुरानी आदत एक बार फिर सामने आई है. इस बार पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने भारत के साथ हुए सैन्य घटनाक्रम को लेकर तथ्यों और वास्तविकता से इतर ‘ईश्वरीय हस्तक्षेप’ का दावा किया है. उनके इस बयान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

मुनीर ने यह बयान बंद कमरे में उलेमाओं और मस्जिद के इमामों के सामने दिया. पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार यह वीडियो 10 दिसंबर का बताया जा रहा है. उनके इस भाषण का वीडियो अब सार्वजनिक किया गया है, जिसे रविवार को एक पाकिस्तानी टीवी चैनल ने प्रसारित किया. मुनीर का यह बयान ऑपरेशन सिंदूर को फिर से चर्चा में ले आया है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह इस बात का इशारा है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों की कार्रवाई पाकिस्तान के लिए कितनी गंभीर और प्रभावशाली थी.

ईश्वरीय हस्तक्षेप का दावा और वायरल वीडियो

पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है, जिसमें वह भारत के साथ इस साल मई में हुए सैन्य टकराव का जिक्र करते हुए धार्मिक प्रतीकों और आस्था-आधारित भाषा का इस्तेमाल करते नजर आ रहे हैं. एक सार्वजनिक कार्यक्रम में उर्दू में भाषण देते हुए मुनीर ने कुरान की आयत का हवाला दिया, “अगर अल्लाह तुम्हारी मदद करे, तो कोई तुम्हें हरा नहीं सकता” और संकेत दिया कि भारत के खिलाफ सैन्य घटनाक्रम के दौरान पाकिस्तान को किसी अदृश्य शक्ति का समर्थन प्राप्त हुआ. उन्होंने यह भी कहा कि यह सहायता हमने महसूस की. 

तथ्यों से परे बयानबाजी

मुनीर के बयान से स्पष्ट हो रहा है कि वह सैन्य तथ्यों की बजाय आस्था और रूपकों के सहारे अपनी बात रख रहे थे. मुनीर के इस बयान के वीडियो एक्स (ट्विटर) और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खूब साझा किए जा रहे हैं. हालांकि, प्रभात खबर इस वीडियो की प्रामाणिकता और पूरे संदर्भ की पुष्टि नहीं कर रहा है. इसके बावजूद, यह बयान पाकिस्तान की उस मानसिकता को उजागर करता है, जिसमें ठोस सैन्य जवाबदेही से बचने के लिए अक्सर धार्मिक या भावनात्मक तर्कों का सहारा लिया जाता है.

भारत की सख्त और सटीक कार्रवाई- ‘ऑपरेशन सिंदूर’

पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले, जिसमें 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी, के बाद भारत ने 6-7 मई की दरम्यानी रात को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ लांच किया था. इस ऑपरेशन में भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर के भीतर गहराई में स्थित आतंकी ढांचे को निशाना बनाया. इस अभियान के तहत पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में बहावलपुर और मुरिदके जैसे इलाकों में मौजूद आतंकी शिविरों और लॉन्चपैड्स पर सटीक हमले किए गए. इसके अलावा PoK के मुजफ्फराबाद और कोटली में मौजूद आतंकी प्रशिक्षण शिविर भी भारतीय कार्रवाई की जद में आए.

आतंकवाद पर करारा प्रहार

ये वही क्षेत्र हैं, जिन्हें लंबे समय से पाकिस्तान-समर्थित आतंकी संगठनों का सुरक्षित ठिकाना माना जाता रहा है. इन ठिकानों का इस्तेमाल आतंकियों की भर्ती, हथियार प्रशिक्षण और भारत में घुसपैठ की साजिशों के लिए किया जा रहा था. ऑपरेशन सिंदूर को एक सटीक, सीमित और प्रभावी सैन्य कार्रवाई बताया गया, जिसका उद्देश्य आतंकी नेटवर्क को कमजोर करना था, न कि किसी बड़े युद्ध को न्योता देना.

पाकिस्तान की गुहार पर बंद हुआ ऑपरेशन

इस दौरान पाकिस्तान के कई एयरबेस के रनवे क्षतिग्रस्त हुए और उसकी वायु रक्षा प्रणालियों को भी निष्क्रिय किया गया, जिससे उसकी जवाबी सैन्य क्षमता को गंभीर झटका लगा. भारतीय कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने भारतीय क्षेत्रों की ओर मिसाइलें और ड्रोन दागने की कोशिश की, लेकिन भारत की सतर्क और मजबूत वायु रक्षा प्रणाली ने इन हमलों को नाकाम कर दिया. इसके बाद भारत की ओर से जवाबी कार्रवाई और तेज हुई. करीब चार दिनों तक चले इस सैन्य टकराव में भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान के 11 एयरबेस को गंभीर नुकसान पहुंचाया, जबकि उसकी कई वायु रक्षा प्रणालियां भी निष्क्रिय कर दी गईं. लगातार झटकों के बाद अंततः 10 दिसंबर को पाकिस्तान के डीजीएमओ की ओर से गुहार लगाने के बाद भारत के पास युद्धविराम का संदेश भेजा गया. इसके बाद दोनों देशों ने संघर्ष रोकने की घोषणा की.

भारत का स्पष्ट संदेश

भारतीय नेतृत्व बार-बार यह स्पष्ट कर चुका है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ जारी रणनीतिक अभियान का हिस्सा है. इसका उद्देश्य उन ताकतों को रोकना है जो भारत की सुरक्षा, शांति और दक्षिण एशिया की स्थिरता को खतरे में डालती हैं. ऐसे में पाकिस्तान के सेना प्रमुख द्वारा दैवीय हस्तक्षेप जैसे दावे न केवल वास्तविकता से ध्यान भटकाने की कोशिश लगते हैं, बल्कि यह भी दर्शाते हैं कि पाकिस्तान आज भी आतंकवाद और सैन्य असफलताओं की जिम्मेदारी लेने के बजाय भ्रम और बयानबाजी के रास्ते पर चल रहा है.

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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