आसिम मुनीर- सेल्समैन और शहबाज शरीफ- मैनेजर, इस बात पर पाकिस्तानी संसद में उड़ रहा ‘मालिकों’ का मजाक

Asim Munir and Shehbaz Sharif with Donald Trump: पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का अपने देश में ही मजाक उड़ रहा है. हाल ही में दोनों ही अमेरिका की यात्रा पर थे, जहां उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की. इस दौरान सभी की एक तस्वीर बाहर आई, जिस पर पाकिस्तानी सांसद ने कहा कि मुनीर एक सेल्समैन और शरीफ एक मैनेजर की तरह लग रहे थे.

Asim Munir and Shehbaz Sharif with Donald Trump: पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को अपने देश में आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है. उनके साथ प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को भी पाकिस्तानी संसद में जमकर लताड़ लगाई गई है. हाल ही में आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ छह महीने में तीसरी बार संयुक्त राष्ट्र अमेरिका की यात्रा पर गए थे. इस दौरान उनकी मुलाकात अमेरिका के राष्ट्रपति से हुई. जहां उन्होंने खनिजों से भरा एक बक्सा प्रेसीडेंट के सामने प्रस्तुत किया, इसे देखकर पाकिस्तान के एक सांसद ने कहा कि आसिम मुनीर एक सेल्समैन की तरह लग रहे थे, जबकि प्रधानमंत्री शरीफ एक मैनेजर.

अमेरिका के ओवल ऑफिस से एक तस्वीर जारी की गई, जिसमें आसिम मुनीर दुर्लभ खनिजों से भरा एक बॉक्स लिए हुए हैं, इसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ब्रीफ करते हुए वे उन्हें जानकारी दे रहे हैं. उनके साथ प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी खड़े हैं. इस फोटो के वायरल होने के बाद घरेलू स्तर पर राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया. पाकिस्तानी संसद में सीनेटर ऐमल वली खान ने कहा कि मुनीर खनिजों से भरा बक्सा लिए एक सेल्समैन लग रहे हैं, जबकि पीएम एक मैनेजर की तरह यह सब देख रहे थे.

खान ने कहा, हमारे सेनाध्यक्ष दुर्लभ खनिजों से भरा एक ब्रीफकेस लेकर घूम रहे हैं. क्या मजाक है! यह ते सरासर मजाक था, जिसने भी वह तस्वीर देखी, उसने सोचा, कौन सा आर्मी चीफ खनिजों से भरा बक्सा लेकर घूमेगा? मुझे तो वह एक बड़े, ब्रांडेड स्टोर जैसा लगा- एक मैनेजर खुशी से देख रहा था, जब एक दुकानदार एक ग्राहक को उससे एक बड़ी, चमकदार चीज खरीदने के लिए कह रहा है.

डोनाल्ड ट्रंप को रेयर अर्थ मैटेरियल दिखाते आसिम मुनीर और शहबाज शरीफ. फोटो- सोशल मीडिया.

संविधान का मजाक, यह लोकतंत्र नहीं- खान

ऐमल खान ने यह भी सवाल उठाया कि सेना प्रमुख किस हैसियत से विदेशी नेताओं से बात कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि संसद का अपमान है. उन्होंने इसे तानाशाही करार दिया. उन्होंने कहा कि माफ करना लेकिन यह लोकतंत्र नहीं है. यह संविधान के साथ मजाक है. उन्होंने इसे संसद की स्पष्ट अवमानना भी बताया. इसके साथ ही उन्होंने हाल ही में पाकिस्तान और सऊदी अरब के साथ हुए रक्षा समझौते और ट्रंप के इजराइल-गाजा शांति समझौते पर पाकिस्तान के समर्थन को लेकर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि इस मामले पर संयुक्त संसदीय सत्र का आयोजन किया जाना चाहिए. उन्होंने आसिम मुनीर के राजनीतिक नेताओं के कार्यों को खुद करने पर भी स्पष्टीकरण की मांग रखी.

ये भी पढ़ें:-

जो गाजा में रुका वो आतंकवादी माना जाएगा, तुरंत खाली करो, इजराइल के फाइनल अल्टीमेटम से मची खलबली

इजराइल की हिरासत में ग्रेटा थनबर्ग समेत कई कार्यकर्ता, गाजा से 75 मील दूर सुमुद फ्लोटिला के जहाजों को रोका

अगर न्यूयॉर्क और न्यूजीलैंड नए हैं, तो पुराना यॉर्क और जीलैंड कहां है?

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Anant narayan shukla

अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. अनन्त राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर खबरें करते हैं. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यमात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं.

अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं.

इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं.

अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >